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देवर को बचाने के लिए भाभी ने दी जान
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देवर को बचाने के लिए भाभी ने दी जान
महिला की मौत से घर में पसरा मातम
अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। कुर्रा थाना क्षेत्र के गांव अल्लीपुर में महिला की हत्या से घर में मातम पसरा हुआ है। हमलावरों का निशाना रोजगार सेवक था, लेकिन देवर को बचाने के चक्कर में महिला की मौत हो गई। भाभी की मौत से रोजगार सेवक बेसुध है।
अफसरों के आदेश के चलते रोजगार सेवक विनय यादव ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में बाहर से आने वालों की सूची तैयार की थी लेकिन नामजद आरोपियों के सिर पर सूची में नाम दर्ज होने से खून सवार हो गया था। रोजगार सेवक विनय ने बताया कि बुधवार सुबह अचानक हमलावर असलहा लेकर घर में घुस आए। उसके साथ मारपीट करने लगे। इस बीच परिवार के भाई दिनेश कुमार, भाई दिनेश के साले समोद ने हमलावरों को रोकने की कोशिश की। चीख पुकार सुनकर भाभी संध्या भी आ गईं। वह भी हमलावरों को रोकती रहीं, लेकिन हमलावरों के सिर पर खून सवार था। बार-बार वह कह रहे थे कि इसे जिंदा नहीं छोड़ना है। इसी बीच शैलेंद्र ने उसके ऊपर गोली चला दी। पास ही खड़ी भाभी ने उसे धक्का दे दिया। इससे वह तो बच गया, लेकिन उसकी भाभी गोली लगने से खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ीं। जब तक वह उन्हें इलाज के लिए लेकर जाता उनकी मौत हो चुकी थी।
-तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया
जरा सी बात को लेकर हुए विवाद के बाद नामजद लोगों ने महिला की हत्या कर दी। महिला की मौत से तीन बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। पोस्टमार्टम पर मौजूद परिजन रोते हुए कह रहे थे कि अब संध्या की छह वर्षीय बेटी रिया, चार वर्षीय पुत्र आलोक और एक वर्षीय किशन की परवरिश कौन करेगा।
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हंसते खेलते परिवार को लगी नजर
रोजगार सेवक के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। विनय रोजगार सेवक के रूप में कामकाज कर रहा है। वहीं भाई दिनेश कुमार खेतीबाड़ी करके परिवार का भरण पोषण कर रहा था। दोनों ही भाई एक साथ रहते हुए हंसी खुशी से जीवन जी रहे थे। अचानक हुए विवाद के बाद महिला की हत्या से हंसते खेलते परिवार को नजर लग गई।
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महिला की मौत से घर में पसरा मातम
अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। कुर्रा थाना क्षेत्र के गांव अल्लीपुर में महिला की हत्या से घर में मातम पसरा हुआ है। हमलावरों का निशाना रोजगार सेवक था, लेकिन देवर को बचाने के चक्कर में महिला की मौत हो गई। भाभी की मौत से रोजगार सेवक बेसुध है।
अफसरों के आदेश के चलते रोजगार सेवक विनय यादव ने ग्राम पंचायत क्षेत्र में बाहर से आने वालों की सूची तैयार की थी लेकिन नामजद आरोपियों के सिर पर सूची में नाम दर्ज होने से खून सवार हो गया था। रोजगार सेवक विनय ने बताया कि बुधवार सुबह अचानक हमलावर असलहा लेकर घर में घुस आए। उसके साथ मारपीट करने लगे। इस बीच परिवार के भाई दिनेश कुमार, भाई दिनेश के साले समोद ने हमलावरों को रोकने की कोशिश की। चीख पुकार सुनकर भाभी संध्या भी आ गईं। वह भी हमलावरों को रोकती रहीं, लेकिन हमलावरों के सिर पर खून सवार था। बार-बार वह कह रहे थे कि इसे जिंदा नहीं छोड़ना है। इसी बीच शैलेंद्र ने उसके ऊपर गोली चला दी। पास ही खड़ी भाभी ने उसे धक्का दे दिया। इससे वह तो बच गया, लेकिन उसकी भाभी गोली लगने से खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ीं। जब तक वह उन्हें इलाज के लिए लेकर जाता उनकी मौत हो चुकी थी।
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-तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया
जरा सी बात को लेकर हुए विवाद के बाद नामजद लोगों ने महिला की हत्या कर दी। महिला की मौत से तीन बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। पोस्टमार्टम पर मौजूद परिजन रोते हुए कह रहे थे कि अब संध्या की छह वर्षीय बेटी रिया, चार वर्षीय पुत्र आलोक और एक वर्षीय किशन की परवरिश कौन करेगा।
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हंसते खेलते परिवार को लगी नजर
रोजगार सेवक के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। विनय रोजगार सेवक के रूप में कामकाज कर रहा है। वहीं भाई दिनेश कुमार खेतीबाड़ी करके परिवार का भरण पोषण कर रहा था। दोनों ही भाई एक साथ रहते हुए हंसी खुशी से जीवन जी रहे थे। अचानक हुए विवाद के बाद महिला की हत्या से हंसते खेलते परिवार को नजर लग गई।