एक्सक्लूसिव: मलिन बस्तियों में कम है कोरोना का असर, 2034 लोगों की जांच में मात्र 10 संक्रमित
- स्वास्थ्य विभाग ने 21 से 23 नवंबर तक 36 बस्तियों में विशेष शिविर लगाकर 2034 लोगों के नमूने लिए थे। इनकी जांच में मात्र 10 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
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कोरोना वायरस के प्रकोप के बीच आगरा के लिए राहत की खबर है। शहर की मलिन बस्तियों में कोरोना संक्रमण बहुत कम मिल रहा है। यहां औसतन 203 लोगों की जांच करने पर एक पॉजिटिव केस मिल रहा है। जबकि सामान्य तौर पर हुई जांच में हर 38वां व्यक्ति संक्रमित पाया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने 21 से 23 नवंबर तक 36 बस्तियों में विशेष शिविर लगाकर 2034 लोगों के नमूने लिए। इनकी जांच में महज 10 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। कुल नमूनों की बात करें तो 27 नवंबर तक 3.39 लाख लोगों की जांच में 9022 संक्रमित पाए गए। मतलब हर 38वां मरीज संक्रमित, जबकि मलिन बस्तियों में यह औसत 203 लोगों में एक संक्रमित का है।
कम्युनिटी सैंपल पॉजिटिव
मलिन बस्तियां 2034 10
बालगृह-वृद्धा आश्रम 1143 0
दुकानदार-कर्मचारी 14835 101
कुल जांच 339000 9022
बालगृह-वृद्धा आश्रम में एक भी संक्रमित नहीं
स्वास्थ्य विभाग ने 23 नवंबर को बालगृह, रामलाल वृद्धाश्रम, विधवा आश्रम, चर्म संस्थान, फाउंड्री नगर औद्योगिक क्षेत्र, नारी निकेतन में भी शिविर लगाकर 1143 के नमूनों की जांच कराई। यहां कोई संक्रमित नहीं मिला।
14835 दुकानदार-कर्मचारियों की जांच में 101 पॉजिटिव मिले
दिवाली पर संक्रमण की दर रोकने को फोकस सैंपलिंग 29 अक्तूबर से 12 नवंबर तक चली। इसमें मिष्ठान भंडार, गिफ्ट शॉप, शोरूम, इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान, मॉल, वाहन शोरूम, मूर्ति-दीपक बेचने वाले, ब्यूटीपार्लर के मालिक और कर्मचारियों की जांच कराई गई। 14835 की जांच में 101 पॉजिटिव मिले। औसत हर 146वां मरीज संक्रमित मिला।
इन बस्तियों में लगाए थे शिविर
पीर कल्याणी, फ्रीगंज रोड, मोतीलाल नेहरू रोड से जीवनीमंडी, नया घेर, कोयला बस्ती, नुनिहाई, सीता नगर, कटरा वजीर खां, सिकंदरा बस्ती, खंदारी चौक, ट्रांसपोर्ट नगर, हलवाई की बगीची, सुभाष पुरम, पत्थर घोड़ा, सेक्टर चार, देवरी रोड, मायापुरी, नंदपुरा, टुंडपुरा, नगला जस्सा, राजनगर, सिरकी मंडी, नया बांस, नौबस्ता, खातीपाड़ा, खतैना, बिल्लोचपुरा, कारवां, बेसन की बस्ती, घ्यासपुरा, प्रकाश नगर, शंकर कॉलोनी, नगला तेजा, नगला डिग्गी, नगला मोहन में शिविर लगाए गए थे।
इसलिए मलिन बस्तियों में कम है संक्रमण
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि अभी तक कुल नमूनों की जांच का औसत देखें तो उसके मुकाबले मलिन बस्तियों में संक्रमण की दर बहुत कम है। इसकी एक वजह लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होने, मधुमेह-उच्च रक्तचाप की परेशानी कम होना हो सकती है।
मलिन बस्तियों में नमूना देने भी कम आते हैं लोग: डॉ. नरेंद्र मोहन
कई तरह के संक्रमण से एंटीबॉडीज बन जाती हैं: डॉ. पचौरी
आईएमए के डॉ. आरएम पचौरी ने बताया कि मलिन बस्तियों रहने वाले लोगों में कई तरह के बैक्टीरियल इन्फेक्शन के शिकार हो जाने से उनमें एंटीबॉडीज बन जाती हैं। इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। इससे संक्रमण कम मिल रहा है।