{"_id":"696ff6f8fcb73ff7480642d4","slug":"brigadier-siddharth-malik-said-in-agra-tariffs-are-being-used-as-a-weapon-agra-news-c-25-1-agr1035-969671-2026-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"आगरा में ब्रिगेडियर सिद्धार्थ मलिक बोले: टैरिफ का हथियार की तरह हो रहा इस्तेमाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आगरा में ब्रिगेडियर सिद्धार्थ मलिक बोले: टैरिफ का हथियार की तरह हो रहा इस्तेमाल
विज्ञापन
उद्घाटन करते ब्रिगेडियर व अन्य
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आगरा। जियो पॉलिटिक्स बदल रही है। टैरिफ को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे माहौल में आगे बढ़ने के लिए आत्मनिर्भर होना पड़ेगा। नवाचार और निर्माण का केंद्र बनना पड़ेगा। तभी हम विकसित की ओर कदम बढ़ा सकेंगे। ये कहना है आर्मी वर्कशॉप 509 के ब्रिगेडियर सिद्धार्थ मलिक का। वह मंगलवार को फाउड्री नगर में एमएसएमई के दो दिवसीय वेंडर विकास कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
सेना मेडल से सम्मानित ब्रिगेडियर सिद्धार्थ मलिक ने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं और छात्र-छात्राओं से कहा कि हर क्षेत्र में सपनों की उड़ान भरें। उन्होंने कहा कि हम विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था हैं फिर भी हमारा निर्यात की तुलना में आयात अधिक है। देश को कोर मैन्युफैक्चरिंग पॉवर हाउस बनाने में लघु उद्योगों की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि 6.30 करोड़ एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनका जीडीपी में 30 प्रतिशत योगदान है। इनका एक्सपोर्ट में 45 प्रतिशत योगदान है। आने वाले पांच साल में इसे हमें दोगुणा करना होगा। तभी हम आने वाली पीढ़ी के लिए विकसित राष्ट्र बना सकेंगे।
फैक्टरी ऑनर्स एसोसिएशन अध्यक्ष किशोर खन्ना ने कहा कि वेंडर की क्षमता का आंकलन उसके माल की गुणवत्ता, लागत और आपूर्ति से होता है। लघु उद्योग भारती राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल ने कहा कि जल्द एमएसएमई कनेक्ट नाम से एक एप लॉन्च होने जा रहा है। इसके माध्यम से कोई भी एमएसएमई से संबंधित जानकारी घर बैठे कर सकेगा।
विज्ञापन
एमएसएमई विकास कार्यालय निदेशक विष्णु कुमार वर्मा ने कहा कि पब्लिक प्रोक्योरमेंट नीति के तहत सरकारी विभागों को 25 प्रतिशत खरीद एमएसएमई से करना अनिवार्य है। उन्होंने लोगों से इनक्यूबेशन, बारकोड, सीडीपी, जेड और लीन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए कहा। बताया कि चैंपियंस पोर्टल के माध्यम से शिकायत निस्तारण किया जा रहा है। प्रधान निदेशक पीपीडीसी सचिन राजपाल ने कहा बौद्धिक संपदा के विषय में बताया। कार्यक्रम में अमित चोपड़ा, अभिषेक सिंह, पुष्पेंद्र सूर्यवंशी, सुरेंद्र मोहन कालरा, जितेंद्र यादव, नेहा मेहतो आदि मौजूद रहे।
प्रदर्शनी: ड्रोन, रोबोटिक्स से लेकर ढलाई उपकरणों का संगम
- फाउंड्री नगर स्थित एमएसएमई- पीपीडीसी लैब में बने उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन ब्रिगेडियर ने किया। प्रदर्शनी में ड्रोन, रोबोटिक्स, ढलाई उपकरणों से लेकर कपड़ा, प्राकृतिक मूर्तियां, जूता व अन्य उत्पादों का संगम था। व्हिज एयरोस्पेस के निदेशक आलियान खान ने ड्रोन प्रदर्शित किए। बताया कि सैन्य कार्यों में इनका उपयोग किया जा रहा है। रोबोटिक्स और अन्य मशीनों के बारे में भी प्रदर्शनी में आए लोगों में उत्सुकता रही। 20 से अधिक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है। समापन बुधवार को होगा।
विज्ञापन
सेना मेडल से सम्मानित ब्रिगेडियर सिद्धार्थ मलिक ने कार्यक्रम में मौजूद युवाओं और छात्र-छात्राओं से कहा कि हर क्षेत्र में सपनों की उड़ान भरें। उन्होंने कहा कि हम विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था हैं फिर भी हमारा निर्यात की तुलना में आयात अधिक है। देश को कोर मैन्युफैक्चरिंग पॉवर हाउस बनाने में लघु उद्योगों की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि 6.30 करोड़ एमएसएमई इकाइयां हैं, जिनका जीडीपी में 30 प्रतिशत योगदान है। इनका एक्सपोर्ट में 45 प्रतिशत योगदान है। आने वाले पांच साल में इसे हमें दोगुणा करना होगा। तभी हम आने वाली पीढ़ी के लिए विकसित राष्ट्र बना सकेंगे।
विज्ञापन
फैक्टरी ऑनर्स एसोसिएशन अध्यक्ष किशोर खन्ना ने कहा कि वेंडर की क्षमता का आंकलन उसके माल की गुणवत्ता, लागत और आपूर्ति से होता है। लघु उद्योग भारती राष्ट्रीय सचिव दीपक अग्रवाल ने कहा कि जल्द एमएसएमई कनेक्ट नाम से एक एप लॉन्च होने जा रहा है। इसके माध्यम से कोई भी एमएसएमई से संबंधित जानकारी घर बैठे कर सकेगा।
विज्ञापन
एमएसएमई विकास कार्यालय निदेशक विष्णु कुमार वर्मा ने कहा कि पब्लिक प्रोक्योरमेंट नीति के तहत सरकारी विभागों को 25 प्रतिशत खरीद एमएसएमई से करना अनिवार्य है। उन्होंने लोगों से इनक्यूबेशन, बारकोड, सीडीपी, जेड और लीन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए कहा। बताया कि चैंपियंस पोर्टल के माध्यम से शिकायत निस्तारण किया जा रहा है। प्रधान निदेशक पीपीडीसी सचिन राजपाल ने कहा बौद्धिक संपदा के विषय में बताया। कार्यक्रम में अमित चोपड़ा, अभिषेक सिंह, पुष्पेंद्र सूर्यवंशी, सुरेंद्र मोहन कालरा, जितेंद्र यादव, नेहा मेहतो आदि मौजूद रहे।
प्रदर्शनी: ड्रोन, रोबोटिक्स से लेकर ढलाई उपकरणों का संगम
- फाउंड्री नगर स्थित एमएसएमई- पीपीडीसी लैब में बने उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन ब्रिगेडियर ने किया। प्रदर्शनी में ड्रोन, रोबोटिक्स, ढलाई उपकरणों से लेकर कपड़ा, प्राकृतिक मूर्तियां, जूता व अन्य उत्पादों का संगम था। व्हिज एयरोस्पेस के निदेशक आलियान खान ने ड्रोन प्रदर्शित किए। बताया कि सैन्य कार्यों में इनका उपयोग किया जा रहा है। रोबोटिक्स और अन्य मशीनों के बारे में भी प्रदर्शनी में आए लोगों में उत्सुकता रही। 20 से अधिक उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है। समापन बुधवार को होगा।