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आखिर अपराधियों के पास कहां से आते कारतूस
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मैनपुरी। आखिर अपराधियों के पास कारतूस कहां से आते हैं। आमतौर पर पुलिस एक तमंचे और दो कारतूसों के साथ अपराधियों को पकड़कर जेल भेज देती है। अपराधियों के पास मिले कारतूसों के बारे में पुलिस उनसे कोई जानकारी तक नहीं जुटाती है। पुलिस द्वारा जानकरी नहीं जुटाने से कारतूसों के खेल का खुलासा नहीं हो पाता है।
आए दिन पुलिस किसी न किसी स्थान से अपराधी को पकड़कर उसके पास से एक तमंचा और दो कारतूस बरामद करती है। जिसे पुलिस का गुड वर्क भी माना जाता है। पुलिस उनको लिखापढ़ी करके जेल तो भेज देती है। लेकिन उनके पास मिले कारतूसों की खरीद के संबंध में पूछताछ करना जरूरी नहीं समझती है।
अपराधियों के पास मिले 12 और 315 बोर के कारतूस आखिर कहां से आते हैं इसका आज तक पता ही नहीं चल सका है। सामान्य तौर पर अपराधी के पास दो ही कारतूस होना भी आज तक रहस्यमय ही बना हुआ है। सूत्रों की मानें तो पुलिस द्वारा इस संबंध में जानकारी नहीं जुटाने से कारतूसों का खेल लंबे समय से चला आ रहा है। इस संबंध में अगर जांच कराई जाए तो कई नए तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
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आए दिन पुलिस किसी न किसी स्थान से अपराधी को पकड़कर उसके पास से एक तमंचा और दो कारतूस बरामद करती है। जिसे पुलिस का गुड वर्क भी माना जाता है। पुलिस उनको लिखापढ़ी करके जेल तो भेज देती है। लेकिन उनके पास मिले कारतूसों की खरीद के संबंध में पूछताछ करना जरूरी नहीं समझती है।
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अपराधियों के पास मिले 12 और 315 बोर के कारतूस आखिर कहां से आते हैं इसका आज तक पता ही नहीं चल सका है। सामान्य तौर पर अपराधी के पास दो ही कारतूस होना भी आज तक रहस्यमय ही बना हुआ है। सूत्रों की मानें तो पुलिस द्वारा इस संबंध में जानकारी नहीं जुटाने से कारतूसों का खेल लंबे समय से चला आ रहा है। इस संबंध में अगर जांच कराई जाए तो कई नए तथ्य भी सामने आ सकते हैं।
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