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गैंगरेप में 4 को 22 साल का कारावास, पीड़िता पर चलेगा ये केस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 04 Feb 2018 09:38 AM IST
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मथुरा में एक महिला को कार से घर छोड़ने का झांसा देकर सामूहिक दुष्कर्म करने वाले चार लोगों को अदालत ने 22 साल के कारावास की सजा सुनाई है। जबकि एक को 25 साल की जेल हुई है। वहीं महिला को पक्षद्रोही घोषित किया है।
10 जून 2014 को हरियाणा के एक जिले की रहने वाली महिला मथुरा निवासी अपनी बहन से मिलने आई थी। घर लौटते समय छटीकरा के निकट बस का इंतजार कर रही थी।
तभी कार सवार लोगों ने उसे बल्लभगढ़ पहुंचाने के झांसा देकर कार में बैठा लिया और उसे जंगल में ले गए। जहां पांच लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता ने थाना कोसीकलां में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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10 जून 2014 को हरियाणा के एक जिले की रहने वाली महिला मथुरा निवासी अपनी बहन से मिलने आई थी। घर लौटते समय छटीकरा के निकट बस का इंतजार कर रही थी।
तभी कार सवार लोगों ने उसे बल्लभगढ़ पहुंचाने के झांसा देकर कार में बैठा लिया और उसे जंगल में ले गए। जहां पांच लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया। पीड़िता ने थाना कोसीकलां में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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एफटीसी प्रथम की अदालत ने शनिवार को गैंगरेप के अभियुक्त शब्बो उर्फ शबीर निवासी खरोंट कोसीकलां को 25 साल तथा शकरू, वशीर, सप्पो और मुफीद निवासी खरौंटा वृंदावन को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
एफटीसी प्रथम के न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी की कोर्ट ने सभी पर 50 हजार का जुर्माना भी तय किया है। इस मामले के आरोपी अनीस को जुबैनायल कोर्ट में भेजा गया, जबकि एक अन्य आरोपी कालू को कोर्ट ने बरी कर दिया।
एडीजीसी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट में गवाही के दौरान पीड़िता बयान से पलट गई थी। जिसके चलते न्यायालय ने उसे पक्षद्रोही घोषित किया है। अभियुक्त कालू और सप्पो बाहर थे। सजा के बाद सप्पो को जेल भेजा गया। अन्य अभियुक्त जेल में ही थे।
एफटीसी प्रथम के न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी की कोर्ट ने सभी पर 50 हजार का जुर्माना भी तय किया है। इस मामले के आरोपी अनीस को जुबैनायल कोर्ट में भेजा गया, जबकि एक अन्य आरोपी कालू को कोर्ट ने बरी कर दिया।
एडीजीसी प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट में गवाही के दौरान पीड़िता बयान से पलट गई थी। जिसके चलते न्यायालय ने उसे पक्षद्रोही घोषित किया है। अभियुक्त कालू और सप्पो बाहर थे। सजा के बाद सप्पो को जेल भेजा गया। अन्य अभियुक्त जेल में ही थे।