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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हादसाः डिवाइडर से टकराई सेंट्रो कार, बुलंदशहर जा रहे दरोगा की मौत
Mon, 09 Nov 2020 11:49 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फिरोजाबाद
Published by: Abhishek Saxena
Updated Mon, 09 Nov 2020 11:49 AM IST
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दरोगा योगेंद्र कुमार का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर सोमवार को तड़के चार बजे हुए हादसे में जिला महाराजगंज के थाना परसा मलिक में तैनात उप निरीक्षक की मौत हो गई। वह 14 दिन का अवकाश लेकर अपनी निजी कार से महाराजगंज से अपने घर बुलंदशहर जा रहे थे। मटसेना थाना क्षेत्र में उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई। कार वह स्वयं चला रहे थे और अकेले थे। कार का आगे का हिस्सा पूरी तरह से डिवाइडर में घुस गया था।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर थाना मटसेना क्षेत्र के किलोमीटर संख्या 40 पर लाल रंग की सेंट्रो कार तड़के करीब चार बजे अचानक डिवाइडर से टकरा गई। यूपीडा की टीम के साथ पुलिस मौके पर पहुंच गई। कार में फंसे शव को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मृतक के पास मिले मोबाइल पर संपर्क किया तो उनकी पहचान मूल रुप से हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ के नगला हरनाथ एवं वर्तमान में जिला बुलंदशहर के नरौरा निवासी योगेंद्र कुमार (45) पुत्र गंगाराम के रूप में हुई।
ये भी पढ़ें- यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा, आधा दर्जन गाड़ियां आपस में टकराईं, तीन लोगों की मौत, चार घायल
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योगेंद्र कुमार वर्तमान में महाराजगंज जिले के थाना परसा मलिक में उप निरीक्षक के पद पर तैनात थे। परिजनों ने बताया कि रविवार की शाम करीब आठ बजे दिवाली के त्योहार और घरेलू कामकाज होने के कारण 14 दिन की छुट्टी लेकर अपनी कार से बुलंदशहर के लिए चले थे। उप निरीक्षक योगेंद्र कुमार के बड़े भाई अनिल कुमार अपने कुछ परिचितों के साथ सोमवार दोपहर को जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराके परिजनों को सौंप दिया।
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आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर थाना मटसेना क्षेत्र के किलोमीटर संख्या 40 पर लाल रंग की सेंट्रो कार तड़के करीब चार बजे अचानक डिवाइडर से टकरा गई। यूपीडा की टीम के साथ पुलिस मौके पर पहुंच गई। कार में फंसे शव को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मृतक के पास मिले मोबाइल पर संपर्क किया तो उनकी पहचान मूल रुप से हरियाणा के जिला महेंद्रगढ़ के नगला हरनाथ एवं वर्तमान में जिला बुलंदशहर के नरौरा निवासी योगेंद्र कुमार (45) पुत्र गंगाराम के रूप में हुई।
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योगेंद्र कुमार वर्तमान में महाराजगंज जिले के थाना परसा मलिक में उप निरीक्षक के पद पर तैनात थे। परिजनों ने बताया कि रविवार की शाम करीब आठ बजे दिवाली के त्योहार और घरेलू कामकाज होने के कारण 14 दिन की छुट्टी लेकर अपनी कार से बुलंदशहर के लिए चले थे। उप निरीक्षक योगेंद्र कुमार के बड़े भाई अनिल कुमार अपने कुछ परिचितों के साथ सोमवार दोपहर को जिला अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराके परिजनों को सौंप दिया।
1996 में कांस्टेबल के पद पर हुआ था चयन, जनवरी 2020 में बने थे दारोगा
मृतक उपनिरीक्षक योगेंद्र कुमार तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई अनिल कुमार जीआरपी दिल्ली एवं छोटा भाई सतेंद्र आर्मी से रिटायर्ड हुए हैं। योगेंद्र 1996 में उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। जनवरी 2018 में उपनिरीक्षक की परीक्षा पास करने के साथ उनका चयन उप निरीक्षक पद पर हो गया था। उप निरीक्षक के रूप में पहली तैनाती जिला बुलंदशहर के नरौरा में थी। दूसरी तैनाती महाराजगंज जिले के थाना परसा मलिक में मिली थी।
बेटा-बेटी के सिर से उठा पिता का साया
योगेंद्र परिवार में उसकी पत्नी सुशीला देवी के अलावा एक बेटा भोलू उर्फ नवनीत (12) तथा एक बेटी रुचि उर्फ पूजा(14) है। पत्नी एवं बच्चे नरौरा में आवंटित सरकारी आवास में रह रहे हैं।
मृतक उपनिरीक्षक योगेंद्र कुमार तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई अनिल कुमार जीआरपी दिल्ली एवं छोटा भाई सतेंद्र आर्मी से रिटायर्ड हुए हैं। योगेंद्र 1996 में उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुए थे। जनवरी 2018 में उपनिरीक्षक की परीक्षा पास करने के साथ उनका चयन उप निरीक्षक पद पर हो गया था। उप निरीक्षक के रूप में पहली तैनाती जिला बुलंदशहर के नरौरा में थी। दूसरी तैनाती महाराजगंज जिले के थाना परसा मलिक में मिली थी।
बेटा-बेटी के सिर से उठा पिता का साया
योगेंद्र परिवार में उसकी पत्नी सुशीला देवी के अलावा एक बेटा भोलू उर्फ नवनीत (12) तथा एक बेटी रुचि उर्फ पूजा(14) है। पत्नी एवं बच्चे नरौरा में आवंटित सरकारी आवास में रह रहे हैं।