{"_id":"5d7e840e8ebc3e015c0ca7db","slug":"civic-problem-in-mainpuri-mainpuri-news-agr4059207151","type":"story","status":"publish","title_hn":"अस्पताल में बेड कम पड़े, बरामदे में पलंग डालकर कर रहे इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अस्पताल में बेड कम पड़े, बरामदे में पलंग डालकर कर रहे इलाज
विज्ञापन
-जिला अस्पताल में भर्ती मरीज।
- फोटो : MAINPURI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। जिल में संक्रामक बीमारयों से निजात नहीं मिल पा रहा है। वायरल बुखार की कई लोगों को चपेट में ले रखा है। जिला अस्पताल में भर्ती एक और मरीज की वायरल बुखार से मौत हो गई। मरीजों की भीड़ के कारण अस्पताल में बेड कम पड़ गए हैं। इससे मरीजों को बरामदे में पलंग डालकर इलाज किया जा रहा है।
रविवार को ओपीडी का अवकाश था तो इमजेंसी में मरीजों की भीड़ रही। यहां सर्वाधिक मरीज बुखार से पीड़ित होकर पहुंचे। इमरजेंसी के डॉक्टर ने 42 मरीजों को उपचार दिया, जिसमें 16 को गंभीर हालत देखते हुए भर्ती कराया गया। यहां बेड कम पड़ गए तो इमजेंसी के बरामदे में भी बेड डालने पड़े।
नगर के चांदेश्वर रोड निवासी रमेश चंद्र के 18 वर्षीय पुत्र संगम को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। शनिवार की रात हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उपचार के दौरान संगम की मौत हो गई। रविवार को जिला अस्पताल से छह मरीजों को गंभीर हालत में मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया गया।
विज्ञापन
बरसात में वायरल फीवर का अटैक होता है। ऐसा मौसम परिवर्तन के कारण होता है। ऐसे में बचाव जरूरी है। वायरल जानलेवा नहीं है। लेकिन यदि उपचार में लापरवाही की जाएगी तो यह संक्रमण बढ़ा सकता है और व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। -डॉ. आरके सागर, सीएमएस
विज्ञापन
रविवार को ओपीडी का अवकाश था तो इमजेंसी में मरीजों की भीड़ रही। यहां सर्वाधिक मरीज बुखार से पीड़ित होकर पहुंचे। इमरजेंसी के डॉक्टर ने 42 मरीजों को उपचार दिया, जिसमें 16 को गंभीर हालत देखते हुए भर्ती कराया गया। यहां बेड कम पड़ गए तो इमजेंसी के बरामदे में भी बेड डालने पड़े।
विज्ञापन
नगर के चांदेश्वर रोड निवासी रमेश चंद्र के 18 वर्षीय पुत्र संगम को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। शनिवार की रात हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उपचार के दौरान संगम की मौत हो गई। रविवार को जिला अस्पताल से छह मरीजों को गंभीर हालत में मिनी पीजीआई सैफई के लिए रेफर किया गया।
विज्ञापन
बरसात में वायरल फीवर का अटैक होता है। ऐसा मौसम परिवर्तन के कारण होता है। ऐसे में बचाव जरूरी है। वायरल जानलेवा नहीं है। लेकिन यदि उपचार में लापरवाही की जाएगी तो यह संक्रमण बढ़ा सकता है और व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। -डॉ. आरके सागर, सीएमएस