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बेटियों की सलामती को मां ने दांव पर लगाई जिंदगी
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भोगांव। कोरोना के खतरे से आज हर कोई वाकिफ है। सभी ये भी जानते हैं कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आना मौत को दावत देने जैसा है। अपने बेटियों की सलामती की दो माताएं इस कोरोना से भी भिड़ने के लिए तैयार हैं। अब उनकी जिंदगी का केवल एक ही लक्ष्य है अपनी बेटियों को सलामत रखना।
बीते दो दिनों में करहल और भोगांव क्षेत्र में दो बालिकाएं कोरोना संक्रमित मिली थीं। एक की उम्र नौ वर्ष है तो वहीं दूसरी की छह वर्ष। कोरोना संक्रमण के बाद उन्हें उपचार के लिए भोगांव स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।
बेटियों की उम्र कम होने के चलते उनकी देखभाल के लिए परिवार का सदस्य मौजूद रहना जरूरी है। ऐसे में बेटियों की माताओं ने कोरोना से टक्कर लेने का निर्णय लिया। दोनों की माताएं आइसोलेशन वार्ड में रहकर ही बेटियों की देखभाल कर रही हैं।
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बचाव के लिए बरती जा रही सवाधानी
आइसोलेशन वार्ड में बेटियों की देखभाल में लगी माताओं की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग सभी प्रयास कर रहा है। बेटियों के पास जाने से पूर्व उन्हें पीपीई किट पहनाई जा रही है तो वहीं सैनिटाइज भी कराया जा रहा है। इसके अलावा उनके नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
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बीते दो दिनों में करहल और भोगांव क्षेत्र में दो बालिकाएं कोरोना संक्रमित मिली थीं। एक की उम्र नौ वर्ष है तो वहीं दूसरी की छह वर्ष। कोरोना संक्रमण के बाद उन्हें उपचार के लिए भोगांव स्थित आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।
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बेटियों की उम्र कम होने के चलते उनकी देखभाल के लिए परिवार का सदस्य मौजूद रहना जरूरी है। ऐसे में बेटियों की माताओं ने कोरोना से टक्कर लेने का निर्णय लिया। दोनों की माताएं आइसोलेशन वार्ड में रहकर ही बेटियों की देखभाल कर रही हैं।
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बचाव के लिए बरती जा रही सवाधानी
आइसोलेशन वार्ड में बेटियों की देखभाल में लगी माताओं की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग सभी प्रयास कर रहा है। बेटियों के पास जाने से पूर्व उन्हें पीपीई किट पहनाई जा रही है तो वहीं सैनिटाइज भी कराया जा रहा है। इसके अलावा उनके नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।