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World Cancer Day: युवाओं को इस वजह से गिरफ्त में ले रहा कैंसर, पढ़ें ये रिपोर्ट

Sun, 04 Feb 2018 01:54 PM IST
न्यूज डेस्क अमर उजाला आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला आगरा Updated Sun, 04 Feb 2018 01:54 PM IST
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cancer is growing rapidly among youth
डेमो इमेज
फलां आदमी ने कभी तंबाकू नहीं खाई फिर भी कैंसर हो गया...। बस कहने की बात है वरना जिसको होना है, उसे होगा साहब। तंबाकू सेवन का नुकसान बताने पर इसका सेवन करने वाले लोग इन वाक्यों से खुद को सही ठहराते हैं। 
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लेकिन वो भारी गलतफहमी में हैं। 85 फीसदी मरीजों में कैंसर होने की वजह तंबाकू सेवन ही है। तंबाकू सेवन की आदत 20-30 वर्ष के युवाओं को भी मर्ज दे रही है। 
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एसएन कालेज के कैंसर रोग विभाग की स्टडी बताती है कि पांच से आठ फीसदी मरीज 20-30 साल उम्र के ही हैं। कैंसर रोग विभाग में साल में औसतन 1200 मरीज होते हैं। 
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इनमें से 100 नए मरीजों पर स्टडी कर चिकित्सकों ने पाया कि 20-30 साल के मरीजों में 14-15 साल की उम्र से ही तंबाकू खाना शुरू कर दिया था। शुरुआत जरूर शौकिया तौर पर हुई लेकिन बाद में इसके आदी हो गए। 

cancer is growing rapidly among youth
कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. सुरभि गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
तंबाकू में टार की वजह से गाल, होठ, तालू, जीभ, मुंह और गले का कैंसर बन गया। स्टडी के मुताबिक सबसे ज्यादा 49 फीसदी मरीज मुंह, गले और स्तन-बच्चेदानी के मुख के कैंसर के 45 प्रतिशत मरीज रहे। बाकी में पित्त की थैली, बड़ी आंत, फेफड़े का कैंसर पाया गया। 

एसएन मेडिकल कॉलेज की कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. सुरभि गुप्ता का कहना है कि गुटका-खैनी समेत अन्य तंबाकू उत्पाद के शौक के चलते युवाओं में कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। 

नए मरीजों में 20-30 साल के युवाओं की बढ़ती संख्या चिंतित करने वाली है। विडंबना ये कि मरीज अपनी आदत को सही ठहराने के लिए तमाम तर्क भी देते हैं। 

कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. नरेंद्र देव कहते हैं कि गुटका, खैनी समेत तंबाकू युक्त अन्य प्रोडक्ट के युवा आदी हो गए हैं। रोजाना के 10-15 पाउच खाना इनके लिए सामान्य बात है। तंबाकू छोड़ना ही बचाव है। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना भारी पड़ जाता है। मरीज जांच से बचें नहीं। 

स्तन कैंसर से बचने को खुद करें जांच

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कैंसर रोग विशेषज्ञ डा. नरेंद्र देव - फोटो : अमर उजाला
स्तन कैंसर से बचने के लिए चिकित्सक महिलाओं को खुद जांच के लिए प्रेरित करते हैं। स्वयं निरीक्षण करें अगर कहीं गांठ है तो उसे बेझिझक होकर चिकित्सक को दिखाएं। 

दरअसल, स्तन में पाई जाने वाली गांठों में 20 फीसदी में ही कैंसर की संभावना रहती है, लेकिन परीक्षण जरूरी है। बच्चेदानी के मुख के कैंसर से बचने के लिए अत्यधिक रक्तस्राव होने पर नजरअंदाज नहीं करें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। 

युवाओं में बढ़ा मर्ज
उम्र्र           मरीजों का प्रतिशत 
21-30       05 
31-40       17
41-50       30
51-60       30
61-71       16
70 से अधिक 02

ये स्थिति ज्यादा खतरनाक

- तंबाकू को एक ही स्थान पर दबाए रखना
- तंबाकू को मुंह में दबाकर ही सो जाना
- तंबाकू का अधिक मात्रा में सेवन करना

ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान 
- लंबे समय तक मुंह में छाले रहना, ठीक न होना
- मुंह का कम खुलना, गले में गांठें उभर आना
- मुंह में लाल-सफेद चकत्ते, स्वाद पता न चलना
- खाने-पीने और निगलने में परेशानी होना
- आवाज में भारीपन या फिर अन्य बदलाव होना
- दो महीने से अधिक खांसी होना, वजन कम होना
- मल-मूत्र, मुंह एवं शरीर के किसी अंग से रक्तस्राव 
- स्तन समेत शरीर में गांठ होना, जिसमें दर्द न होता हो
- त्वचा का रंग बदलना, चमड़ी का सख्त हो जाना
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