{"_id":"607484a57885c537641819d1","slug":"chaitra-navratri-2021-maa-durga-pojan-and-ghat-sthapana-at-navratri","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"चैत्र नवरात्रि: मां के साथ प्राप्त होगी राम की कृपा, घोड़े पर आएंगी हाथी पर जाएंगी मां दुर्गा, इस समय करें घट पूजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चैत्र नवरात्रि: मां के साथ प्राप्त होगी राम की कृपा, घोड़े पर आएंगी हाथी पर जाएंगी मां दुर्गा, इस समय करें घट पूजा
Tue, 13 Apr 2021 12:17 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 13 Apr 2021 12:17 AM IST
सार
नवरात्रि इस बार पूरे नौ दिन की होगी और दोहरा लाभ मिलेगा। मां दुर्गा के साथ इस बार रामजी की कृपा भी प्राप्त होगी।
विज्ञापन
नवरात्रि
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय नववर्ष मंगलवार से शुरू हो रहा है। इसे गुड़ी पड़वा भी कहा जाता है। नवरात्रि इस बार पूरे नौ दिन की होगी और दोहरा लाभ मिलेगा। मां दुर्गा के साथ इस बार रामजी की कृपा भी प्राप्त होगी। ऐसा कहना है कि भारद्वाज ज्योतिष एवं आध्यात्मिक शोध संस्थान, इंदौर के आचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक का। उन्होंने बताया कि इस बार गुड़ी पड़वा में घरों में ध्वजा लगाएं और नीम की पत्तियों का सेवन करें।
चैत्र नवरात्र की शुरुआत
मंगलवार को गुड़ी पड़वा से चैत्र नवरात्र का आरम्भ है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) से वासंतिक, राम ,नवरात्र का आरम्भ होता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि रवि योग अमृत, अमृतसिद्धि व सर्वार्थसिद्धि योग में अश्विनी नक्षत्र, विष्कुम्भ योग, बव करण, मेष राशि के चन्द्रमा में मंगलवार से शुरू हो रही है। नवरात्रि में मां घोड़े पर सवार हो आ रही हैं और हाथी पर सवार होकर लौटेंगी। हालांकि ये अशुभ है। लेकिन नवरात्र पूरे नौ दिनों के हैं। मंगलवार को शुभ ब्रह्ममुहूर्त में घटस्थापना होगी।
दुर्गा अष्टमी और रामनवमी
वहीं 20 अप्रैल मंगलवार को दुर्गा अष्टमी, 21 अप्रैल बुधवार को श्री रामनवमी के साथ ही पर्व का समापन होगा। मंगलवार से ही हमारा भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2078 प्रारम्भ होगा। आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि पंचांगकारों ने नए संवत्सर का नाम राक्षस बताया है। मंगलवार से शुरू हो रहे नव वर्ष का राजा व मंत्री दोनों मंगल होंगे। ज्योतिषीय मान से दशाधिकारियों की मानें तो भारतीय नववर्ष शुभ नहीं है। बताया कि पिछले वर्ष 25 मार्च से आरंभ चैत्र नवरात्र में भी वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के चलते देशवासी मां की आराधना नहीं कर सके थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
चैत्र नवरात्र की शुरुआत
मंगलवार को गुड़ी पड़वा से चैत्र नवरात्र का आरम्भ है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) से वासंतिक, राम ,नवरात्र का आरम्भ होता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि रवि योग अमृत, अमृतसिद्धि व सर्वार्थसिद्धि योग में अश्विनी नक्षत्र, विष्कुम्भ योग, बव करण, मेष राशि के चन्द्रमा में मंगलवार से शुरू हो रही है। नवरात्रि में मां घोड़े पर सवार हो आ रही हैं और हाथी पर सवार होकर लौटेंगी। हालांकि ये अशुभ है। लेकिन नवरात्र पूरे नौ दिनों के हैं। मंगलवार को शुभ ब्रह्ममुहूर्त में घटस्थापना होगी।
विज्ञापन
दुर्गा अष्टमी और रामनवमी
