{"_id":"5d22310d8ebc3e6cb47b2469","slug":"crime-mainpuri-news-agr395019620","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्ज से परेशान युवक ने दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कर्ज से परेशान युवक ने दी जान
विज्ञापन
07एमएनपी-14-मृतक रमन का फाइल फोटो
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। कुर्रा क्षेत्र में एक युवक ने शनिवार की रात नीम के पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। उसका शव रविवार की सुबह पेड़ से लटका मिला। वह रात में दिल्ली से लौटा था। पिता ने बताया कि पहली पुत्री की शादी में लाखों का कर्ज हो गया था। पीड़ित के अनुसार साहूकारों का कर्ज दिनों रात ब्याज के रूप में बढ़ता ही जा रहा था। इससे वह परेशान था।
थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव लहरा एमनीपुर निवासी अनुसूचित जाति के कैलाश चंद्र मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। पांच बेटों और दो बेटियों के परिवार की जैसे गुजर बसर कर रहे हैं। एक पुत्री संगीता की करीब तीन वर्ष पूर्व शादी हो गई थी, इसके लिए कैलाश ने करीब तीन लाख रुपये का कर्ज भी लिया था।
पीड़ित के अनुसार साहूकारों का कर्ज दिनों रात ब्याज के रूप में बढ़ता ही जा रहा था। उधर तीसरे नंबर का पुत्र रमन चंचल दिल्ली में एक प्राइवेट नौकरी करने लगा। जो भी कमाई हो पाती वह ब्याज चुकाने में निकलने लगी। इस बीच रमन की बहन प्रियंका भी शादी के योग्य हो चुकी है।
विज्ञापन
पिता-पुत्र फोन पर अकसर शादी को लेकर बात किया करते थे। रमन शादी के लिए रुपये जुटाने की बात कहता था, उधर पिता पैसों की मजबूरी जताता था। शनिवार की रात परिजनों को बिना जानकारी दिए ही रमन गांव आया, लेकिन घर नहीं गया। उसने गांव के बाहर दौलतपुर के पास नीम के पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी।
मृतक के पिता ने बताया कि बड़ी बेटी की शादी में लिए गए कर्ज चुकता नहीं हो पाने के कारण रमन परेशान था। वहीं दूसरी बहन की शादी के रुपये न जुटा पाने के कारण भी वह चिंतित रहता था।
विज्ञापन
थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव लहरा एमनीपुर निवासी अनुसूचित जाति के कैलाश चंद्र मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। पांच बेटों और दो बेटियों के परिवार की जैसे गुजर बसर कर रहे हैं। एक पुत्री संगीता की करीब तीन वर्ष पूर्व शादी हो गई थी, इसके लिए कैलाश ने करीब तीन लाख रुपये का कर्ज भी लिया था।
विज्ञापन
पीड़ित के अनुसार साहूकारों का कर्ज दिनों रात ब्याज के रूप में बढ़ता ही जा रहा था। उधर तीसरे नंबर का पुत्र रमन चंचल दिल्ली में एक प्राइवेट नौकरी करने लगा। जो भी कमाई हो पाती वह ब्याज चुकाने में निकलने लगी। इस बीच रमन की बहन प्रियंका भी शादी के योग्य हो चुकी है।
विज्ञापन
पिता-पुत्र फोन पर अकसर शादी को लेकर बात किया करते थे। रमन शादी के लिए रुपये जुटाने की बात कहता था, उधर पिता पैसों की मजबूरी जताता था। शनिवार की रात परिजनों को बिना जानकारी दिए ही रमन गांव आया, लेकिन घर नहीं गया। उसने गांव के बाहर दौलतपुर के पास नीम के पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी।
मृतक के पिता ने बताया कि बड़ी बेटी की शादी में लिए गए कर्ज चुकता नहीं हो पाने के कारण रमन परेशान था। वहीं दूसरी बहन की शादी के रुपये न जुटा पाने के कारण भी वह चिंतित रहता था।