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रसोइया ने ही मिलाया था संतों के खाने में जहर
Updated Thu, 22 Jun 2017 10:07 PM IST
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वृंदावन (मथुरा)। वृंदावन के परिक्रमा मार्ग वराह घाट स्थित वराह आद्य पीठ के महंत सहित 12 संतों के भोजन में रसोइये ने ही जहरीला पदार्थ मिलाया था। रसोइया आश्रम में रखे लाखों रुपये और सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार है। इसका खुलासा गुरुवार को हुआ।
संतों ने पुलिस को अवगत करा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर, चार संतों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। सभी को आईसीयू में रखा गया है, जबकि अन्य को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
बुधवार की दोपहर भोजन के बाद आद्य वराहपीठ के संतों की हालत बिगड़ गई थी। पता चला है कि भोजन में तीन दिन पूर्व ही पीठ में रहने आए भरत नाम के रसोइये ने विषाक्त मिला दिया था। इसका खुलासा गुरुवार की दोपहर आश्रम के महंत रामप्रवेश दास के होश में आने और उनके करीबी शिष्य श्याम दास के भिंड से वृंदावन पहुंचने के बाद हुआ।
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वृंदावन पहुंचे श्याम दास से महंत रामप्रवेश दास ने आश्रम पहुंचकर स्थिति जाननेे को कहा। श्याम दास अपने साथ कुंवरपाल और जगदीश आदि लोगों के साथ आश्रम पहुंचे और महंत के कमरे की अलमारी की तलाशी ली तो सन्न रह गए।
अलमारी से चार लाख रुपये नकद, चांदी का लोटा, 7 चांदी की कटोरी, 12 चांदी के मुकुट, सोने की 8 अंगूठी, चेन और कंठी के साथ ठाकुरजी की वंशी व पायल गायब मिली।
महंत के अनुसार 18 जून को खुद को आगरा के कागारोल का निवासी बताने वाला 30 वर्षीय युवक उनके आश्रम पर आया था, वह आश्रम में सेवा करने की बात कहकर रहने लगा।
बुधवार को भरत ने ही भोजन बनाया और सभी को परोसा, जिसके बाद संत बेहोश हो गए। बताया गया कि भरत लाखों के आभूषण और चार लाख की नगदी लेकर चंपत हुआ है। रमणरेती पुलिस ने महंत से जानकारी एकत्रित की है।
चार अन्य संतों की हालत बिगड़ी, आईसीयू में भर्ती
महंत रामप्रवेश दास सहित 12 संतों का उपचार रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में स्वामी सुमंत दास के नेतृत्व में चिकित्सकों के द्वारा किया जा रहा है।
रात हालत बिगड़ने पर महंत रामप्रवेश दास, ब्रह्मचारी दास और धर्मेश दास को आईसीयू में भर्ती किया गया सुबह हालत में सुधार होने पर तीनों को वार्ड में शिफ्ट किया। जबकि सुबह हालत बिगड़ने के बाद रामदास, गया प्रसाद दास, केशव दास और शिवदास को आईसीयू में भर्ती किया।
उधर, अंगददास, सीतरामदास, खड़ेश्वरदास, रामवीरदास, गंगादास, विनयदास का वार्ड में उपचार चल रहा है।
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पालक व मूंग की दाल में मिलाया था विषाक्त
वृंदावन। वराह आद्य पीठ के महंत सहित सभी संतों ने बुधवार को एक साथ भोजन किया। भोजन में पालक मूंग की दाल, लाकी की भाजी, मठा के साथ रोटी का सेवन किया। इस भोजन का सेवन जिसने भी किया, वही बीमार हो गया।
संत तो आश्रम में अचेत हो गए, जबकि भवानी शंकर और गिरधारी सुबह खेत पर चले गए इसी कारण बीमार नहीं हुए। रसोइये भरत ने भोजन नहीं किया और बची दाल को आश्रम के बाहर फैंक गया।
कई दिन से घूम रहा था संदिग्ध
वृंदावन। अपने को आगरा के कागारोल निवासी बताने वाला भरत वराह आद्य पीठ में आने से पूर्व कई आश्रमों में नौकरी की तलाश में गया था।
सुखदाम आश्रम के व्यवस्थापक बाबा बलरामदास ने बताया कि 18 जून से पूर्व एक युवक उनके यहां नौकरी मांगने आया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
दो मोबाइल भी ले गया भरत
वृंदावन। वराह आद्य पीठ में चोरी की घटना को अंजाम देने वाला भरत अपने साथ विनयदास के दो मोबाइल भी ले गया।
