{"_id":"598ca4784f1c1b7b188b4735","slug":"150238937615-firozabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनचली बातें, गंदे मजाक करता है और ‘यार’ कहता है एनपीआरसी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मनचली बातें, गंदे मजाक करता है और ‘यार’ कहता है एनपीआरसी
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:01 AM IST
विज्ञापन
meera road call center scam
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। एनपीआरसी मुझसे मनचली बातें करता है और भद्दे मजाक भी। एनपीआरसी केंद्र पर बैठक न करके जानबूझकर अपने मूल विद्यालय में बुलाता है। वहां यातायात का साधन नहीं है। वह अपने साथ बाइक पर चलने को कहता है। ऐसा ही शिकायती पत्र शिकायत टूंडला ब्लाक के प्राइमरी स्कूल में कार्यरत शिक्षिका ने मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा सचिव, बीएसए और एबीएसए को भेजा है।
शिक्षिका की शिकायत से शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। शिक्षिकाओं ने शिकायती पत्र में लिखा कि एनपीआरसी रात में फोन करके परेशान करता है और ‘यार ’ कहकर बात कहता है। ऐसा करने से मना किया तो शिक्षिका को मीटिंग के बहाने बुलाकर छेड़छाड़ भी की। शिक्षका ने सामाजिक दृष्टि से देखते हंगामा नहीं किया और अपने पति को भी एनपीआरसी के ‘यार’ कहने की बात बताई। मई 2017 में जब शिक्षिका के पति ने एनपीआरसी को फोन किया तब उसने ऐसा करने से इंकार कर दिया और पति को मिलने के बहाने बुलाया। पति को जान से मारने की नीयत से हमला किया और गाली दीं। जो आसपास के विद्यालयों में काफी चर्चा का विषय रहा। पति से शादी करने का प्रमाण पत्र मांगा, अन्यथा वेतन रुकवाने की धमकी दी। एनपीआरसी के साथ एक और शिक्षक है, जो इस तरह के कृत्य में उसका सहयोग करता है।
और कई शिक्षिका है उत्पीड़न का शिकार
शिकायती पत्र में लिखा है कि उस एनपीआरसी क्षेत्र की कई महिला शिक्षिका एनपीआरसी के उत्पीड़न का शिकार है। यौन उत्पीड़न, मानसिक उत्पीड़न का शिकार कई शिक्षिकाएं समाज में बदनामी के डर से चुप हैं।
विज्ञापन
क्या कहते हैं बीएसए
हम इलाहाबाद कोर्ट में थे, इसलिए हमें जानकारी नहीं है। अगर ऐसा मामला है कि यह बहुत ही शर्मनाक है। शिकायत के आधार पर हम जांच कराएंगे। दोषी सिद्ध होने पर एनपीआरसी और उनके साथियों के विरूद्ध ऐसी कार्रवाई करेंगे कि इस तरह की हरकत की पुर्नावृत्ति न हो सके।
डा. सचिदानंद यादव
बेसिक शिक्षाधिकारी
विज्ञापन
शिक्षिका की शिकायत से शिक्षा विभाग में हलचल मच गई है। शिक्षिकाओं ने शिकायती पत्र में लिखा कि एनपीआरसी रात में फोन करके परेशान करता है और ‘यार ’ कहकर बात कहता है। ऐसा करने से मना किया तो शिक्षिका को मीटिंग के बहाने बुलाकर छेड़छाड़ भी की। शिक्षका ने सामाजिक दृष्टि से देखते हंगामा नहीं किया और अपने पति को भी एनपीआरसी के ‘यार’ कहने की बात बताई। मई 2017 में जब शिक्षिका के पति ने एनपीआरसी को फोन किया तब उसने ऐसा करने से इंकार कर दिया और पति को मिलने के बहाने बुलाया। पति को जान से मारने की नीयत से हमला किया और गाली दीं। जो आसपास के विद्यालयों में काफी चर्चा का विषय रहा। पति से शादी करने का प्रमाण पत्र मांगा, अन्यथा वेतन रुकवाने की धमकी दी। एनपीआरसी के साथ एक और शिक्षक है, जो इस तरह के कृत्य में उसका सहयोग करता है।
विज्ञापन
और कई शिक्षिका है उत्पीड़न का शिकार
शिकायती पत्र में लिखा है कि उस एनपीआरसी क्षेत्र की कई महिला शिक्षिका एनपीआरसी के उत्पीड़न का शिकार है। यौन उत्पीड़न, मानसिक उत्पीड़न का शिकार कई शिक्षिकाएं समाज में बदनामी के डर से चुप हैं।
विज्ञापन
क्या कहते हैं बीएसए
हम इलाहाबाद कोर्ट में थे, इसलिए हमें जानकारी नहीं है। अगर ऐसा मामला है कि यह बहुत ही शर्मनाक है। शिकायत के आधार पर हम जांच कराएंगे। दोषी सिद्ध होने पर एनपीआरसी और उनके साथियों के विरूद्ध ऐसी कार्रवाई करेंगे कि इस तरह की हरकत की पुर्नावृत्ति न हो सके।
डा. सचिदानंद यादव
बेसिक शिक्षाधिकारी