UP: रिश्वत लेते वरिष्ठ पोस्ट मास्टर व पीआरओ रंगे हाथ धरे गए, शिकायत में सीबीआई ने बिछाया था जाल
ताजनगरी में सीबीआई ने रिश्वत लेते वरिष्ठ पोस्ट मास्टर व पीआरओ को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। शिकायत में सीबीआई ने इन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछाया था।
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उत्तर प्रदेश के आगरा में शनिवार को सीबीआई ने रिश्वत लेते वरिष्ठ पोस्ट मास्टर और जनसंपर्क निरीक्षक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। प्रतापपुरा प्रधान डाकघर में नोडल डिलीवरी सेंटर (एनडीसी) प्रभारी से आरोप पत्र रद्द करने के नाम पर एक लाख रुपये रिश्वत मांगी गई। शुक्रवार की शाम केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वरिष्ठ पोस्टमास्टर (एसपीएम) देवेंद्र कुमार और जनसंपर्क निरीक्षक (पीआरआई) राजीव दुबे को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद इन्हें गाजियाबाद स्थित अदालत में पेश किया गया, जहां से जेल भेजा गया।
अकोला स्थित खलऊआ गांव निवासी चंद्रभान सिंह ने सीबीआई में भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह चार साल से प्रधान डाकघर में एनडीसी प्रभारी हैं। 11 फरवरी को आरओ-एआरओ परीक्षा का 8400 रुपया मानदेय वितरण के लिए मिला था। ड्यूटी के बाद उन्होंने स्टाफ को 4800 रुपये मानदेय बांट दिया, बचे 3600 रुपये जिला कोषागार में जमा कराए थे।
आरोप है कि एसपीएम देवेंद्र कुमार ने 3600 रुपये वापस करने पर मानदेय वितरण में उन पर गड़बड़ी के आरोप लगाए। प्रधान डाकघर से उनका तबादला आगरा फोर्ट डाकघर में कर दिया। तबादला के दो महीने बाद भी उन्हें रिलीव नहीं किया। आरोप पत्र भी थमा दिया।
आरोप पत्र निरस्त करने के नाम पर उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। उन्होंने सीबीआई में इस भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई। सीबीआई टीम ने गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे 20 हजार रुपये की पेशगी लेकर वह एसपीएम के पास गए। एसपीएम ने पीआरआई को पैसा देने की बात कही। पीआरआई ने 20 हजार रुपये पकड़े, रकम एसपीएम को दी। सीबीआई ने दोनों को रंगे हाथ दबोच लिया।
बाबू के जरिए करता था अवैध वसूली
शिकायतकर्ता चंद्रभान सिंह ने बताया कि एसपीएम डाकघर में तैनात एक बाबू के जरिए अवैध वसूली करता था। कुछ दिनों से उसने पीआरआई को अपना कारखास बना रखा है। पीआरआई का काम डाकियों के डाक की निगरानी करना है। उन्होंने बताया कि एसपीएम पहले संजय प्लेस डाकघर में तैनात था। कुछ महीने पहले ही उसका तबादला संजय प्लेस से प्रधान डाकघर में हुआ था।