मथुरा में नाइट कर्फ्यू: 150 से अधिक कोरोना मरीज मिलने के बाद डीएम ने लिया फैसला
- जिले में कोरोना के खतरनाक स्तर पर पहुंचने पर डीएम ने लिया फैसला
- रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक सड़कों पर आवागमन प्रतिबंधित
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मथुरा में कोरोना संक्रमण के खतरनाक स्तर को देखते हुए रविवार रात नौ बजे से नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। नाइट कर्फ्यू के दौरान आवश्यक सेवाएं जैसे दवाएं, दूध, फल सब्जी, रसोई गैस की आपूर्ति में छूट दी गई है। नाइट कर्फ्यू का यह आदेश अग्रिम आदेश आने तक जारी रहेगा। कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन कार्रवाई करेगा। बेकाबू होते कोरोना संक्रमण के बाद आखिरकार जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठा ही लिए। रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक के लिए जनपद भर में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि जनपद में कोविड-19 के संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पूरे जिले में नाइट कर्फ्यू लगाते हुए लोगों के आवागमन को प्रतिबंधित कर दिया है। इसमें आवश्यक सेवाएं, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा आवश्यक वस्तुओं दवा, सब्जी, फल, दूध, रसोई गैस, सीएनजी, की आपूर्ति पूर्व की भांति बनी रहेगी।
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इन सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों, कोरोना वॉरियर्स, स्वच्छताकर्मी, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडियाकर्मी, डोर स्टेप डिलीवरी से जुडे़ व्यक्तियों की ड्यूटी संबधित आवागमन पर प्रतिबंध नहीं होगा और उनके परिचय पत्र को ही मान्य किया जाएगा।
इसी तरह मंडी से आने वाला थोक व्यापारी अपने निर्धारित समय अथवा मंडी परिसर परिसर द्वारा नियत समय के अनुसार संचालित होता रहेगा। थोक, फल, सब्जी खरीद ब्रिकी संबंधी आवागमन प्रतिबंधों से मुक्त होगा। आवश्यक सेवाओं सुरक्षा, सुरक्षाकर्मचाररियों, एटीएम टेलिकॉम मेंटिनेंस आपातकालीन मेटिनेंस सेवा इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर आदि आपातकालीन सर्विस वर्कर्स को जाने दिया जाएगा।
औद्योगिक कारखाने, जिनमें आईटी एवं आईटीइफ से जुडे़ उद्योग भी शामिल हैं। वहीं, भारत सरकार के अधिकारी, कर्मचारी, राज्य सरकार के अधिकार कर्मचारी, स्वास्थ्य, अधीनस्थ कार्यालय, सार्वजनिक, निगम, जिला प्रशासन के कार्यालय सुचारू रहेंगे। निजी चिकित्सकों को भी प्रतिबंध में छूट दी गई है। पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर लगे अधिकारी कर्मचारी प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।