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नंदकिशोर वाल्मीकि को भेजा जेल
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 18 Dec 2014 02:37 AM IST
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धर्मांतरण प्रकरण के आरोपी नंदकिशोर वाल्मीकि को बुधवार की सुबह कड़ी सुरक्षा में प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट धीरेंद्र कुमार सिंह के कोर्ट में पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने उसे 24 दिसंबर तक की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। नंदकिशोर को जिला कारागार ले जाया गया। यहां उसे बैरक नंबर चार में रखा गया है।
देवरी रोड स्थित वेद नगर में आठ दिसंबर को 37 मुस्लिम परिवारों के कथित धर्मांतरण के बाद बवाल खड़ा हो गया था। मामले में बस्ती के ठेकेदार इस्माइल ने नंदकिशोर वाल्मीकि के खिलाफ लालच और धोखाधड़ी से धर्मपरिवर्तन कराने का मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से पुलिस आरोपी नंदकिशोर की तलाश में जुटी थी। मंगलवार को पुलिस ने नंदकिशोर को ईदगाह बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार दर्शाया था। बुधवार की सुबह नंदकिशोर की पेशी के मद्देनजर दीवानी परिसर में काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। सीओ हरीपर्वत, सीओ एलआईयू समेत कई पुलिस अधिकारी डेरा जमाए हुए थे।
सुबह दस बजे उसे सुरक्षा घेरे में प्रभारी सीजेएम की अदालत में पेश किया। दोपहर एक बजे सीजेएम ने नंदकिशोर को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। नंदकिशोर की पैरवी में भाजपा से जुड़े अधिवक्ता पूर्व डीजीसी अशोक गुप्ता, अशोक कोटिया, हेमेंद्र शर्मा, मधु शर्मा, बसंत गुप्ता, अर्जुन सिंह, सर्वेश कुमार, पप्पू तिवारी आदि मौजूद रहे।
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उधर, नंदकिशोर ने कहा कि उन्होंने कोई धर्मांतरण नहीं कराया है। यह कुछ परिवारों की घर वापसी का कार्यक्रम था। यह कोई गुनाह नहीं है। उसने पुलिस पूछताछ में भी पूरे कार्यक्रम के लिए खुद को जिम्मेदार बताया। किसी अन्य हिंदूवादी संगठन का नाम लेने से साफ इनकार कर दिया।
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देवरी रोड स्थित वेद नगर में आठ दिसंबर को 37 मुस्लिम परिवारों के कथित धर्मांतरण के बाद बवाल खड़ा हो गया था। मामले में बस्ती के ठेकेदार इस्माइल ने नंदकिशोर वाल्मीकि के खिलाफ लालच और धोखाधड़ी से धर्मपरिवर्तन कराने का मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से पुलिस आरोपी नंदकिशोर की तलाश में जुटी थी। मंगलवार को पुलिस ने नंदकिशोर को ईदगाह बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार दर्शाया था। बुधवार की सुबह नंदकिशोर की पेशी के मद्देनजर दीवानी परिसर में काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। सीओ हरीपर्वत, सीओ एलआईयू समेत कई पुलिस अधिकारी डेरा जमाए हुए थे।
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सुबह दस बजे उसे सुरक्षा घेरे में प्रभारी सीजेएम की अदालत में पेश किया। दोपहर एक बजे सीजेएम ने नंदकिशोर को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। नंदकिशोर की पैरवी में भाजपा से जुड़े अधिवक्ता पूर्व डीजीसी अशोक गुप्ता, अशोक कोटिया, हेमेंद्र शर्मा, मधु शर्मा, बसंत गुप्ता, अर्जुन सिंह, सर्वेश कुमार, पप्पू तिवारी आदि मौजूद रहे।
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उधर, नंदकिशोर ने कहा कि उन्होंने कोई धर्मांतरण नहीं कराया है। यह कुछ परिवारों की घर वापसी का कार्यक्रम था। यह कोई गुनाह नहीं है। उसने पुलिस पूछताछ में भी पूरे कार्यक्रम के लिए खुद को जिम्मेदार बताया। किसी अन्य हिंदूवादी संगठन का नाम लेने से साफ इनकार कर दिया।