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आगरा में कोरोना वायरस: मुख्यमंत्री के आदेश पर शुरू हुई पूल टेस्टिंग आठ दिन से बंद
Tue, 12 May 2020 12:20 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 12 May 2020 12:20 PM IST
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आगरा में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच अफसरों की मनमानी देखिए। मुख्यमंत्री के आदेश पर शुरू हुई पूल टेस्टिंग पिछले आठ दिन से बंद है। इधर, एकल सैंपलिंग की रिपोर्ट भी समय पर नहीं मिल रहीं। विगत सप्ताह पूल टेस्टिंग में चार सब्जी विक्रेता व एक पुलिस कर्मी संक्रमित निकले थे। दवा विक्रेता इसकी मांग कर रहे थे। लेकिन अचानक यह बंद कर दी गई।
कोरोना संक्रमण की जांच का दायरा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा, लखनऊ व गोरखपुर में पूल टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए थे। आगरा दौरे पर नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने इस प्रक्रिया को शुरू कराया।
प्रदेश में आगरा पहला जिला था जहां सब्जी विक्रेताओं की पूल टेस्टिंग हुई। फिर पुलिसकर्मियों की पूल टेस्ट से कोरोना जांच की गई। पूल टेस्टिंग में पांच केस पॉजिटिव निकले। लेकिन इसके बाद अचानक जिला प्रशासन ने पूल टेस्टिंग व्यवस्था बीच में ही रोक दी।
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दो मई के बाद आगरा में कोई पूल टेस्ट नहीं हुआ। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहना है कि पूल टेस्टिंग में बहुत समय लग रहा था। इसकी जगह मोबाइल लैब से सैंपलिंग शुरू कराई है।
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कोरोना संक्रमण की जांच का दायरा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा, लखनऊ व गोरखपुर में पूल टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए थे। आगरा दौरे पर नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने इस प्रक्रिया को शुरू कराया।
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प्रदेश में आगरा पहला जिला था जहां सब्जी विक्रेताओं की पूल टेस्टिंग हुई। फिर पुलिसकर्मियों की पूल टेस्ट से कोरोना जांच की गई। पूल टेस्टिंग में पांच केस पॉजिटिव निकले। लेकिन इसके बाद अचानक जिला प्रशासन ने पूल टेस्टिंग व्यवस्था बीच में ही रोक दी।
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दो मई के बाद आगरा में कोई पूल टेस्ट नहीं हुआ। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहना है कि पूल टेस्टिंग में बहुत समय लग रहा था। इसकी जगह मोबाइल लैब से सैंपलिंग शुरू कराई है।
ऐसे होती है पूल टेस्टिंग
10 लोगों का एक समूह (पूल) होता है। एक ही घोल में सभी लोगों के नमूने लेकर जांच होती है। अगर पूल पॉजिटिव आता है, तो एक-एक कर फिर सभी की अलग से सैंपलिंग की जाती है।
सामाजिक संक्रमण का चलता पता
अलग-अलग वर्गों में पूल टेस्टिंग से सामाजिक संक्रमण का पता लगाना भी आसान होता। आगरा में संक्रमण की रफ्तार से इसकी आशंका जताई जा रही है। संक्रमण की कई चेन बनने के बाद आगरा में दवा व्यापारियों ने भी पूल टेस्टिंग कराने की मांग की थी। परंतु इस संबंध में प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की।
डीएम से पूछेंगे, क्यों बंद की पूल टेस्टिंग
प्रमुख सचिव व नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि पूल टेस्ट तब किए जाते हैं जब बहुत संख्या में संक्रमण फैला हो। मैंने पिछले दौरे पर इसके आदेश दिए थे। ये व्यवस्था क्यों बंद हुई। इसकी समीक्षा की जाएगी। डीएम से पूछा जाएगा।
सामाजिक संक्रमण का चलता पता
अलग-अलग वर्गों में पूल टेस्टिंग से सामाजिक संक्रमण का पता लगाना भी आसान होता। आगरा में संक्रमण की रफ्तार से इसकी आशंका जताई जा रही है। संक्रमण की कई चेन बनने के बाद आगरा में दवा व्यापारियों ने भी पूल टेस्टिंग कराने की मांग की थी। परंतु इस संबंध में प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की।
डीएम से पूछेंगे, क्यों बंद की पूल टेस्टिंग
प्रमुख सचिव व नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि पूल टेस्ट तब किए जाते हैं जब बहुत संख्या में संक्रमण फैला हो। मैंने पिछले दौरे पर इसके आदेश दिए थे। ये व्यवस्था क्यों बंद हुई। इसकी समीक्षा की जाएगी। डीएम से पूछा जाएगा।