आगरा: जहां-जहां मुख्य सचिव गए... वहीं की गई सफाई, बाकी शहर में लगे गंदगी के ढेर
सोमवार को जहां-जहां मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र के कदम पड़े वहां नाले-नालियों की तलीझाड़ सफाई की गई। रास्तों में धूल से बचाव को पानी का छिड़काव कराया। सड़क निर्माण व गड्ढों को भरने के लिए गिट्टियां बिछाई गईं। वहीं दूसरी ओर शहर भर में कचरे के ढेर लगे रहे।
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दो दिन के दौरे पर ताजनगरी आए मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने सोमवार दोपहर 12 बजे रोहता स्थित द्वारिका ग्रीन पहुंचे। उनके पहुंचने से पहले ही नगर निगम, पीडब्यूडी व प्रशासनिक अमला व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुट गया। कीचड़ से बिजबिजाती नालियों की मशीनों से सफाई कराई गई। रास्ते की मरम्मत के लिए नई गिट्टियां बिछाईं।
टैंकर से रास्ते में पानी का छिड़काव किया गया। रोहता इंटर कॉलेज के सामने जलभराव चंद मिनटों में खत्म हो गया। लोगों का कहना था कि मुख्य सचिव नहीं आते तो अव्यवस्थाएं दूर नहीं होतीं। वहीं दूसरी ओर इन इलाकों के आसपास ही नहीं बल्कि शहरभर में कूड़े के ढेर लगे रहे। लोगों का कहना था कि अगर कोई माननीय यहां आ जाए तो यहां भी सफाई हो जाए।
शिल्पग्राम रोड पर भी विशेष सफाई
इससे पहले मुख्य सचिव के आगमन को लेकर शिल्पग्राम रोड पर विशेष सफाई की गई। फतेहाबाद रोड को चमकाया गया। रविवार रात को उन्होंने महताब बाग का निरीक्षण किया। यहां भी साफ-सफाई दुरुस्त नजर आई। विकास प्राधिकरण व नगर निगम ने यहां सड़क किनारे पड़े कूढ़े के ढेर उठवाए।
मुख्य सचिव की नजर गंदगी और अव्यवस्थाओं पर न पड़े इससे पहले ही अधिकारियों ने व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी थीं। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने बताया कि दोपहर तीन बजे मुख्य सचिव लखनऊ के लिए रवाना हो गए।
ताज नेचर वॉक में रोपा पौधा
ताज नेचर वॉक में मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने पीपल, पाखर और वनवृक्ष रोपा। उन्होंने कहा कि ताजमहल के साथ शहर में प्राकृतिक स्थलों पर और धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इन्हें बढ़ावा मिलना चाहिए। पर्यटकों को हमारी संस्कृति के दर्शन हों।
उन्होंने कहा कि वन हमारी संस्कृति का अहम हिस्सा हैं। जितने भी ग्रंथ, वेदों की रचना हुई वह वनों में की गई। पर्यटन की दृष्टि से एक तरफ ताजमहल हैं, दूसरी तरफ ब्रजभूमि है। जहां भगवान ने लीलाएं कीं। तीसरी तरफ सूरदास, द्वारिका प्रसाद के अलावा तमाम हिंदी व उर्दू साहित्यकारों की रचनाएं हैं।