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प्रधान, वीडीओ के खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:39 PM IST
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किशनी (मैनपुरी)। ग्रामप्रधान तथा ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत से शौचालय निर्माण में गबन का मामला सामने आया है। सहायक पंचायत विकास अधिकारी पंचायत की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्रामसभा ऊँचा इस्लामाबाद के पूर्व प्रधान राजेश तिवारी ने आरटीआई के तहत ग्रामसभा में शौचालयों के निर्माण की सूचना मांगी थी। साथ ही डीएम से मामले में गड़बड़ी की शिकायत भी की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि ग्रामपंचायत में कुल 390 शौचालयों का निर्माण किया गया।
प्रत्येक शौचालय के लिये सरकार द्वारा 12 हजार प्रति शौचालय के हिसाब से भुगतान किया गया। बाद में डीएम ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को जांच के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट के अनुसार 390 शौचालयों में से नौ शौचालय बनाए ही नहीं गए। 17 अपूर्ण पाए गए।
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निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। आरटीआई में 307 शौचालयों की सूची उपलब्ध कराई गई। ग्राम पंचायत सचिव द्वारा आरटीआई के तहत 361 तथा बाद में 390 शौचालयों के निर्माण की गलत सूचना दी गई। 307 शौचालय का निर्माण किया गया। वहीं, 390 शौचालयों का रुपया निकाल लिया गया।
ग्राम पंचायत सचिव पुष्पेंद्र सिंह तथा ग्रामप्रधान कमलेश कुमारी द्वारा व्यय की गई धन राशि के वाउचर उपलब्ध न कराने से व्यय की गई धनराशि का सही मूल्यांकन नहीं हो सका। जांच रिपोर्ट के बाद डीपीआरओ ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने के निर्देश दिए। सहायक विकास अधिकारी पंचायत की तहरीर पर पुलिस ने सरकारी धन के गबन के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ग्रामसभा ऊँचा इस्लामाबाद के पूर्व प्रधान राजेश तिवारी ने आरटीआई के तहत ग्रामसभा में शौचालयों के निर्माण की सूचना मांगी थी। साथ ही डीएम से मामले में गड़बड़ी की शिकायत भी की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि ग्रामपंचायत में कुल 390 शौचालयों का निर्माण किया गया।
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प्रत्येक शौचालय के लिये सरकार द्वारा 12 हजार प्रति शौचालय के हिसाब से भुगतान किया गया। बाद में डीएम ने जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को जांच के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट के अनुसार 390 शौचालयों में से नौ शौचालय बनाए ही नहीं गए। 17 अपूर्ण पाए गए।
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निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। आरटीआई में 307 शौचालयों की सूची उपलब्ध कराई गई। ग्राम पंचायत सचिव द्वारा आरटीआई के तहत 361 तथा बाद में 390 शौचालयों के निर्माण की गलत सूचना दी गई। 307 शौचालय का निर्माण किया गया। वहीं, 390 शौचालयों का रुपया निकाल लिया गया।
ग्राम पंचायत सचिव पुष्पेंद्र सिंह तथा ग्रामप्रधान कमलेश कुमारी द्वारा व्यय की गई धन राशि के वाउचर उपलब्ध न कराने से व्यय की गई धनराशि का सही मूल्यांकन नहीं हो सका। जांच रिपोर्ट के बाद डीपीआरओ ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने के निर्देश दिए। सहायक विकास अधिकारी पंचायत की तहरीर पर पुलिस ने सरकारी धन के गबन के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।