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UP: जब अपने ही बेटे के खिलाफ खड़े हो गए थे चौ. चरण सिंह, कहा था- विदेश से पढ़कर आया है देश को नहीं समझेगा
Sat, 10 Feb 2024 02:05 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 10 Feb 2024 02:05 PM IST
सार
मथुरा के डेम्पियर नगर में हो रही सभा में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने अजीत सिंह के लिए बोले- वह विदेश से पढ़कर आया है, देश को नहीं समझेगा।
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पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह का मथुरा से गहरा नाता रहा है। इसके दो कारण हैं, पहला यह क्षेत्र जाट बाहुल्य है। दूसरा यहां किसानों की संख्या अच्छी खासी है। चौधरी चरण सिंह की 70 के दशक में हुई एक जनसभा का किस्सा है कि उन्होंने अपने बेटे अजीत सिंह की राजनीति में एंट्री को लेकर मुखालफत कर दी थी। कहा था कि वह विदेश से पढ़कर आया है। वह देश को नहीं समझेगा।
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रालोद के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह बताते हैं कि चौधरी चरण सिंह की डेम्पियर नगर में हुई सभा में वह मौजूद थे। चौधरी चरण सिंह भाषण दे रहे थे। इसी बीच अजीत सिंह का नाम आया। तब उन्होंने कहा कि जो गांव और किसान को जानता है, उनकी परेशानियों को समझता है उसे देश की सियासत में आने का हक है। राजीव गांधी ने जहाज उड़ाए हैं। विदेश में पढ़े हैं। मेरा बेटा अजित सिंह खुद विदेश में पढ़ा है, ऐसे लोगों के लिए सियासत में कोई जगह नहीं है। इसी दशक में एक लोकसभा चुनाव के दौरान मुलायम सिंह यादव उम्मीदवारों के नाम की लिस्ट पढ़ रहे थे।
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मथुरा सीट से अजीत सिंह का नाम बोला गया। इस पर चरण सिंह ने कहा कि यह कौन है, राजनीति में जिसे मैं नहीं जानता और आप उसे मथुरा से टिकट दे रहे हैं। तब चौधरी देवीलाल ने कहा कि यह तुम्हारा छोरो है। इस पर उन्होंने मुलायम सिंह को डांट लगाते हुए कहा कि तू तो मेरे से राजनीति सीख रहा है। फिर तू कैसे परिवारवाद की बात कर सकता है। मुझे तुझ से ऐसी उम्मीद नहीं थी और यह कहकर वो उस मीटिंग को छोड़कर चले गए।
देवरहा बाबा का पैर सिर पर रखकर आशीर्वाद लेने से किया मना
रालोद के वरिष्ठ नेता धर्म सिंह चौधरी बताते हैं कि 1985-86 में रालोद का वृंदावन में शिविर लगा था। उस वक्त राजनेता देवरहा बाबा के पास आशीर्वाद लेने जाते थे। पार्टी के नेताओं ने चौधरी चरण सिंह से भी वहां चलने को कहा। चौधरी चरण सिंह ने शर्त रखी कि वह देवरहा बाबा का पैर अपने सिर पर नहीं रखवाएंगे। इसके बाद वह देवरहा बाबा से मिलने गए। दूर से प्रणाम किया और वापस आ गए।
रालोद के वरिष्ठ नेता धर्म सिंह चौधरी बताते हैं कि 1985-86 में रालोद का वृंदावन में शिविर लगा था। उस वक्त राजनेता देवरहा बाबा के पास आशीर्वाद लेने जाते थे। पार्टी के नेताओं ने चौधरी चरण सिंह से भी वहां चलने को कहा। चौधरी चरण सिंह ने शर्त रखी कि वह देवरहा बाबा का पैर अपने सिर पर नहीं रखवाएंगे। इसके बाद वह देवरहा बाबा से मिलने गए। दूर से प्रणाम किया और वापस आ गए।
टाउनशिप में एक फैक्ट्री का उद्घाटन करने आए, मशीनें देख लौट गए
रालोद के वरिष्ठ नेता आरबी चौधरी बताते हैं कि पूर्व जन प्रतिनिधियों द्वारा टाउनशिप एरिया में एक फैक्ट्री स्थापित की गई थी। चौधरी चरण सिंह को उसका उद्घाटन करने को आमंत्रित किया गया। चौधरी चरण सिंह वहां पहुंचे। उन्होंने फैक्ट्री में स्थापित बड़ी-बड़ी मशीनों को देख उद्घाटन करने से मना कर दिया। कहा कि यह मशीन मजदूरों के हाथ से रोजगार छीन लेंगी। फैक्ट्री का उद्घाटन नहीं करूंगा।
रालोद के वरिष्ठ नेता आरबी चौधरी बताते हैं कि पूर्व जन प्रतिनिधियों द्वारा टाउनशिप एरिया में एक फैक्ट्री स्थापित की गई थी। चौधरी चरण सिंह को उसका उद्घाटन करने को आमंत्रित किया गया। चौधरी चरण सिंह वहां पहुंचे। उन्होंने फैक्ट्री में स्थापित बड़ी-बड़ी मशीनों को देख उद्घाटन करने से मना कर दिया। कहा कि यह मशीन मजदूरों के हाथ से रोजगार छीन लेंगी। फैक्ट्री का उद्घाटन नहीं करूंगा।