फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   corona viriues

बच्चों में संक्रमण का खतरा अधिक, अभी न खुले स्कूल, मैनपुरी में बढ़ रहे कोरोना मरीज

Sat, 27 Jun 2020 10:43 AM IST
आगरा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: आगरा ब्यूरो Updated Sat, 27 Jun 2020 10:43 AM IST
विज्ञापन
corona viriues
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
मैनपुरी में जब कोरोना संक्रमितों की संख्या कम थी, तब स्कूल-कॉलेज बंद थे। अब जिले में संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है तो स्कूलों की छुट्टियां खत्म होने को हैं। ऐसे में हर अभिभावक के मन में एक ही सवाल है कि क्या जुलाई से स्कूल खोले जाएंगे। अगर स्कूल खुलेंगे तो सुरक्षा के क्या इंतजाम होंगे।
विज्ञापन


स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं स्कूल खुलने पर बच्चों की सेहत की चिंता अभिभावकों को सता रही है। स्कूल खोलने के मुद्दे पर अमर उजाला लोगों से संवाद स्थापित करके उनकी राय ले रहा है। कहीं न कहीं इस अभियान से जिला प्रशासन को स्कूल खोलने हैं या बंद रखने हैं, निर्णय लेने में आसानी होगी।
विज्ञापन


खतरा टला नहीं है, बच्चे ऑनलाइन पढ़े
कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। जिले में लॉकडाउन की तुलना में अनलॉक वन में संक्रमितों की संख्या बढ़ी है। जुलाई में यह संख्या और बढ़ेगी। बच्चों के स्वास्थ्य को देखते हुए अभी स्कूल बंद ही रहने चाहिए। बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई पर ध्यान दें। वहीं स्कूल संचालक भी सुरक्षा और मानकों का पालन करते हुए ही स्कूल खेलें। -अभिषेक दुबे, बालरोग विशेषज्ञ
विज्ञापन
विज्ञापन

नहीं खुलने चाहिए स्कूल
जुलाई के दो सप्ताह तक हमें स्थिति पर नजर रखनी चाहिए। इसके बाद ही स्कूल खोलने पर निर्णय लेना चाहिए। मेरी व्यक्तिगत राय है कि जुलाई में स्कूल नहीं खुलने चाहिए। क्यों कि बच्चों में संक्रमण फैला तो स्थिति बिगड़ सकती है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को उचित निर्णय लेना चाहिए। स्कूल संचालक भी जल्दबाजी न करें। -डॉ. आरएस यादव, आईएमए अध्यक्ष

स्कूल संचालकों की तय हो जवाबदेही
अगर स्कूल खोलने का निर्णय लिया जाता है तो शिक्षकों सहित स्टॉफ की कोरोना जांच होनी चाहिए। बच्चों के बीच सामाजिक दूरी होनी चाहिए। साथ ही स्कूल संचालक की जवाबदेही तय होनी चाहिए कि वह शासन की गाइड लाइन का पालन करेंगे और बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर रहेंगे। डॉ. प्रमोद गुप्ता, आईएमए सचिव

बच्चे नहीं समझते हैं कोरोना के खतरे को
स्कूल खोलने के निर्णय में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। छोटी कक्षाएं जितने समय तक बंद रखी जाएं उतना बेहतर होगा। क्यों कि बड़ी कक्षाओं के बच्चे तो समझदार हैं, लेकिन छोटी कक्षाओं के बच्चे न तो अपना बचाव कर सकते हैं। न ही वह कोरोना के खतरे को समझते हैं। डॉ. जेजे राम, वरिष्ठ फिजीशियन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed