UP: अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले आगरा में ट्रेनों में आरामदायक यात्रा अब भी सपना, सांसद ने सरकार को भेजा प्रस्ताव
अंतरराष्ट्रीय पहचान वाले यूपी के आगरा में अब भी ट्रेनों में आरामदायक यात्रा एक सपना बना हुआ है। पूरे साल ट्रेनों में आमजन को कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल होता है। जनप्रतिनिधियों ने स्टेशनों पर सुविधाएं बढ़ाने, नई ट्रेनों के ठहराव के प्रस्ताव भेजे हैं।
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उत्तर प्रदेश के आगरा से सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है। इसमें कई जनहित की मांगे उठाई हैं। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जन्मस्थली बटेश्वर स्टेशन का नाम अटल स्टेशन रखे जाने की मांग भी इनमें एक है। वहीं आगरा से मुंबई, अहमदाबाद के लिए सीधी ट्रेन की मांग की गई हैं।
प्रस्ताव में जनहित की कई मांगें
सांसद केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल का कहना है कि उन्होंने प्रस्ताव भेजा है। इसमें जनहित की कई मांगें हैं। आगरा कैंट स्टेशन पर शत प्रतिशत ट्रेनों का ठहराव होना चाहिए। आगरा अंतरराष्ट्रीय शहर है। राजा की मंडी स्टेशन की जगह बिल्लोचपुरा स्टेशन को मुख्य स्टेशन बनाने, आगरा कैंट स्टेशन पर जगनेर रोड की ओर तीसरा प्रवेश द्वार, कैंट के सर्कुलेटिंग एरिया में शौचालय, स्टेशनों पर स्वचालित सीढ़ी, लिफ्ट, मेडिकल सुविधाएं बढ़ाने, जलेसर स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव बढ़ाने, ट्रेनों में आगरा का कोटा (सीटों का) बढ़ाने के प्रस्ताव भेजे हैं।
बटेश्वर को बनाएं अटल स्टेशन
फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार ने बटेश्वर को हॉल्ट से स्टेशन में तब्दील करके इसका नाम अटल स्टेशन रखने की मांग की है। आगरा भांडई रेल लाइन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने, कोरोना काल में बंद की गई बरेली बांदीकुई एक्सप्रेस फिर शुरू करने, बाह, जाजऊ, फतेहपुर सीकरी, अछनेरा, बिचपुरी, फतेहाबाद में भी कुछ ट्रेनों के ठहराव के प्रस्ताव भेजे हैं।
वेटिंग टिकट ज्यादा नहीं दें
रेल परामर्शदात्री समिति के पूर्व सदस्य रिंकू अग्रवाल ने कहा कि ट्रेन के वेटिंग टिकट 100 से ज्यादा सीटों के बाद नहीं दी जाए। रेलवे वेटिंग टिकट पर एसी व स्लीपर में सफर पर रोक लगाने का नियम बदले, पूरे साल कन्फर्म टिकट की दिक्कत रहती है। तत्काल कोटा की जगह आपात स्थिति में बाहर जाने वालों के लिए इमरजेंसी कोटा दिया जाए।
साधारण कोच की संख्या बढ़ाएं
रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य मुरारीलाल गोयल का कहना है कि स्टेशनों पर ओवर चार्जिंग रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाए। ट्रेनों में साधारण कोचों की संख्या बढ़ाई जाए। मुंबई से आगरा के बीच सीधी ट्रेन चलाई जाए।
वृद्धजन की रियायत करें बहाल
रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्य राजकुमार नागरथ का कहना है कि ट्रेनों में वृद्धजन की रियायत बहाल की जाए। पेंशनर्स के लिए सीट का आरक्षण फीसदी के अनुसार तय किया जाए। ट्रेनों में होने वाली वारदात की रिपोर्ट टीटी ही कराएं, ताकि घटनास्थल को लेकर विवाद नहीं हो।
रेलकर्मियों को निजीकरण से चाहिए छुटकारा
एनसीआरईएस के मंडल उपाध्यक्ष हरिओम भारद्वाज ने बताया कि रेल कर्मचारियों का कहना है एनपीएस को रद्द करके पुरानी पेंशन बहाल की जाए। रेलवे में निजीकरण बंद हो। रिक्त पदों पर भर्तियां की जाएं। आठवें वेतन आयोग की घोषणा की जाए। आयकर स्लैब को बढ़ाया जाए।