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शवों का सौदा: पोस्टमार्टम के नाम पर वसूली का मामला पहुंच लखनऊ, मुख्यमंत्री सचिवालय ने लिया संज्ञान
Wed, 01 May 2024 09:21 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 01 May 2024 09:21 AM IST
सार
पोस्टमार्टम के नाम पर रुपये लेने का मामला लखनऊ पहुंच गया है। इस मामले में सचिवालय के अधिकारी ने अधिवक्ता से फोन पर बात की। साथ ही जिला प्रशासन को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा
- फोटो : संवाद
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विस्तार
आगरा के पोस्टमार्टम हाउस में दो ऐसे मामले आए, जिनमें पोस्टमार्टम के नाम पर परिवार वालों से पैसे वसूले गए। आगरा के पोस्टमार्टम के नाम पर रुपये लेने के मामले में मुख्यमंत्री सचिवालय से अधिकारी ने वरिष्ठ अधिवक्ता रमा शंकर से फोन पर बात कीं। कहा कि सचिवालय की तरफ से जिला प्रशासन को मामले में कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
अधिवक्ता रमा शंकर शर्मा ने बताया कि 11 फरवरी 2024 को लॉयर्स कॉलोनी निवासी तरुण चौहान ने अपने बेटे कुशाग्र चौहान और मां बृजेश चौहान की हत्या कर खुद फंदे से लटककर जान दे दी थी। उनके परिजन से पोस्टमार्टम के नाम पर 1500 रुपये लिए थे। इसके बाद रायभा निवासी भरत सिंह से उसके बच्चे का पोस्टमार्टम करने के नाम पर 600 रुपये लिए गए। दोनों मामलों में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक, मुख्य चिकित्सा चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव, एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रशांत गुप्ता को नोटिस भेजकर कार्रवाई की मांग की थी।
कहा गया कि सचिवालय के आदेश के बाद भी प्रशासन ने अवैध वसूली करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की, तो वह कोर्ट में स्वास्थ्य मंत्री, सीएमओ और पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक और उनके सहायकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए प्रार्थनापत्र देंगे।
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अधिवक्ता रमा शंकर शर्मा ने बताया कि 11 फरवरी 2024 को लॉयर्स कॉलोनी निवासी तरुण चौहान ने अपने बेटे कुशाग्र चौहान और मां बृजेश चौहान की हत्या कर खुद फंदे से लटककर जान दे दी थी। उनके परिजन से पोस्टमार्टम के नाम पर 1500 रुपये लिए थे। इसके बाद रायभा निवासी भरत सिंह से उसके बच्चे का पोस्टमार्टम करने के नाम पर 600 रुपये लिए गए। दोनों मामलों में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ, स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक, मुख्य चिकित्सा चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव, एसएन मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रशांत गुप्ता को नोटिस भेजकर कार्रवाई की मांग की थी।
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कहा गया कि सचिवालय के आदेश के बाद भी प्रशासन ने अवैध वसूली करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की, तो वह कोर्ट में स्वास्थ्य मंत्री, सीएमओ और पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक और उनके सहायकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए प्रार्थनापत्र देंगे।
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