वहीं 20 अप्रैल मंगलवार को दुर्गा अष्टमी, 21 अप्रैल बुधवार को श्री रामनवमी के साथ ही पर्व का समापन होगा। मंगलवार से ही हमारा भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2078 प्रारम्भ होगा। आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि पंचांगकारों ने नए संवत्सर का नाम राक्षस बताया है। मंगलवार से शुरू हो रहे नव वर्ष का राजा व मंत्री दोनों मंगल होंगे। ज्योतिषीय मान से दशाधिकारियों की मानें तो भारतीय नववर्ष शुभ नहीं है। बताया कि पिछले वर्ष 25 मार्च से आरंभ चैत्र नवरात्र में भी वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण व लॉकडाउन के चलते देशवासी मां की आराधना नहीं कर सके थे।
विज्ञापन
नवरात्र में अलग-अलग दिन नवदुर्गा की आराधना भक्ति भाव से करें
मंगलवार को गुड़ीपड़वा को मां शैलपुत्री, 14 अप्रैल बुधवार द्वितीया को मां ब्रह्मचारिणी, 15 अप्रैल गुरुवार को मां चन्द्रघंटा, 16 अप्रैल शुक्रवार चतुर्थी को मां कूष्माण्डा, 17 अप्रैल शनिवार पंचमी को मां स्कंदमाता, 18 अप्रैल रविवार को षष्ठी मां कात्यायनी, 19 अप्रैल सोमवार सप्तमी को मां कालरात्रि और 20 अप्रैल मंगलवार अष्टमी को मां महागौरी की पूजा करें। वहीं 21 अप्रैल बुधवार रामनवमी को मां सिद्धिदात्री की पूजा श्रीरामदरबार के साथ करें।
वैश्विक महामारी कोरोना से मुक्ति के लिए रोजाना लाल गुलाब के पुष्प भगवती नवदुर्गा के चित्र पर अवश्य चढ़ाएं। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से भारतीय नववर्ष का आरम्भ होता है। अपने-अपने घरों पर ध्वजा लगाए और नीम की कच्ची कोपलों का सेवन करें। इससे आरोग्यता प्राप्त होती है।
मां को प्रसन्न करने के लिए उपाय
आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि मंगलवार को शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करें। प्रतिदिन मां को भोग लगाएं। सामर्थ्य अनुसार दुर्गा सप्तशती, नवार्ण मंत्र जप,राम रक्षा स्तोत्र, श्री रामचरित मानस का पारायण, दुर्गा चालीसा आदि का पाठ करने से पुरुषार्थ चतुष्टय की प्राप्ति होती है। नवमी को कन्या भोज अवश्य कराएं।
घट स्थापना के शुभ मुहूर्त
1-ब्रह्ममुहूर्त सर्वश्रेष्ठ, 2-प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजकर 30 मिनट चंचल, लाभ व अमृत की वेला में घट स्थापना अपनी अपनी कुल परम्परा के अनुसार करें।
मंगलवार को गुड़ीपड़वा को मां शैलपुत्री, 14 अप्रैल बुधवार द्वितीया को मां ब्रह्मचारिणी, 15 अप्रैल गुरुवार को मां चन्द्रघंटा, 16 अप्रैल शुक्रवार चतुर्थी को मां कूष्माण्डा, 17 अप्रैल शनिवार पंचमी को मां स्कंदमाता, 18 अप्रैल रविवार को षष्ठी मां कात्यायनी, 19 अप्रैल सोमवार सप्तमी को मां कालरात्रि और 20 अप्रैल मंगलवार अष्टमी को मां महागौरी की पूजा करें। वहीं 21 अप्रैल बुधवार रामनवमी को मां सिद्धिदात्री की पूजा श्रीरामदरबार के साथ करें।
वैश्विक महामारी कोरोना से मुक्ति के लिए रोजाना लाल गुलाब के पुष्प भगवती नवदुर्गा के चित्र पर अवश्य चढ़ाएं। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से भारतीय नववर्ष का आरम्भ होता है। अपने-अपने घरों पर ध्वजा लगाए और नीम की कच्ची कोपलों का सेवन करें। इससे आरोग्यता प्राप्त होती है।
मां को प्रसन्न करने के लिए उपाय
आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि मंगलवार को शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करें। प्रतिदिन मां को भोग लगाएं। सामर्थ्य अनुसार दुर्गा सप्तशती, नवार्ण मंत्र जप,राम रक्षा स्तोत्र, श्री रामचरित मानस का पारायण, दुर्गा चालीसा आदि का पाठ करने से पुरुषार्थ चतुष्टय की प्राप्ति होती है। नवमी को कन्या भोज अवश्य कराएं।
घट स्थापना के शुभ मुहूर्त
1-ब्रह्ममुहूर्त सर्वश्रेष्ठ, 2-प्रातः 9 बजे से दोपहर 1 बजकर 30 मिनट चंचल, लाभ व अमृत की वेला में घट स्थापना अपनी अपनी कुल परम्परा के अनुसार करें।