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रेलवे की लापरवाहीः कैंट स्टेशन की स्वचालित सीढ़ियों में फंसा बच्चे का हाथ

Wed, 17 Jul 2019 03:09 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 17 Jul 2019 03:09 AM IST
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Child's hand trapped in the automatic stairs of the cant station
स्वचालित सीढ़ी में बच्चे का हाथ जाने के बाद जुटे लोग - फोटो : अमर उजाला
कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां) में रेलवे की लापरवाही से फिर बड़ा हादसा हो गया। तीन साल के बच्चे का हाथ स्वचालित सीढ़ियों में फंस गया। आधे घंटे बाद बच्चे का हाथ निकाला जा सका, लेकिन तब तक अंगुलियां जख्मी हो चुकी थीं। बच्चे के अभिभावक स्टेशन पर प्राथमिक चिकित्सा कराकर उसे ले गए।
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मामला मंगलवार का है। डीआरयूसीसी सदस्य नरेश पांडेय शताब्दी एक्सप्रेस के आने के समय कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान झांसी से आगरा ताजमहल के दीदार के लिए आए परिवार में से तीन साल के बच्चे का हाथ स्वचालित सीढ़ियों से उतरते समय बीच में आ गया। 
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सीढ़ियों और हैंड रेस्ट के बीच अंगुलियों फंसी हुई थीं। स्वचालित सीढ़ियों को बंद किया गया। रेलवे अधिकारियों को डीआरयूसीसी सदस्य ने फोन करके बुलाया, तब एस्केलेटर से बच्चे की अंगुलियां निकालने का काम शुरू किया गया।
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तकनीकी टीम ने आधा घंटे की मशक्कत के बाद हाथ निकाला, लेकिन यह बेहद जख्मी हो चुका था। स्टेशन अधीक्षण मुकेश कुलश्रेष्ठ ने प्राथमिक चिकित्सा का इंतजाम किया। बच्चे के अभिभावक चिकित्सा के बाद बच्चे को हॉस्पिटल ले जाने की कहकर चले गए।

नरेश पांडेय, डीआरयूसीसी सदस्य ने बताया कि स्टेशन पर एस्केलेटर पर किसी कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाए ताकि ऐसे किसी हादसे के वक्त तुरंत कार्रवाई की जा सके। शुक्र रहा कि बच्चे का हाथ नहीं कटा, देरी हो जाती तो कुछ भी हो सकता था।

मुकेश कुलश्रेष्ठ, स्टेशन अधीक्षक का कहना है कि झांसी से परिवार आगरा आया था। स्वचालित सीढ़ियों पर बच्चे की अंगुली इसमें फंस गई, जिसे तकनीशियनों की मदद से निकाल दिया गया। स्टेशन पर ही फर्स्ट एड दे दी गई थी। यह परिवार बच्चे को लेकर रवाना हो गया।

कभी लिफ्ट, कभी एस्केलेटर में दिक्कत

कैंट स्टेशन पर रेलवे ने सुविधाओं के नाम पर लिफ्ट और एस्केलेटर तो लगा दिए, लेकिन रेल यात्रियों के लिए यही मुसीबत बन रहे हैं। तीन महीने पहले अप्रैल में भी एक बच्चे का हाथ एस्केलेटर में फंस चुका है। लिफ्ट में अछनेरा की महिला अपने तीन महीने के बच्चे के साथ फंस चुकी है। तब आधे घंटे बाद लिफ्ट चालू कराकर महिला और बच्चे को निकाला जा सका था। लगातार दुर्घटनाओं के बाद भी रेल प्रशासन ने दोनों ही जगह कर्मचारी की तैनाती नहीं की है।
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