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एसबी ऑर्नामेंट्स ने सरेंडर किए 12 करोड़
एसबी ऑर्नामेंट्स ने सरेंडर किए 12 करोड़
Updated Sat, 24 Dec 2016 01:21 AM IST
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एसबी ऑर्नामेंट्स ने सरेंडर किए 12 करोड़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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प्रमुख बुलियन कारोबारी की फर्म एसबी ऑर्नामेंट्स के आगरा समेत देशभर के 11 ठिकानों पर आयकर छापे की कार्रवाई 30 घंटे तक चली। इसके बाद फर्म ने 12 करोड़ रुपये की अघोषित आय सरेंडर की है। कार्रवाई में आयकर विभाग की दिल्ली व इन्वेस्टीगेशन विंग के 75 अफसर और कर्मचारी शामिल रहे।
टीम ने दिनेशचंद्र सिंघल और राजेश कुमार की चौबेजी का फाटक स्थित फर्म एसबी ऑर्नामेंट्स के दिल्ली और आगरा में 11 ठिकानों पर गुरुवार दोपहर को 12.30 बजे एक साथ सर्च शुरू की थी। चांदी आयात करने वाली जिले की सबसे बड़ी इस फर्म के किनारी बाजार स्थित चौबेजी का फाटक, रघु आर्केड, संजय प्लेस, सिटी स्टेशन रोड, नेहरू नगर और घटिया स्थित ठिकानों पर सर्च शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे तक चली।
दिल्ली स्थित फर्म के कोआपरेटिव आफिस में भी अधिकारी जांच में लगे रहे। विभागीय सूत्रों ने बताया कि कंपनी के निदेशक 24 करोड़ रुपये की प्रविष्टि का जरिया नहीं बता सके। कई अन्य बिंदुओं पर भी पड़ताल की गई। इसके बाद देर शाम फर्म ने 12 करोड़ रुपये की अघोषित आय सरेंडर कर दी। बता दें, नोटबंदी के बाद से शहर के प्रमुख ज्वेलर पर एक के बाद एक सर्वे और सर्च की कार्रवाई की जा रही है।
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सराफा बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा
आगरा। शहर के सराफा बाजारों में दूसरे दिन शुक्रवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। गुरुवार को चौबेजी के फाटक में एसबी ऑर्नामेंट्स फर्म पर छापे की खबर के बाद कई बड़ी फर्मों के शटर गिर गए थे। शुक्रवार को भी उनके ताले नहीं खुले। बड़े कारोबारियों ने खरीद और बिक्री नहीं की। कार्रवाई से व्यापारी सहमे से नजर आए। हालांकि बाजार का कुछ हिस्सा खुल गया। किनारी बाजार, नमक की मंडी और फव्वारा में पूरे दिन एसबी ऑर्नामेंट्स पर छापे की चर्चा होती रही।
अगला छापा किस ज्वेलर पर दिन भर चर्चा
आगरा। सराफा बाजार में दुकानें तो नहीं खुलीं लेकिन भीड़ खूब रही। सभी की नजरें इस पर लगी थीं कि एसबी ऑर्नामेंट्स पर क्या कार्रवाई की जाती है। चर्चा में सवाल था कि अगला छापा किस ज्वेलर पर पड़ेगा। कारण यह है कि आठ नवंबर के बाद सराफों पर आयकर की छापामारी कुछ तेज हो गई है। कारण यही माना जा रहा है कि नोटबंदी के एलान के बाद काफी लोगों ने गोल्ड खरीदा था। माना जा रहा है कि यह खरीद कालेधन को सोने में बदलने के लिए की गई थी। अब इसी पर फोकस करके तमाम सर्च और सर्वे किए जा रहे हैं।
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टीम ने दिनेशचंद्र सिंघल और राजेश कुमार की चौबेजी का फाटक स्थित फर्म एसबी ऑर्नामेंट्स के दिल्ली और आगरा में 11 ठिकानों पर गुरुवार दोपहर को 12.30 बजे एक साथ सर्च शुरू की थी। चांदी आयात करने वाली जिले की सबसे बड़ी इस फर्म के किनारी बाजार स्थित चौबेजी का फाटक, रघु आर्केड, संजय प्लेस, सिटी स्टेशन रोड, नेहरू नगर और घटिया स्थित ठिकानों पर सर्च शुक्रवार शाम साढ़े छह बजे तक चली।
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दिल्ली स्थित फर्म के कोआपरेटिव आफिस में भी अधिकारी जांच में लगे रहे। विभागीय सूत्रों ने बताया कि कंपनी के निदेशक 24 करोड़ रुपये की प्रविष्टि का जरिया नहीं बता सके। कई अन्य बिंदुओं पर भी पड़ताल की गई। इसके बाद देर शाम फर्म ने 12 करोड़ रुपये की अघोषित आय सरेंडर कर दी। बता दें, नोटबंदी के बाद से शहर के प्रमुख ज्वेलर पर एक के बाद एक सर्वे और सर्च की कार्रवाई की जा रही है।
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सराफा बाजारों में पसरा रहा सन्नाटा
आगरा। शहर के सराफा बाजारों में दूसरे दिन शुक्रवार को भी सन्नाटा पसरा रहा। गुरुवार को चौबेजी के फाटक में एसबी ऑर्नामेंट्स फर्म पर छापे की खबर के बाद कई बड़ी फर्मों के शटर गिर गए थे। शुक्रवार को भी उनके ताले नहीं खुले। बड़े कारोबारियों ने खरीद और बिक्री नहीं की। कार्रवाई से व्यापारी सहमे से नजर आए। हालांकि बाजार का कुछ हिस्सा खुल गया। किनारी बाजार, नमक की मंडी और फव्वारा में पूरे दिन एसबी ऑर्नामेंट्स पर छापे की चर्चा होती रही।
अगला छापा किस ज्वेलर पर दिन भर चर्चा
आगरा। सराफा बाजार में दुकानें तो नहीं खुलीं लेकिन भीड़ खूब रही। सभी की नजरें इस पर लगी थीं कि एसबी ऑर्नामेंट्स पर क्या कार्रवाई की जाती है। चर्चा में सवाल था कि अगला छापा किस ज्वेलर पर पड़ेगा। कारण यह है कि आठ नवंबर के बाद सराफों पर आयकर की छापामारी कुछ तेज हो गई है। कारण यही माना जा रहा है कि नोटबंदी के एलान के बाद काफी लोगों ने गोल्ड खरीदा था। माना जा रहा है कि यह खरीद कालेधन को सोने में बदलने के लिए की गई थी। अब इसी पर फोकस करके तमाम सर्च और सर्वे किए जा रहे हैं।