कासगंज। लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत शहरी और ग्रामीण इलाकों में होने लगी है। शहरी इलाकों में परचून के सामान की होम डिलीवरी की सुविधा शुरू की गई है। जबकि ग्रामीण इलाकों मेें ऐसी की कोई सुविधा नहीं हुई है। सामान की मांग अधिक होने के कारण दुकानदार अपने तरीके से कीमत वसूल कर रहे हैं। हालांकि नगर के बाजार तीन दिन से पूरी तरह बंद हैं। परचून और सब्जी मंडी की दुकानें भी नहीं खुल रहीं हैं।
जिला प्रशासन ने कासगंज, सोरों, सहावर, गंजडुंडवारा, पटियाली, सिढ़पुरा आदि इलाकों में 10-10 कारोबारियों से होम डिलीवरी की सुविधा शुरू कराई है। जिनके माध्यम से जरूरतमंद लोग खाद्यान्न घर पर मंगा रहे हैं, केवल दवा की दुकानें ही बाजार में खुलीं हैं। या फिर सब्जी के ठेले शहर की गलियों और बस्तियों में घूमकर सब्जी बेच रहे हैं। बाजार में बाहर से फल न आने के कारण फलों की उपलब्धता नहीं है। केला, संतरा, सेब जैसे फल ही कम मात्रा में मिल पा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में भी दुकानदारों पर सामान खत्म हो गया है और उन्हें दुकान पर सामान लाने की चिंता सता रही है। बाहरी मंडियों से भी आवागमन ठप होने के कारण माल नहीं आ पा रहा। यहां थोक कारोबारियों के पास आवश्यक चीजों का भंडार है। थोक व्यापारियों ने ही खाद्यान्न की वस्तुओं के 10 फीसदी कीमतें बढ़ा दी हैं। सब्जी कम आने से सब्जी की कीमत में भी इजाफा है।