महंत के शिष्य पप्पू चौधरी ने बताया कि भरत के मोबाइल तो बंद हैं, लेकिन विनय के मोबाइल पर घंटी बज रही है। उधर, ट्रू कॉलर पर भरत, निवासी वृंदावन रमणरेती जानकारी आ रहा है।
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संतों ने पुलिस को अवगत करा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उधर, चार संतों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। सभी को आईसीयू में रखा गया है, जबकि अन्य को वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
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बुधवार की दोपहर भोजन के बाद आद्य वराहपीठ के संतों की हालत बिगड़ गई थी। पता चला है कि भोजन में तीन दिन पूर्व ही पीठ में रहने आए भरत नाम के रसोइये ने विषाक्त मिला दिया था। इसका खुलासा गुरुवार की दोपहर आश्रम के महंत रामप्रवेश दास के होश में आने और उनके करीबी शिष्य श्याम दास के भिंड से वृंदावन पहुंचने के बाद हुआ।
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वृंदावन पहुंचे श्याम दास से महंत रामप्रवेश दास ने आश्रम पहुंचकर स्थिति जाननेे को कहा। श्याम दास अपने साथ कुंवरपाल और जगदीश आदि लोगों के साथ आश्रम पहुंचे और महंत के कमरे की अलमारी की तलाशी ली तो सन्न रह गए।
अलमारी से चार लाख रुपये नकद, चांदी का लोटा, 7 चांदी की कटोरी, 12 चांदी के मुकुट, सोने की 8 अंगूठी, चेन और कंठी के साथ ठाकुरजी की वंशी व पायल गायब मिली।
महंत के अनुसार 18 जून को खुद को आगरा के कागारोल का निवासी बताने वाला 30 वर्षीय युवक उनके आश्रम पर आया था, वह आश्रम में सेवा करने की बात कहकर रहने लगा।
बुधवार को भरत ने ही भोजन बनाया और सभी को परोसा, जिसके बाद संत बेहोश हो गए। बताया गया कि भरत लाखों के आभूषण और चार लाख की नगदी लेकर चंपत हुआ है। रमणरेती पुलिस ने महंत से जानकारी एकत्रित की है।
चार अन्य संतों की हालत बिगड़ी, आईसीयू में भर्ती
महंत रामप्रवेश दास सहित 12 संतों का उपचार रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में स्वामी सुमंत दास के नेतृत्व में चिकित्सकों के द्वारा किया जा रहा है।
रात हालत बिगड़ने पर महंत रामप्रवेश दास, ब्रह्मचारी दास और धर्मेश दास को आईसीयू में भर्ती किया गया सुबह हालत में सुधार होने पर तीनों को वार्ड में शिफ्ट किया। जबकि सुबह हालत बिगड़ने के बाद रामदास, गया प्रसाद दास, केशव दास और शिवदास को आईसीयू में भर्ती किया।
उधर, अंगददास, सीतरामदास, खड़ेश्वरदास, रामवीरदास, गंगादास, विनयदास का वार्ड में उपचार चल रहा है।
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पालक व मूंग की दाल में मिलाया था विषाक्त
वृंदावन। वराह आद्य पीठ के महंत सहित सभी संतों ने बुधवार को एक साथ भोजन किया। भोजन में पालक मूंग की दाल, लाकी की भाजी, मठा के साथ रोटी का सेवन किया। इस भोजन का सेवन जिसने भी किया, वही बीमार हो गया।
संत तो आश्रम में अचेत हो गए, जबकि भवानी शंकर और गिरधारी सुबह खेत पर चले गए इसी कारण बीमार नहीं हुए। रसोइये भरत ने भोजन नहीं किया और बची दाल को आश्रम के बाहर फैंक गया।
कई दिन से घूम रहा था संदिग्ध
वृंदावन। अपने को आगरा के कागारोल निवासी बताने वाला भरत वराह आद्य पीठ में आने से पूर्व कई आश्रमों में नौकरी की तलाश में गया था।
सुखदाम आश्रम के व्यवस्थापक बाबा बलरामदास ने बताया कि 18 जून से पूर्व एक युवक उनके यहां नौकरी मांगने आया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
दो मोबाइल भी ले गया भरत
वृंदावन। वराह आद्य पीठ में चोरी की घटना को अंजाम देने वाला भरत अपने साथ विनयदास के दो मोबाइल भी ले गया।
महंत के शिष्य पप्पू चौधरी ने बताया कि भरत के मोबाइल तो बंद हैं, लेकिन विनय के मोबाइल पर घंटी बज रही है। उधर, ट्रू कॉलर पर भरत, निवासी वृंदावन रमणरेती जानकारी आ रहा है।