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यूपी कैबिनेट के फैसले पर मथुरा में जश्न तो वृंदावन में विरोध
ब्यूरो/ अमर उजाला मथुरा
Updated Tue, 09 May 2017 09:33 PM IST
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मिठाई बांटी
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने आज मथुरा-वृंदावन को नगर निगम का दर्जा दे दिया है। प्रदेश कैबिनेट के इस फैसले पर जहां मथुरा में जश्न मनाया जा रहा है वहीं वृंदावन के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। वृंदावन के लोग इसे नगर निगम में शामिल करने के खिलाफ थे। उनका कहना है कि वृंदावन का हमेशा ही मथुरा से अलग अस्तित्व रहा है।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सोहन सिंह सिसौदिया का कहना है कि मथुरा-वृंदावन को नगर निगम बनाया जाना स्वागत योग्य कदम है। हालांकि इससे वृंदावन को नुकसान होगा। इसके लिहाज से वृंदावन को इसमें शामिल नहीं किया जाना चाहिए था।
सपा जिलाध्यक्ष तनवीर अहमद ने कहा कि निगम बनाने की पहल समाजवादी सरकार ने ही की थी। प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। हालांकि किन्हीं कारणों से मंजूरी नहीं मिल सकी। निगम बनने से और तेज विकास हो सकेगा। व्यापारी नेता अजयकांत गर्ग बोले कि नगर निगम बनने से मथुरा-वृंदावन के लोगों को निश्चित रूप से लाभ होगा। निगम बनने के बाद विकास की नई योजनाएं बनेंगी। मथुरा बडे़ शहरों में शामिल हो जाएगा।
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वहीं वृंदावन में स्वामी महेशानंद सरस्वती ने कहा कि 150 वर्ष पुरानी वृंदावन पालिका का अस्तित्व मिटाना अच्छी बात नहीं है। महामंडलेश्वर नवलगिरी महाराज ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है। बसपा नेता योगेश द्विवेदी ने कहा कि यह निर्णय वृंदावन के सम्मान के खिलाफ किया गया। इसका पूर्ण विरोध किया जायेगा।
धर्म रक्षा संघ के सौरभ गौड़ और आचार्य बद्रीश ने कहा कि वृंदावन के अस्तित्व पर यह निर्णय भारी पड़ेगा। वृंदावन को नगर निगम में शामिल नहीं करना चाहिए था। वृंदावन अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जुगल किशोर सक्सेना, सुरेंद्र गौतम, विवेक महाजन ने कहा कि सरकार का निर्णय तानाशाही पूर्ण है। हम इस निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।
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कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सोहन सिंह सिसौदिया का कहना है कि मथुरा-वृंदावन को नगर निगम बनाया जाना स्वागत योग्य कदम है। हालांकि इससे वृंदावन को नुकसान होगा। इसके लिहाज से वृंदावन को इसमें शामिल नहीं किया जाना चाहिए था।
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सपा जिलाध्यक्ष तनवीर अहमद ने कहा कि निगम बनाने की पहल समाजवादी सरकार ने ही की थी। प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। हालांकि किन्हीं कारणों से मंजूरी नहीं मिल सकी। निगम बनने से और तेज विकास हो सकेगा। व्यापारी नेता अजयकांत गर्ग बोले कि नगर निगम बनने से मथुरा-वृंदावन के लोगों को निश्चित रूप से लाभ होगा। निगम बनने के बाद विकास की नई योजनाएं बनेंगी। मथुरा बडे़ शहरों में शामिल हो जाएगा।
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वहीं वृंदावन में स्वामी महेशानंद सरस्वती ने कहा कि 150 वर्ष पुरानी वृंदावन पालिका का अस्तित्व मिटाना अच्छी बात नहीं है। महामंडलेश्वर नवलगिरी महाराज ने इस मामले में चुप्पी साध रखी है। बसपा नेता योगेश द्विवेदी ने कहा कि यह निर्णय वृंदावन के सम्मान के खिलाफ किया गया। इसका पूर्ण विरोध किया जायेगा।
धर्म रक्षा संघ के सौरभ गौड़ और आचार्य बद्रीश ने कहा कि वृंदावन के अस्तित्व पर यह निर्णय भारी पड़ेगा। वृंदावन को नगर निगम में शामिल नहीं करना चाहिए था। वृंदावन अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जुगल किशोर सक्सेना, सुरेंद्र गौतम, विवेक महाजन ने कहा कि सरकार का निर्णय तानाशाही पूर्ण है। हम इस निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।
निगम के विरोध में शोले के वीरू बने चार युवक
पानी की टंकी पर चढ़े युवक
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा नगर निगम में वृंदावन शामिल न हो इस मांग को पूरा कराने के लिए शहीद भगत सिंह ब्रिगेड के अध्यक्ष लकी पंडित, सपा यूथ ब्रगेड के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अंकित वार्ष्णेंय, भाजपा कार्यकर्ता लव सक्सेना और शिवा निषाद हजारीमल सोमानी इंटर कालेज के खेल मैदान में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए।
मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे की इस घटन ने पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फुला दिए। चारों युवकों को टंकी से उतारने के लिए पुलिसकर्मी आगे बढ़े तो युवकों ने टंकी से छलांग लगाने की धमकी दे डाली। पुलिस वाले टंकी सीढ़ियों से उतर आए। युवक नारेबाजी करने लगे। लोगों की भीड़ लग गई। करीब आधा घंटे बाद चारों युवक टंकी से नीचे उतरे तो उनको हिरासत में ले लिया।
यहां से उनको सदर थाने भेज दिया गया। वहां शांति भंग में चालान कर दिया। लकी पंडित ने कहा कि हम अपनी आवाज लखनऊ तक पहुंचाने को टंकी पर चढ़े थे। वृंदावन को मथुरा नगर निगम में शामिल नहीं होने देंगे।
मंगलवार पूर्वाह्न करीब 11.30 बजे की इस घटन ने पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फुला दिए। चारों युवकों को टंकी से उतारने के लिए पुलिसकर्मी आगे बढ़े तो युवकों ने टंकी से छलांग लगाने की धमकी दे डाली। पुलिस वाले टंकी सीढ़ियों से उतर आए। युवक नारेबाजी करने लगे। लोगों की भीड़ लग गई। करीब आधा घंटे बाद चारों युवक टंकी से नीचे उतरे तो उनको हिरासत में ले लिया।
यहां से उनको सदर थाने भेज दिया गया। वहां शांति भंग में चालान कर दिया। लकी पंडित ने कहा कि हम अपनी आवाज लखनऊ तक पहुंचाने को टंकी पर चढ़े थे। वृंदावन को मथुरा नगर निगम में शामिल नहीं होने देंगे।