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सेल्समैन की हत्या का मामला- पुराना था दोस्ताना एक पल में बन गया अफसाना
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कासगंज के सुन्नगढ़ी में सेल्समैन की मौत के बाद मौके पर पहुंच डॉग स्क्वायड टीम
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। सुन्नगढ़ी में अंग्रेजी शराब की दुकान पर काम करने वाले सेल्समैन और हत्या के आरोपी पुलिस वाहन चालक के बीच पुराना दोस्ताना था। सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र में दो साल पहले एक शराब के ठेके से शुरू हुई दोस्ती परिवार तक जा पहुंची थी।
उपेंद्र एक साल पहले सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र में एक शराब के ठेके पर काम करता था। उस समय पुलिस वाहन चालक श्याम सिंह सिकंदरपुर वैश्य थाने में तैनात था। यहां से उपेंद्र और श्याम सिंह के बीच दोस्ती का सिलसिला शुरू हो गया। उसके बाद पुलिस वाहन चालक का स्थानांतरण सुन्नगढ़ी थाने में हो गया। स्थानांतरण से पहले सेल्समैन और पुलिस चालक के बीच दोस्ती के नींव काफी मजबूत हो गई।
वह सुन्नगढ़ी थाने में तैनात होने के बाद भी सेल्समैन से मिलने सिकंदरपुर वैश्य जाता रहता था। यही नहीं धीमे-धीमे परिवार के लोगों से भी वाहन चालक ने रिश्ता बना लिया और उनसे भी बातचीत करने लगा था। तीन महीने पहले उपेंद्र सुन्नगढ़ी अंग्रेजी शराब के ठेके पर सेल्समैन बनकर पहुंचा। फिर तो दोनों के बीच हर रोज ही मुलाकात होती थी। शराब के ठेके से शुरू हुई यह दोस्ती परिवार के बीच भी एक मजबूत रिश्ता बनाती जा रही थी, लेकिन उपेंद्र की मौत के बाद अब दोस्ती का रिश्ता सिर्फ कहानी बनकर रह गया है।
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परिवार में कोहराम, परिजनों का बुरा हाल
मौत की खबर जैसे ही फर्रुखाबाद के गांव नगला लोचन में पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण सुन्नगढ़ी पहुंच गए। परिवार की महिलाएं भी पहुंच गईं थीं। यहां उनका रो रोकर बुरा हाल था। उपेंद्र के दो भाई और दो बहने हैं। उपेंद्र सबसे छोटा था और उसने हाईस्कूल की परीक्षा पास कर ली थी। अंग्रजी शराब की दुकान पर काम करने के साथ साथ वह आगे की पढ़ाई करने की तैयारी कर रहा था।
बोले मृतक के पिता, दोस्ती निभाने साथ चला जाता था
मृतक के पिता रामशंकर ने बताया कि पुलिस वाहन चालक श्याम सिंह से उनके बेटे उपेंद्र की दोस्ती थी। वह पहले भी कई बार वाहन चालक के साथ कई जगह जाता रहा है। क्योंकि पहले भी उसने एक दो बार हमें फोन पर बताया कि वह अपने पुलिस वाहन चालक दोस्त के साथ काम से आया है। चिंता की कोई बात नहीं है। मेरा बेटा दोस्ती के खातिर कई बार घूमने चला जाता था।
वर्जन-
- दोस्ती का मामला सामने आया है। हर पहलू पर जांच करा रहे हैं। सभी तथ्यों पर जांच होने के बाद जो सच्चाई सामने आएगी उसके आधार पर कार्रवाई होगी- आदित्य वर्मा, एएसपी।
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उपेंद्र एक साल पहले सिकंदरपुर वैश्य क्षेत्र में एक शराब के ठेके पर काम करता था। उस समय पुलिस वाहन चालक श्याम सिंह सिकंदरपुर वैश्य थाने में तैनात था। यहां से उपेंद्र और श्याम सिंह के बीच दोस्ती का सिलसिला शुरू हो गया। उसके बाद पुलिस वाहन चालक का स्थानांतरण सुन्नगढ़ी थाने में हो गया। स्थानांतरण से पहले सेल्समैन और पुलिस चालक के बीच दोस्ती के नींव काफी मजबूत हो गई।
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वह सुन्नगढ़ी थाने में तैनात होने के बाद भी सेल्समैन से मिलने सिकंदरपुर वैश्य जाता रहता था। यही नहीं धीमे-धीमे परिवार के लोगों से भी वाहन चालक ने रिश्ता बना लिया और उनसे भी बातचीत करने लगा था। तीन महीने पहले उपेंद्र सुन्नगढ़ी अंग्रेजी शराब के ठेके पर सेल्समैन बनकर पहुंचा। फिर तो दोनों के बीच हर रोज ही मुलाकात होती थी। शराब के ठेके से शुरू हुई यह दोस्ती परिवार के बीच भी एक मजबूत रिश्ता बनाती जा रही थी, लेकिन उपेंद्र की मौत के बाद अब दोस्ती का रिश्ता सिर्फ कहानी बनकर रह गया है।
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परिवार में कोहराम, परिजनों का बुरा हाल
मौत की खबर जैसे ही फर्रुखाबाद के गांव नगला लोचन में पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण सुन्नगढ़ी पहुंच गए। परिवार की महिलाएं भी पहुंच गईं थीं। यहां उनका रो रोकर बुरा हाल था। उपेंद्र के दो भाई और दो बहने हैं। उपेंद्र सबसे छोटा था और उसने हाईस्कूल की परीक्षा पास कर ली थी। अंग्रजी शराब की दुकान पर काम करने के साथ साथ वह आगे की पढ़ाई करने की तैयारी कर रहा था।
बोले मृतक के पिता, दोस्ती निभाने साथ चला जाता था
मृतक के पिता रामशंकर ने बताया कि पुलिस वाहन चालक श्याम सिंह से उनके बेटे उपेंद्र की दोस्ती थी। वह पहले भी कई बार वाहन चालक के साथ कई जगह जाता रहा है। क्योंकि पहले भी उसने एक दो बार हमें फोन पर बताया कि वह अपने पुलिस वाहन चालक दोस्त के साथ काम से आया है। चिंता की कोई बात नहीं है। मेरा बेटा दोस्ती के खातिर कई बार घूमने चला जाता था।
वर्जन-
- दोस्ती का मामला सामने आया है। हर पहलू पर जांच करा रहे हैं। सभी तथ्यों पर जांच होने के बाद जो सच्चाई सामने आएगी उसके आधार पर कार्रवाई होगी- आदित्य वर्मा, एएसपी।