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पति की हत्या में पत्नी और दो प्रेमियों को उम्रकैद
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मैनपुरी। एफटीसी जज अखिलेश कुमार ने बुधवार को पति की हत्या में आरोपी महिला और उसके दो प्रेमियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके बाद तीनों को जेल भेजा गया है।
मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज अखिलेश कुमार की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक सहित गवाहों ने घटना के समर्थन में गवाही दी। इसके आधार पर तीनों को हत्या करके शव गायब करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी अशोक कुमार यादव ने उनको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा।
थाना भोगांव के नरसिंहपुर निवासी हरप्रसाद शाक्य चार फरवरी 2013 की शाम चार बजे खेत पर गए थे। उनके पीछे उनकी पत्नी मलोदा देवी, गांव के प्रेमचंद्र शाक्य, पुष्पेंद्र सिंह भी खेत पर गए। जब हरप्रसाद घर नहीं आया तो परिवार के लोगों ने तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उसकी पत्नी, प्रेमचंद्र, पुष्पेंद्र भी गांव से गायब हो गए।
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हरप्रसाद के भाई ओमप्रकाश ने तीनों के खिलाफ हरप्रसाद की हत्या करके शव गायब करने की रिपोर्ट थाना भोगांव में आठ फरवरी 2013 को दर्ज करा दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेजने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी थी।
पुलिस की जांच में सामने आया था कि हरप्रसाद की पत्नी मलोदा देवी के पास गंाव के प्रेमचंद्र और पुष्पेंद्र का आना जाना था। हरप्रसाद उनका घर में आने का विरोध करता था। दोनों ने कई बार हरप्रसाद को ठिकाने लगाने की धमकी दी थी। इसके बाद मलोदा देवी के कहने पर प्रेमचंद्र और पुष्पेंद्र ने हरप्रसाद की हत्या करके शव को गायब कर दिया।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मलोदा देवी, प्रेमचंद्र, पुष्पेंद्र को जेल भेज दिया। उनकी किसी भी अदालत से जमानत नहीं हो सकी। उनको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। बुधवार को निर्णय सुनने के लिए उनको जेल से ही अदालत लाया गया। सजा सुनाने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया।
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मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज अखिलेश कुमार की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक सहित गवाहों ने घटना के समर्थन में गवाही दी। इसके आधार पर तीनों को हत्या करके शव गायब करने का दोषी पाया गया। एडीजीसी अशोक कुमार यादव ने उनको कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने तीनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उनको 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा।
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थाना भोगांव के नरसिंहपुर निवासी हरप्रसाद शाक्य चार फरवरी 2013 की शाम चार बजे खेत पर गए थे। उनके पीछे उनकी पत्नी मलोदा देवी, गांव के प्रेमचंद्र शाक्य, पुष्पेंद्र सिंह भी खेत पर गए। जब हरप्रसाद घर नहीं आया तो परिवार के लोगों ने तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। उसकी पत्नी, प्रेमचंद्र, पुष्पेंद्र भी गांव से गायब हो गए।
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हरप्रसाद के भाई ओमप्रकाश ने तीनों के खिलाफ हरप्रसाद की हत्या करके शव गायब करने की रिपोर्ट थाना भोगांव में आठ फरवरी 2013 को दर्ज करा दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जेल भेजने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी थी।
पुलिस की जांच में सामने आया था कि हरप्रसाद की पत्नी मलोदा देवी के पास गंाव के प्रेमचंद्र और पुष्पेंद्र का आना जाना था। हरप्रसाद उनका घर में आने का विरोध करता था। दोनों ने कई बार हरप्रसाद को ठिकाने लगाने की धमकी दी थी। इसके बाद मलोदा देवी के कहने पर प्रेमचंद्र और पुष्पेंद्र ने हरप्रसाद की हत्या करके शव को गायब कर दिया।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मलोदा देवी, प्रेमचंद्र, पुष्पेंद्र को जेल भेज दिया। उनकी किसी भी अदालत से जमानत नहीं हो सकी। उनको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। बुधवार को निर्णय सुनने के लिए उनको जेल से ही अदालत लाया गया। सजा सुनाने के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया।