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भैंस के हमले से बालिका की मौत
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करहल। गांव निटावली में बुधवार को भैंस को खूंटा से बांधने जा रही बालिका पर भैंस हमलावर हो गई। बालिका को सींगों से उठाकर कई बार जमीन पर पटका। इससे वह मरणासन्न स्थिति में पहुंच गई। परिजन आनन फानन में सैफई मिनी पीजीआई ले गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
गांव निटावली निवासी ओमनरायन सिंह दूध का व्यवसाय करते हैं। बुधवार को उन्होंने भैंसों को चारा पानी दिया। दोपहर करीब दो बजे उनकी 12 वर्षीय पुत्री गोल्डी एक भैंस को खूंटे पर बांधने ले जा रही थी। परिजनों के अनुसार तभी अचानक भैंस हमलावर हो गई। भैंस का सींग लगने के बाद वह गिर गई। इसके बाद भैंस ने उसे सींगों में फंसाकर कई बार उठा उठाकर पटका। इससे वह मरणासन्न स्थिति में पहुंच गई। जानकारी होते पर परिजन भैंस के पास पहुंचे तो बच्ची खून से लथपथ पड़ी थी। आनन फानन में परिजन मिनी पीजीआई सैफई ले गए। वहां चिकित्सकों ने बालिका को मृत घोषित कर दिया।
पहली चीख सुन लेते तो बच जाती जान
भैंस जब बालिका पर हमलावर हुई तो बालिका जमीन पर गिरकर तेजी के साथ चीखी। घर के सभी लोग अंदर थे। वहीं एक साथ कई भैंस आसपास खड़ी थीं। किसी की जंजीर तो किसी के रम्हाने की आवाज के बीच बच्ची की चीख दब गई। परिजन अगर बच्ची की पहली पुकार सुन लेते तो शायद उसकी जान बच भी सकती थी।
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गांव निटावली निवासी ओमनरायन सिंह दूध का व्यवसाय करते हैं। बुधवार को उन्होंने भैंसों को चारा पानी दिया। दोपहर करीब दो बजे उनकी 12 वर्षीय पुत्री गोल्डी एक भैंस को खूंटे पर बांधने ले जा रही थी। परिजनों के अनुसार तभी अचानक भैंस हमलावर हो गई। भैंस का सींग लगने के बाद वह गिर गई। इसके बाद भैंस ने उसे सींगों में फंसाकर कई बार उठा उठाकर पटका। इससे वह मरणासन्न स्थिति में पहुंच गई। जानकारी होते पर परिजन भैंस के पास पहुंचे तो बच्ची खून से लथपथ पड़ी थी। आनन फानन में परिजन मिनी पीजीआई सैफई ले गए। वहां चिकित्सकों ने बालिका को मृत घोषित कर दिया।
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पहली चीख सुन लेते तो बच जाती जान
भैंस जब बालिका पर हमलावर हुई तो बालिका जमीन पर गिरकर तेजी के साथ चीखी। घर के सभी लोग अंदर थे। वहीं एक साथ कई भैंस आसपास खड़ी थीं। किसी की जंजीर तो किसी के रम्हाने की आवाज के बीच बच्ची की चीख दब गई। परिजन अगर बच्ची की पहली पुकार सुन लेते तो शायद उसकी जान बच भी सकती थी।
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