फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   crime in etah, police

दिव्यांग को दौड़ाकर फंस गई पुलिस

Wed, 11 Sep 2019 12:12 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2019 12:12 AM IST
विज्ञापन
crime in etah, police
एटा। रस्सी का सांप बनाने की आदत पुलिस की पुरानी है। इसी आदत के चलते अलीगंज पुलिस के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक की गर्दन फंस गई है। पीड़ित ने डीजीपी कार्यालय में शिकायत करके मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। लखनऊ से डिप्टी एसपी स्तर से की गई प्राथमिक जांच में पुलिस फंस गई है। वहंी क्राइम ब्रांच आगरा और सीओ सकीट की जांच में भी अलीगंज पुलिस के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दोषी पाए गए हैं।
विज्ञापन

थाना अलीगंज में अपराध संख्या 419/16 तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार की ओर से धारा 5/25 के तहत शस्त्र फैक्ट्री चलाने के आरोप में अभियोग दर्ज कराया गया था। मामले में मंतोष उर्फ अवधेश, रामवीर, रामसनेही, विवेक, अनूप राजू और करू सहित सात को आरोपी बनाया गया था। विवेक की गिरफ्तारी मौके से दिखाई गई।
विज्ञापन

वहीं अन्य फरार दिखाए गए। मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए संतोष के भाई परतोष पुत्र सुरेश चंद्र निवासी ग्राज जहान नगर थाना राजा का रामपुर की ओर से डीजीपी से गुहार लगाई गई। मामले की जांच हुई तो पुलिस की झूठ को सच बनाने की असलियत सामने आ गई। जांच में पाया गया कि दिव्यांग रामवीर, जो एक पैर से चल नहीं पाता था, उसे पुलिस ने भागा दिखाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं मंतोष उर्फ अवधेश घटना स्थल से 40 किमी दूर कायमगंज में एटीएम से रुपये निकालने का साक्ष्य प्रस्तुत कर चुका था। जांच अधिकारियों ने कई अन्य साक्ष्यों को भी जुटाया। इसके बाद घटना को रूप देने की कहानी खुलने लगी। जांच रिपोर्ट के बाद दोषी पाए गए पुलिस कर्मियों की गर्दन फंसती जा रही है। मामले में जल्द ही दोषी पुलिसकर्मियों पर गाज गिर सकती है।
मंतोष के भाई परतोष ने मामले की शिकायत डीजीपी से की थी। जिसके बाद डीजीपी स्तर से डिप्टी एसपी लखनऊ ओपी शर्मा को भेजकर कराई गई। इसके बाद 23 मई 2017 को जांच आईजी आगरा को भेजी गई। यहां से क्राइम ब्रांच आगरा ने जांच शुरू की।

इस जांच में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सतीश कुमार को दोषी पाया गया। इसके पश्चात सीओ सकीट रामनिवास की ओर से जिला स्तर पर भी जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में भी तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अलीगंज सतीश कुमार दोषी बताए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed