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नवागत सीडीओ को चार ग्राम पंचायतें दिखाकर गुमराह किया गुमराह, अधिकारी को दिखाए विकासकार्य
Wed, 01 Jul 2020 01:09 PM IST
आगरा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jul 2020 01:09 PM IST
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ग्राम पंचायत से लौटतीं सीडीओ ईशा प्रिया
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी जिले में कुल 552 ग्राम पंचायतें हैं, लेकिन जब भी कोई अफसर ग्रामीण क्षेत्र में व्यवस्थाएं देखना चाहता है तो उसे गिनी चुनी चार ग्राम पंचायतें ही दिखाईं जाती हैं। इस बार ऐसा ही किया गया है। नवागत सीडीओ को भी चुनिंदा ग्राम पंचायतों में घुमाकर जिम्मेदार अपनी गर्दन बचा गए।
विकास खंड जागीर की ग्राम पंचायत अजीतगंज, मैनपुरी की ग्राम पंचायत अस्यौली, करीमगंज और जरामई में ही अधिकारियों का दौरा कराया जाता है। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी के अलावा मंडलायुक्त और शासन से नामित नोडल अधिकारी भी यहां विकास कार्य देखकर लौट जाते हैं।
सोमवार को नवागत सीडीओ ईशा प्रिया ने कार्यभार संभाला। इसके बाद मंगलवार को वह ग्राम पंचायतों की हकीकत जानने के लिए निकलीं। उन्हें ग्राम पंचायत अस्यौली के नगला गुरुबख्श, करीमगंज और अजीतगंज ले जाया गया। यहां नगला गुरुबख्श में सीडीओ ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत हुआ कार्य देखा तो वहीं अजीतगंज में निगरानी समिति के साथ बैठक की।
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विकास खंड जागीर की ग्राम पंचायत अजीतगंज, मैनपुरी की ग्राम पंचायत अस्यौली, करीमगंज और जरामई में ही अधिकारियों का दौरा कराया जाता है। जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी के अलावा मंडलायुक्त और शासन से नामित नोडल अधिकारी भी यहां विकास कार्य देखकर लौट जाते हैं।
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सोमवार को नवागत सीडीओ ईशा प्रिया ने कार्यभार संभाला। इसके बाद मंगलवार को वह ग्राम पंचायतों की हकीकत जानने के लिए निकलीं। उन्हें ग्राम पंचायत अस्यौली के नगला गुरुबख्श, करीमगंज और अजीतगंज ले जाया गया। यहां नगला गुरुबख्श में सीडीओ ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत हुआ कार्य देखा तो वहीं अजीतगंज में निगरानी समिति के साथ बैठक की।
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ये है कारण
अजीतगंज, करीमगंज, जरामई आदि गांव हाईवे पर बसे हुए हैं। ऐसे में इन गांवों में जब अधिकारी जाते हैं तो उन्हें साफ सुथरी सड़क नजर आती है। गांव की गलियों की बदहाली अधिकारियों को नहीं दिखती है। इसके साथ ही ये गांव हाईवे पर बसे होने के कारण संपन्न हैं।
कब किस ग्राम पंचायत में गए अधिकारी
-सितंबर 2019 में तत्कालीन सीडीओ अजीतगंज गए
-नवंबर 2019 में में तत्कालीन डीएम अजीतगंज गए
-मई 2020 में तत्कालीन सीडीओ अजीतगंज गए
-मई 2020 में तत्कालीन सी,डीओ करीमगंज गए
-अप्रैल 2020 में जिला विकास अधिकारी अस्यौली गए
-नवंबर 2019 में मंडलायुक्त जरामई निरीक्षण को पहुंचे
-दिसंबर 2019 में नोडल अधिकारी शासन ने जरामई का निरीक्षण किया
-जून 2020 में परियोजना निदेशक ने जरामई में निरीक्षण किया
विभागीय अधिकारियों द्वारा ही गांव के नाम सुझाए गए थे। मेरा उद्देश्य केवल गांवों को देखना था। आगे अन्य गांवों का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी जाएंगी। ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।
अजीतगंज, करीमगंज, जरामई आदि गांव हाईवे पर बसे हुए हैं। ऐसे में इन गांवों में जब अधिकारी जाते हैं तो उन्हें साफ सुथरी सड़क नजर आती है। गांव की गलियों की बदहाली अधिकारियों को नहीं दिखती है। इसके साथ ही ये गांव हाईवे पर बसे होने के कारण संपन्न हैं।
कब किस ग्राम पंचायत में गए अधिकारी
-सितंबर 2019 में तत्कालीन सीडीओ अजीतगंज गए
-नवंबर 2019 में में तत्कालीन डीएम अजीतगंज गए
-मई 2020 में तत्कालीन सीडीओ अजीतगंज गए
-मई 2020 में तत्कालीन सी,डीओ करीमगंज गए
-अप्रैल 2020 में जिला विकास अधिकारी अस्यौली गए
-नवंबर 2019 में मंडलायुक्त जरामई निरीक्षण को पहुंचे
-दिसंबर 2019 में नोडल अधिकारी शासन ने जरामई का निरीक्षण किया
-जून 2020 में परियोजना निदेशक ने जरामई में निरीक्षण किया
विभागीय अधिकारियों द्वारा ही गांव के नाम सुझाए गए थे। मेरा उद्देश्य केवल गांवों को देखना था। आगे अन्य गांवों का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी जाएंगी। ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।