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व्यवस्थाएं देखने के बाद ही बच्चों को स्कूल भेजना चाहते हैं अभिभावक
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मैनपुरी। शासन से स्कूलों में कक्षा संचालन का आदेश मिलते ही स्कूलों में कविड-19 सुरक्षा के उपायों की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। लेकिन जिले के अभिभावक बिना जांच पड़ताल के अपने बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार नहीं हैं। एक सप्ताह से स्कूलों की ओर से मांगे जा रहे सहमति पत्र के बाद अभी तक मात्र 15 प्रतिशत अभिभावकों ने ही अपने बच्चों को स्कूल भेजने की सहमति दी है।
शासन ने 19 अक्तूबर से कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए कक्षा संचालन की अनुमति दी है। स्कूलों में उन्हीं छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान की जाएगी जिनके अभिभावक विद्यालय प्रबंध तंत्र को कक्षा संचालन की अनुमति देंगे। पिछले 10 दिनों से विद्यालय प्रबंधक अभिभावकों से सहमति मांग रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को प्रधानाचार्यों की ओर से दी गई सूचना के अनुसार अभी तक 15 प्रतिशत अभिभावकों ने ही छात्र-छात्राओं को स्कूल भेजने के लिए सहमति दी है। अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय की व्यवस्थाओं को देखने के बाद ही स्कूल भेजने की सहमति देना चाहते हैं।
पहले जाकर व्यवस्थाएं देखेंगे, इसके बाद ही देंगे अनुमति
मेरा बेटा अमन शहर के डीएवी इंटर कॉलेज में कक्षा 10 का छात्र है। पहले कॉलेज जाकर वहां की व्यवस्थाएं देखूंगा। यदि कोविड प्रोटोकॉल के तहत व्यवस्थाएं होंगी तभी बच्चे को स्कूल भेजने की सहमति दूंगा।
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रामकेशर सिंह निवासी चांदेश्वर रोड
मेरा पुत्र हिमांशु शहर के सेंट थॉमस स्कूल में 11वीं का छात्र है। शासन ने स्कूल में कक्षा संचालन की अनुमति दी है। मैं स्कूल जाकर पहले वहां की व्यवस्थाओं को देखूंगा। यदि कोरोना बचाव के उचित उपाय होंगे तभी बच्चे को स्कूल भेजूंगा।
लोकपाल सिंह निवासी शिव नगर
मेरा पुत्र अभिषेक शहर के डीएवी इंटर कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र है। कॉलेज से सहमति मांगी गई है। पहले कॉलेज जाकर वहां कोरोना बचाव की व्यवस्थाएं देखूंगा उसके बाद ही बच्चे को स्कूल भेजूंगा।
राकेश बाबू निवासी आश्रम रोड
मेरा पुत्र हसमुद्दीन शहर के एसबीआरएल एकेडमी में कक्षा 11 का छात्र है। पहले एकेडमी में जाकर कोरोना बचाव की व्यवस्थाएं देखूंगा उसके बाद भी अपने बच्चे को एकेडमी में पढने के लिए भेजूंगा।
शमशुद्दीन निवासी करहल रोड
शासन के निर्देशानुसार छात्र-छात्राओं को कक्षा में प्रवेश तभी दिया जाएगा जब उसके अभिभावक की सहमति होगी। सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्य और प्रबंधकों को पूर्व में ही अभिभावकों की सहमति के लिए निर्देश दिए गए हैं। मनोज कुमार वर्मा जिला विद्यालय निरीक्षक
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शासन ने 19 अक्तूबर से कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं के लिए कक्षा संचालन की अनुमति दी है। स्कूलों में उन्हीं छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान की जाएगी जिनके अभिभावक विद्यालय प्रबंध तंत्र को कक्षा संचालन की अनुमति देंगे। पिछले 10 दिनों से विद्यालय प्रबंधक अभिभावकों से सहमति मांग रहे हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को प्रधानाचार्यों की ओर से दी गई सूचना के अनुसार अभी तक 15 प्रतिशत अभिभावकों ने ही छात्र-छात्राओं को स्कूल भेजने के लिए सहमति दी है। अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय की व्यवस्थाओं को देखने के बाद ही स्कूल भेजने की सहमति देना चाहते हैं।
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पहले जाकर व्यवस्थाएं देखेंगे, इसके बाद ही देंगे अनुमति
मेरा बेटा अमन शहर के डीएवी इंटर कॉलेज में कक्षा 10 का छात्र है। पहले कॉलेज जाकर वहां की व्यवस्थाएं देखूंगा। यदि कोविड प्रोटोकॉल के तहत व्यवस्थाएं होंगी तभी बच्चे को स्कूल भेजने की सहमति दूंगा।
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रामकेशर सिंह निवासी चांदेश्वर रोड
मेरा पुत्र हिमांशु शहर के सेंट थॉमस स्कूल में 11वीं का छात्र है। शासन ने स्कूल में कक्षा संचालन की अनुमति दी है। मैं स्कूल जाकर पहले वहां की व्यवस्थाओं को देखूंगा। यदि कोरोना बचाव के उचित उपाय होंगे तभी बच्चे को स्कूल भेजूंगा।
लोकपाल सिंह निवासी शिव नगर
मेरा पुत्र अभिषेक शहर के डीएवी इंटर कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र है। कॉलेज से सहमति मांगी गई है। पहले कॉलेज जाकर वहां कोरोना बचाव की व्यवस्थाएं देखूंगा उसके बाद ही बच्चे को स्कूल भेजूंगा।
राकेश बाबू निवासी आश्रम रोड
मेरा पुत्र हसमुद्दीन शहर के एसबीआरएल एकेडमी में कक्षा 11 का छात्र है। पहले एकेडमी में जाकर कोरोना बचाव की व्यवस्थाएं देखूंगा उसके बाद भी अपने बच्चे को एकेडमी में पढने के लिए भेजूंगा।
शमशुद्दीन निवासी करहल रोड
शासन के निर्देशानुसार छात्र-छात्राओं को कक्षा में प्रवेश तभी दिया जाएगा जब उसके अभिभावक की सहमति होगी। सभी कॉलेजों के प्रधानाचार्य और प्रबंधकों को पूर्व में ही अभिभावकों की सहमति के लिए निर्देश दिए गए हैं। मनोज कुमार वर्मा जिला विद्यालय निरीक्षक