फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   buddha purnima 2019 importance significance shubh muhurat puja vidhi

बुद्ध पूर्णिमा पर 502 साल बाद बन रहा दुर्लभ योग, जानिए पूजा विधि, महत्व और मान्यताएं

Sat, 18 May 2019 11:24 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 18 May 2019 11:24 AM IST
विज्ञापन
buddha purnima 2019 importance significance shubh muhurat puja vidhi
बुद्ध पूर्णिमा
आज बैसाख पूर्णिमा के साथ ही बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाएगी। ज्योतिष के अनुसार इस साल बुद्ध पूर्णिमा और भी मंगलकारी है, क्योंकि बुद्ध पूर्णिमा पर 502 साल बाद दुर्लभ योग बन रहा है। इस दिन ब्रज में जगह जगह कार्यक्रमों को आयोजन किया जाएगा। वहीं मैनपुरी में गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज से बुद्ध जयंती पर शोभायात्रा निकाली जाएगी। 
विज्ञापन


प्रोफेसर रामरक्षपाल सिंह बौद्ध बताते हैं कि भगवान बुद्ध ने इसी दिन अवतार लिया था। 502 साल बाद पहली बार ऐसा हो रहा है मंगल, राहु-केतु और शनि के दुर्लभ योग के बीच बुद्ध जयंती मनाई जाएगी। सूर्य और गुरु भी एक दूसरे पर दृष्टि रखेंगे। 
विज्ञापन


बुद्ध पूर्णिमा पर ऐसा दुर्लभ योग 502 साल पहले 16 मई 1517 में बना था। आगे ऐसा संयोग 205 साल बाद दो जून 2224 को बनेगा। बैसाख पूर्णिमा को सत्य विनायक पूर्णिमा भी कहा जाता है। लोग सत्य नारायण भगवान की कथा कराने के साथ ही दान पुण्य भी करते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

इस मंत्र का करें जाप

पंडित स्वदेश महाराज कहते हैं कि बैसाख पूर्णिमा पर किसी पवित्र नदी में स्नान करने, गरीबों को धन का दान करने के साथ ही सत्य नारायण भगवान की कथा सुनने से पुण्यलाभ प्राप्त होता है। शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाकर चांदी के लोटे से दूध चढ़ाना चाहिए। ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप भी करना चाहिए। बैसाख माह के स्नान भी इसी दिन से समाप्त हो जाते हैं।

बैसाख पूर्णिमा का महत्व

बैसाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। भविष्य पुराण और आदित्य पुराण में इसे पवित्र और लाभदायी माना गया है। पकवान और मिष्ठान वितरित करना गो दान के बराबर फल देने वाला माना जाता है। भगवान विष्णु के पूजन के समय तिल के तेल का दीपक जलाना चाहिए। पवित्र नदियों में स्नान करने के समय हाथ में तिल रखकर तर्पण करने से पितरों को तृप्ति होती है और उनका आशीर्वाद भी मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed