अमर उजाला पड़ताल: 32 बूथों का दावा, कोरोना जांच सिर्फ चुनिंदा केंद्रों पर, भटक रहे लोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा में एक तरफ संक्रमण बढ़ रहा है, दूसरी तरफ लोग कोरोना जांच के लिए भटक रहे हैं। रविवार को प्रशासन ने 32 जांच केंद्रों की सूची जारी की। सोमवार को अमर उजाला ने इन केंद्रों की पड़ताल की तो पता चला कि नगला पदी, मोती महल, जीवनी मंडी, मंटोला, शाहगंज, लोहामंडी समेत कई केंद्रों पर जांच नहीं हो रहीं।
शहर में जांच के लिए एक मात्र जिला अस्पताल स्थित केंद्र पर सुबह से शाम तक सैंपल देने के लिए लोगों की कतारें लगी हैं। भीड़ उमड़ रही है। दो गज दूरी पालन नहीं हो पा रहा। सैंपल देने के लिए एक घंटे तक धूप में इंतजार करना पड़ रहा है। सोमवार को अमर उजाला ने अन्य केंद्रों की हालत जानी।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगला पदी की अधीक्षक सुनीता ने बताया कि 10 दिनों से कोई सैंपल कलेक्शन नहीं हुआ। यमुना पार स्थित मोतीमहल स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका मिला। जीवनी मंडी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी जांचें बंद हैं। लोहामंडी स्वास्थ्य केंन्द्र पर कोरोना जांच के लिए सैंपल कलेक्शन टीम सोमवार को अपराह्न तीन बजे पहुंची, तब तक सैंपल देने वाले जा चुके थे।
चुनिंदा जगह हो रही जांचें
प्रवासी मजदूरों की जांच के लिए आईएसबीटी पर सैंपलिंग हो रही है। दीवानी में भी सोमवार को कैंप लगाकर जांच की गईं। इनके अलावा देहात में खेरागढ़, सैंया, बाह व फतेहपुर सीकरी पर जांच होती मिली।
निजी लैब को नहीं दी अनुमति
आगरा को छोड़कर मंडल में सभी जिलों में निजी लैबों को कोरोना जांच की अनुमति है। प्रशासन ने शहर में किसी लैब को अनुमति नहीं दी। पिछले साल कुछ लैब को अनुमति मिली थी, लेकिन जांच अधिक रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर इनकी अनुमति निरस्त कर दी गई।
केंद्रों की कराएंगे जांच
जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने कहा कि 32 केंद्रों पर जांच की सुविधा है। जिन केंद्रों पर सैंपलिंग नहीं हो रही वहां जांच कराई जाएगी। सैंपलिंग के लिए स्टेटिक बूथ भी बनाए हैं।