{"_id":"5f0fdfa9d334471cef2ad409","slug":"corona-virus-infection-increased-in-youth-reduced-in-old-latest-news","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अनलॉकः युवाओं में बढ़ा कोरोना संक्रमण, बुजुर्गों में घटा, सामने आई ये मुख्य वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनलॉकः युवाओं में बढ़ा कोरोना संक्रमण, बुजुर्गों में घटा, सामने आई ये मुख्य वजह
Thu, 16 Jul 2020 10:34 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 16 Jul 2020 10:34 AM IST
सार
- लापरवाही के कारण युवा आ रहे चपेट में
- घर में रहे बुजुर्ग तो कम हुए संक्रमित
विज्ञापन
कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में अनलॉक के दौरान 30 से 50 साल की उम्र के लोग तेजी से संक्रमित हुए हैं। कुल मरीजों में से इनकी संख्या 55 फीसदी है। घरों में रहने से बुजुर्गों में संक्रमण की दर कम हुई है।
एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए मरीजों की स्टडी बताती है कि लॉकडाउन खुलने के बाद 30 से 40 साल की उम्र के 25 प्रतिशत और 40 से 50 की उम्र के 30 प्रतिशत मरीज पाए गए। इनमें अधिकांश कामकाजी हैं, जो बाजार या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क नहीं लगा रहे और एक से डेढ़ मीटर की दूरी का पालन नहीं कर रहे।
आगरा में 94वीं मौत, 12 नए मरीज मिलने से 1439 पहुंची संक्रमितों की संख्या
विज्ञापन
इस कारण अनजान संक्रमित के संपर्क में आने से वायरस की चपेट में आ गए। 30 से कम उम्र के भी 12 प्रतिशत मामले हैं। इन्होंने भी वायरस से बचने के लिए नियमों का गंभीरता से पालन नहीं किया।
विज्ञापन
एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए मरीजों की स्टडी बताती है कि लॉकडाउन खुलने के बाद 30 से 40 साल की उम्र के 25 प्रतिशत और 40 से 50 की उम्र के 30 प्रतिशत मरीज पाए गए। इनमें अधिकांश कामकाजी हैं, जो बाजार या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क नहीं लगा रहे और एक से डेढ़ मीटर की दूरी का पालन नहीं कर रहे।
विज्ञापन
आगरा में 94वीं मौत, 12 नए मरीज मिलने से 1439 पहुंची संक्रमितों की संख्या
विज्ञापन
इस कारण अनजान संक्रमित के संपर्क में आने से वायरस की चपेट में आ गए। 30 से कम उम्र के भी 12 प्रतिशत मामले हैं। इन्होंने भी वायरस से बचने के लिए नियमों का गंभीरता से पालन नहीं किया।
घर में रहे बुजुर्ग तो कम हुए संक्रमित
डीएम प्रभुनारायण सिंह ने बताया कि 60 से 70 साल की उम्र के 10 प्रतिशत और 70 से अधिक की उम्र के पांच फीसदी संक्रमित हुए हैं।
इस उम्र के इतने प्रतिशत हुए संक्रमित
डीएम प्रभुनारायण सिंह ने बताया कि 60 से 70 साल की उम्र के 10 प्रतिशत और 70 से अधिक की उम्र के पांच फीसदी संक्रमित हुए हैं।
इस उम्र के इतने प्रतिशत हुए संक्रमित
| 30 वर्ष से कम | 12 प्रतिशत |
| 30 से 40 वर्ष | 25 प्रतिशत |
| 40 से 50 वर्ष | 30 प्रतिशत |
| 50 से 60 वर्ष | 18 प्रतिशत |
| 60 से 70 वर्ष | 10 प्रतिशत |
| 70 वर्ष से अधिक | पांच प्रतिशत |
मृतकों में 60 से 70 साल के मरीजों की संख्या ज्यादा
मृतकों में बुजुर्ग मरीजों की संख्या ज्यादा रही। 60 से 70 साल की उम्र के 30 फीसदी से अधिक की मौत हुई। 70 से 80 की उम्र के 18 प्रतिशत ने दम तोड़ा है। 30 से कम उम्र के 10 फीसदी की मौत हुई है।
