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फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
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दस्तावेज
- फोटो : demo pic
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बरनाहल (मैनपुरी)। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से मोटी रकम ऐंठने वाले गिरोह के सदस्यों को पकड़ लिया है। पुलिस ने सरगना और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से फर्जी कागजात, स्टांप आदि सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक गैंग में पांच सदस्य और हैं, पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
थाना पुलिस को सूचना मिली कि गांव इकहरा का रहने वाला फर्जी दस्तावेज बनाता है। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने छापा मारकर आरोपी ऋषि कुमार (गांव इकहरा) और साथी गांव ककर्रा निवासी बिजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस को लैपटॉप, प्रिंटर, बने अधबने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट और सर्टिफिकेट, सनद, वाहनों की आरसी, आधार कार्ड, एसडीएम करहल की मुहर, नोटरी, कई फोटो मिले। पुलिस दोनों को पकड़ कर थाने ले गई।
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इस दौरान आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज बनाने की बात को स्वीकार करते हुए गिरोह के पांच अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी दी। पकड़ा गया ऋषि कुमार गिरोह का सरगना है। पुलिस ने रविवार को लिखापढ़ी करने के बाद जेल भेजा।
जनसेवा केंद्र चलाता था आरोपी
थानाध्यक्ष जेडी सिंह ने बताया कि सरगना ऋषि कुमार चार वर्ष पूर्व गांव में जनसेवा केंद्र चलाता था। वह कंप्यूटर की खासी जानकारी रखता है। वहां उसकी मुलाकात बिजेंद्र से हुई। कुछ समय बाद ही दोनों ने फर्जी दस्तावेज बनाने का काम शुरू कर दिया।
दोनों करीब तीन वर्ष से यह धंधा कर रहे थे। फर्जी मार्कशीट बनाकर मनमाना रुपया वसूलने लगे। बिजेंद्र का काम लोगों को फंसा कर लाना था। पुलिस अब गिरोह के अन्य साथियों का पता लगाने में जुट गई है।
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थाना पुलिस को सूचना मिली कि गांव इकहरा का रहने वाला फर्जी दस्तावेज बनाता है। जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने छापा मारकर आरोपी ऋषि कुमार (गांव इकहरा) और साथी गांव ककर्रा निवासी बिजेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।
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पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस को लैपटॉप, प्रिंटर, बने अधबने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट और सर्टिफिकेट, सनद, वाहनों की आरसी, आधार कार्ड, एसडीएम करहल की मुहर, नोटरी, कई फोटो मिले। पुलिस दोनों को पकड़ कर थाने ले गई।
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इस दौरान आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज बनाने की बात को स्वीकार करते हुए गिरोह के पांच अन्य सदस्यों के बारे में भी जानकारी दी। पकड़ा गया ऋषि कुमार गिरोह का सरगना है। पुलिस ने रविवार को लिखापढ़ी करने के बाद जेल भेजा।
जनसेवा केंद्र चलाता था आरोपी
थानाध्यक्ष जेडी सिंह ने बताया कि सरगना ऋषि कुमार चार वर्ष पूर्व गांव में जनसेवा केंद्र चलाता था। वह कंप्यूटर की खासी जानकारी रखता है। वहां उसकी मुलाकात बिजेंद्र से हुई। कुछ समय बाद ही दोनों ने फर्जी दस्तावेज बनाने का काम शुरू कर दिया।
दोनों करीब तीन वर्ष से यह धंधा कर रहे थे। फर्जी मार्कशीट बनाकर मनमाना रुपया वसूलने लगे। बिजेंद्र का काम लोगों को फंसा कर लाना था। पुलिस अब गिरोह के अन्य साथियों का पता लगाने में जुट गई है।