Kasganj: फर्जी दस्तावेज तैयार कर बन बैठे जमीन के वारिस, इस तरह हुआ जालसाजी का खुलासा
थाना प्रभारी राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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कासगंज के सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र के एक गांव में जालसाजी का मामला सामने आया है। मामले की पोल तब खुली जब जालसाज फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। इस मामले में जालसाजों के खिलाफ पुलिस से शिकायत की गई। कार्रवाई न होने पर फरियादी ने न्यायालय की शरण ली। अब कोर्ट के आदेश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज करवाया गया है।
यहां का है मामला
क्षेत्र के गांव सलावत नगर के श्रीपाल ने बताया कि उसकेचाचा ईश्वरी प्रसाद का निधन हो चुका है। उन्होंने जीवित रहते हुए अपनी जमीन का कोई वारिस नहीं बनाया और न ही जमीन किसी को बेची। उनकी मृत्यु के पश्चात गांव के ही खूब सिंह और बदन सिंह फर्जी दस्तावेज तैयार करके उनकी जमीन के वारिस बन बैठे। इन दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने खतौनी में भी अपना नाम चढ़वा लिया। दोनों ने इन फर्जी दस्तावेजों में खुद को उनका पुत्र दर्शाया।
ये है आरोप
श्रीपाल का आरोप है कि दोनों आरोपी इन दस्तावेजों के आधार पर ईश्वरी प्रसाद की जमीन पर 22 दिसंबर 2021 को कब्जा करने आए। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इस पर श्रीपाल ने इस मामले की शिकायत स्थानीय पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद श्रीपाल ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने पुलिस को इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। रविवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ फर्जीवाड़ा और जान से मारने की धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।