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जटिल हर्निया का सफल ऑपरेशन: एसएन में ढाई घंटे तक चली सर्जरी, चिकित्सकों ने बचाई महिला की जान
Tue, 08 Sep 2026 10:19 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 08 Sep 2026 10:19 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज में पैराओसोफेगल हर्निया से पीड़ित 44 वर्षीय महिला की ढाई घंटे की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। स्वास्थ्य में सुधार के बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि दुर्लभ केस को अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशन के लिए भेजा जा रहा है।
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हर्निया का सफल ऑपरेशन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में जटिल हर्निया की सर्जरी कर मरीज की जान बचाई है। स्वास्थ्य में सुधार होने पर मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। ये ऑपरेशन दुर्लभ श्रेणी में है, जिसके चलते इसे अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित करने के लिए भेज रहे हैं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि एसएन में सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बनने से जटिल ऑपरेशन की सुविधा मरीजों को मिल रही है।
गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉ. अभिषेक अरोड़ा ने बताया कि बेलनगंज की 44 साल की महिला चार दिन पहले एसएन मेंडिकल कॉलेज में भर्ती हुई। उन्हें छाती में तेज दर्द, भोजन निगलने में कठिनाई के साथ सांस फूलने की दिक्कत हो रही थी। सीटी स्कैन कराने पर पैराओसोफेगल हर्निया की पुष्टि हुई।
यह हार्निया का गंभीर प्रकार है। इसमें छाती और पेट को अलग करने वाली मांसपेशी (डायाफ्राम) का छेद खिसककर भोजन नली के बगल तक पहुंच गया था। ऐसे में विशेषज्ञों की टीम के साथ ढाई घंटे तक ऑपरेशन किया गया। वार्ड में भर्ती के दौरान हालत ठीक होने पर अस्पताल से छुुट्टी दे दी गई। टीम में डॉ. लवीना, डॉ. निखिल, डॉ. श्रुति, डॉ. विशाल मौजूद रहे।
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गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के डॉ. अभिषेक अरोड़ा ने बताया कि बेलनगंज की 44 साल की महिला चार दिन पहले एसएन मेंडिकल कॉलेज में भर्ती हुई। उन्हें छाती में तेज दर्द, भोजन निगलने में कठिनाई के साथ सांस फूलने की दिक्कत हो रही थी। सीटी स्कैन कराने पर पैराओसोफेगल हर्निया की पुष्टि हुई।
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यह हार्निया का गंभीर प्रकार है। इसमें छाती और पेट को अलग करने वाली मांसपेशी (डायाफ्राम) का छेद खिसककर भोजन नली के बगल तक पहुंच गया था। ऐसे में विशेषज्ञों की टीम के साथ ढाई घंटे तक ऑपरेशन किया गया। वार्ड में भर्ती के दौरान हालत ठीक होने पर अस्पताल से छुुट्टी दे दी गई। टीम में डॉ. लवीना, डॉ. निखिल, डॉ. श्रुति, डॉ. विशाल मौजूद रहे।
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