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गोवंश को लेकर नगला खंजी में विवाद
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कासगंज सोरों के नगला खंजी में गोवंशों को मुक्त कराती पुलिस
- फोटो : KASGANJ
कासगंज। सोरों कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला खंजी में पशुपालकों द्वारा छोड़े गए पालतू गोवंशों ने किसानों की फसलें नष्ट कर दी। इस पर किसानों ने गोवंश को बंधक लिया। मामले में पशुपालकों और किसानों में विवाद हो गया। सूचना पर राजस्व और पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस और राजस्व टीम ने 21 गोवंशों को मुक्त कराकर पशुपालकों के सुपुर्द कर दिया।
गांव नगला खंजी में पशुपालकों ने चारे के संकट के आगे सोमवार को गोवंशों को छोड़ दिया। पालतू गोवंश खेतों में घुस गए और फसलों को नष्ट करने लगे। इस पर किसानों ने 21 गोवंश बंधक बना लिए। इसके बाद पशुपालकों और किसानों के बीच विवाद हो गया। सूचना पुलिस और राजस्व विभाग को दी गई। मौके पर कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल राकेश कुमार पहुंच गए। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की। इसके बाद गोवंश पशुपालकों के सुपुर्द कर दिए गए। चेतावनी दी यदि गोवंशों को फिर से खुला छोड़ा गया तो मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा।
लगातार बंधक बनाए जा रहे गोवंश
कासगंज। गोवंश को बंधक बनाने का सिलसिला जारी है। प्रशासन की मुसीबतें बढ़ी हुई हैं। गोशालाओं में गोवंशों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। ऐसे में कई गोशालाओं में क्षमता से अधिक गोवंश संरक्षित हैं।
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- पशुपालकों ने अपने गोवंश खुले छोड़ दिए थे। बंधक बनाए गए गोवंश मुक्त कराकर पशुपालकों के सुपुर्द कर दिए गए। यदि किसी पशुपालक ने फिर से गोवंश खुले छोड़े तो कार्रवाई की जाएगी।
- रिपुदमन सिंह, कोतवाली प्रभारी, सोरों
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गांव नगला खंजी में पशुपालकों ने चारे के संकट के आगे सोमवार को गोवंशों को छोड़ दिया। पालतू गोवंश खेतों में घुस गए और फसलों को नष्ट करने लगे। इस पर किसानों ने 21 गोवंश बंधक बना लिए। इसके बाद पशुपालकों और किसानों के बीच विवाद हो गया। सूचना पुलिस और राजस्व विभाग को दी गई। मौके पर कोतवाली प्रभारी रिपुदमन सिंह, क्षेत्रीय लेखपाल राकेश कुमार पहुंच गए। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की। इसके बाद गोवंश पशुपालकों के सुपुर्द कर दिए गए। चेतावनी दी यदि गोवंशों को फिर से खुला छोड़ा गया तो मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा।
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लगातार बंधक बनाए जा रहे गोवंश
कासगंज। गोवंश को बंधक बनाने का सिलसिला जारी है। प्रशासन की मुसीबतें बढ़ी हुई हैं। गोशालाओं में गोवंशों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। ऐसे में कई गोशालाओं में क्षमता से अधिक गोवंश संरक्षित हैं।
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- पशुपालकों ने अपने गोवंश खुले छोड़ दिए थे। बंधक बनाए गए गोवंश मुक्त कराकर पशुपालकों के सुपुर्द कर दिए गए। यदि किसी पशुपालक ने फिर से गोवंश खुले छोड़े तो कार्रवाई की जाएगी।
- रिपुदमन सिंह, कोतवाली प्रभारी, सोरों