मरने वाले संक्रमित मरीजों की उम्र:
मृतकों में बुजुर्ग मरीजों की संख्या ज्यादा रही। 60 से 70 साल की उम्र के 30 फीसदी से अधिक की मौत हुई। 70 से 80 की उम्र के 18 प्रतिशत ने दम तोड़ा है। 30 से कम उम्र के 10 फीसदी की मौत हुई है।
मरने वाले संक्रमित मरीजों की उम्र:
| 80 वर्ष से अधिक | 3.60 प्रतिशत |
| 70-80 वर्ष | 18 प्रतिशत |
| 60 से 70 वर्ष | 30.50 प्रतिशत |
| 50 से 60 वर्ष | 18.50 प्रतिशत |
| 40 से 50 वर्ष | 13 प्रतिशत |
| 30 से 40 वर्ष | 6.40 प्रतिशत |
| 30 वर्ष से कम | 10 प्रतिशत |
मधुमेह व उच्च रक्तचाप बना जानलेवा
संक्रमित मरीजों में सबसे ज्यादा मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीज रहे। 29 फीसदी मृतकों में मधुमेह और 30 फीसदी में उच्च रक्तचाप की बीमारी पाई गई। मधुमेह और उच्च रक्तचाप दोनों की बीमारी 15 प्रतिशत मृतकों में रही। गंभीर निमोनिया के चलते 20 फीसदी और फेफड़े के मर्ज की वजह से 10 प्रतिशत मरीजों की जान गई।
इतने संक्रमित मृतकों में मिली यह बीमारी
संक्रमित मरीजों में सबसे ज्यादा मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीज रहे। 29 फीसदी मृतकों में मधुमेह और 30 फीसदी में उच्च रक्तचाप की बीमारी पाई गई। मधुमेह और उच्च रक्तचाप दोनों की बीमारी 15 प्रतिशत मृतकों में रही। गंभीर निमोनिया के चलते 20 फीसदी और फेफड़े के मर्ज की वजह से 10 प्रतिशत मरीजों की जान गई।
इतने संक्रमित मृतकों में मिली यह बीमारी
| 29 प्रतिशत में | मधुमेह |
| 30 प्रतिशत में | उच्च रक्तचाप |
| 20 प्रतिशत में | निमोनिया |
| 10 प्रतिशत में | फेफड़े की बीमारी |
| 6.30 प्रतिशत में | गुर्दा |
| अन्य |
भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पूरी सावधानी बरतें
लॉकडाउन खुलने से 30 से 50 साल उम्र वालों ने बचाव के उपायों को गंभीरता से नहीं अपनाया। लोगों से अपील है कि कार्यस्थल और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पूरी सावधानी बरतें। मृतकों में बुजुर्ग ज्यादा रहे, इसकी बड़ी वजह गंभीर रोग और अस्पताल में देरी से आना रहा। - डॉ. संजय काला, प्राचार्य
लापरवाही के कारण युवा आ रहे चपेट में
शुरुआत में बुजुर्ग लोग ज्यादा संक्रमित हो रहे थे, लेकिन उनके घरों में रहने और परिजनों की ओर से विशेष सावधान से इनकी संख्या कम हुई है। बाजार और भीड़भाड़ में मास्क लगाने, सामाजिक दूरी बरतने में लापरवाही से 30 से अधिक की उम्र के ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं। -डॉ. आरसी पांडेय, सीएमओ
लॉकडाउन खुलने से 30 से 50 साल उम्र वालों ने बचाव के उपायों को गंभीरता से नहीं अपनाया। लोगों से अपील है कि कार्यस्थल और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पूरी सावधानी बरतें। मृतकों में बुजुर्ग ज्यादा रहे, इसकी बड़ी वजह गंभीर रोग और अस्पताल में देरी से आना रहा। - डॉ. संजय काला, प्राचार्य
लापरवाही के कारण युवा आ रहे चपेट में
शुरुआत में बुजुर्ग लोग ज्यादा संक्रमित हो रहे थे, लेकिन उनके घरों में रहने और परिजनों की ओर से विशेष सावधान से इनकी संख्या कम हुई है। बाजार और भीड़भाड़ में मास्क लगाने, सामाजिक दूरी बरतने में लापरवाही से 30 से अधिक की उम्र के ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं। -डॉ. आरसी पांडेय, सीएमओ