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नालंदा क्राउन में बुरे फंसे: दस साल बाद भी नहीं मिले फ्लैट, होम बायर एसोसिएशन में पनप रहा आक्रोश
Mon, 26 Dec 2022 01:11 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 26 Dec 2022 01:11 PM IST
सार
वादे के मुताबिक प्रोजेक्ट में बिल्डर ने काम नहीं किया। शरद शर्मा का कहना है कि बिल्डर की मंशा ठीक नहीं। फर्जी बिलों के सहारे खुद को दिवालिया घोषित कर भागना चाहता है।
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बिल्डर (सांकेतिक फोटो)
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विस्तार
आगरा के शास्त्रीपुरम स्थित नालंद क्राउन में फंसे खरीदार 10 साल से घर के लिए भटक रहे हैं। रविवार को होम बायर एसोसिएशन ने प्रेसवार्ता कर बिल्डर पर मनमानी और बेईमानी के आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से मदद मांगी है। आशंका व्यक्त की है कि बिल्डर कहीं भाग न जाए। बिल्डर की मंशा भी ठीक नहीं है। इससे घर खरीदारों में आक्रोश व्याप्त है।
नालंद क्राउन होम बायर एसोसिएशन अध्यक्ष नितिन अरोरा ने कहा 2012 में द्वारिका रेजीडेंसी और नालंदा बिल्डर्स एंड डवलपर्स ने प्रोजेक्ट लांच किया था। 2014 में ग्राहकों को हैंडओवर करना था। सात साल बाद भी खरीदारों की रकम फंसी है। खरीदार किराए पर रहने को मजबूर हैं। फ्लैट खरीद के लिए जो कर्ज लिया था, उस पर ब्याज देना पड़ रहा है। कोषाध्यक्ष सीए अंकुर जैन ने बताया कि प्रोजेक्ट आधा अधूरा पड़ा है। सीवर, बिजली, पानी और लिफ्ट नहीं है। वादे के मुताबिक प्रोजेक्ट में बिल्डर ने काम नहीं किया। शरद शर्मा का कहना है कि बिल्डर की मंशा ठीक नहीं। फर्जी बिलों के सहारे खुद को दिवालिया घोषित कर भागना चाहता है।
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नालंद क्राउन होम बायर एसोसिएशन अध्यक्ष नितिन अरोरा ने कहा 2012 में द्वारिका रेजीडेंसी और नालंदा बिल्डर्स एंड डवलपर्स ने प्रोजेक्ट लांच किया था। 2014 में ग्राहकों को हैंडओवर करना था। सात साल बाद भी खरीदारों की रकम फंसी है। खरीदार किराए पर रहने को मजबूर हैं। फ्लैट खरीद के लिए जो कर्ज लिया था, उस पर ब्याज देना पड़ रहा है। कोषाध्यक्ष सीए अंकुर जैन ने बताया कि प्रोजेक्ट आधा अधूरा पड़ा है। सीवर, बिजली, पानी और लिफ्ट नहीं है। वादे के मुताबिक प्रोजेक्ट में बिल्डर ने काम नहीं किया। शरद शर्मा का कहना है कि बिल्डर की मंशा ठीक नहीं। फर्जी बिलों के सहारे खुद को दिवालिया घोषित कर भागना चाहता है।
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किसी और को बेच दिया प्रोजेक्ट
डॉ. सौरभ चतुर्वेदी का कहना है कि नालंदा बिल्डर ने 2017 में प्रोजेक्ट उन्नति फार्च्यून ग्रुप को बेच दिया। जिसे फार्च्यून ग्रुप ने बैंक में गिरवी रख दिया। नए बिल्डर पंकज मित्तल और प्रमोद कुमार गुप्ता भी हमारे साथ हुई धोखाधड़ी में कोई मदद नहीं कर रहे। उन्होंने कहा यही हालात रहे तो बैंक प्रोजेक्ट को नीलाम कर सकती है। ऐसे में लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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