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UP: उटंगन नदी पर रिसॉर्ट के लिए बनाया गया पुल किया जा रहा ध्वस्त, भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद

Tue, 09 Jul 2024 02:21 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Tue, 09 Jul 2024 02:21 PM IST
सार

आगरा के फतेहाबाद में उटंगन नदी पर रिसॉर्ट बनाकर किए गए कब्जे के मामले में एनजीटी के आदेश के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। मंगलवार को यहां पहुंची टीम ने इस पुल को ध्वस्त कर दिया। 
 

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bridge built for the resort on Utangan river is being demolished large number of police forces are present.
उटंगन नदी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के फतेहाबाद में उटंगन नदी पर रिसॉर्ट बनाकर किए गए कब्जे की अमर उजाला में दो मई को प्रकाशित खबर पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने स्वत: संज्ञान लिया था, जिसके बाद आज यहां पुल ध्वस्त किया गया। बाह और फतेहाबाद तहसील के प्रशासन द्वारा अवैध पुल तोड़ने का कार्य शुरू जारी है। बता दें इस नदी पर बने पुल से पानी के प्रवाह रुकने से किसानों को सिंचाई के लिए परेशानी हो रही थी। नदी किनारे निजी रिसोर्ट करोड़ों रुपए के बजट से बनाया जा रहा है। पुल तोड़ने के लिए पोकलेन और जेसीबी मशीनों का प्रयोग हो रहा है। यहां भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद है। 
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उटंगन नदी पर श्री कान्हा इन्फ्रा एस्टेट के अमिय रिसॉर्ट के लिए बनाए गए अवैध पुल को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। अमर उजाला में प्रकाशित खबर पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने स्वत: संज्ञान लिया था, जिसमें प्रशासन को 18 सितंबर की सुनवाई से पहले अपना जवाब दाखिल करना था। उससे पहले प्रशासन ने नदी पर बनाए गए पुल को ध्वस्त कर दिया। मामले में रिसॉर्ट की भी जांच शुरू की गई है।

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मंगलवार को अरनौटा में उटंगन नदी पर बिना अनुमति के बनाए गए पुल को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। सुबह 10 बजे एसडीएम फतेहाबाद अनिल कुमार, बाह की एसडीएम सृष्टि सिंह, एसीपी फतेहाबाद अमरदीप लाल, एसीपी पिनाहट अशोक कुमार, दोनों तहसीलों की संयुक्त राजस्व की टीम, सिंचाई विभाग की टीम भारी पुलिस फोर्स के साथ पोकलेन मशीनों और बुलडोजर लेकर पुल पर पहुंचे। पूरे दिन मशीनों से पुल को तोड़ने का काम किया गया। रिसॉर्ट संचालक रुचि तिवारी पर आरोप है कि इस पुल के निर्माण से उटंगन नदी का पानी रोक दिया गया था। किसानों को सिंचाई के लिए पानी का संकट खड़ा हो गया था।
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नदी पर बनाए गए अवैध पुल के मामले में अमर उजाला ने 2 मई के अंक में खबर प्रकाशित की। जिस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 31 मई को इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया और याचिका संख्या 654/2024 में दर्ज करते हुए सुनवाई की। मामले में जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव की तीन सदस्यीय बेंच ने डीएम आगरा समेत चार विभागों को नोटिस जारी किए थे और 18 सितंबर की तारीख अगली सुनवाई के लिए तय की। चारों विभागों को 18 सितंबर से पहले अपनी रिपोर्ट एनजीटी में दाखिल करनी थी, लेकिन उससे पहले ही प्रशासन ने नदी पर बनाए अवैध पुल को ध्वस्त कर दिया।

उटंगन का पानी रोककर बनाया था पुल

 कान्हा इन्फ्रा एस्टेट के अमिय रिसॉर्ट के लिए बनाए गए अवैध पुल के निर्माण के दौरान नदी का पानी बांध बनाकर रोक दिया गया था। मामले में एनजीटी ने स्वत: संज्ञान लिया, लेकिन उससे पहले पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह और विधायक पक्षालिका सिंह ने जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के सामने मामला रखा था। पूर्व मंत्री अरिदमन सिंह के मुताबिक नदी, तालाब के कैचमेंट एरिया में किसी भी सूरत में निर्माणों के अतिक्रमण को वैध नहीं ठहराया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तहत जोहड़-पोखर अपरिवर्तनीय हैं। प्रशासन पूरे मामले की जांच करे कि रिसॉर्ट निर्माण स्थल पर कहीं वन विभाग एवं सरकारी जमीन का उपयोग तो नहीं किया गया है।

सरकारी जमीन के इस्तेमाल की जांच

रिसॉर्ट स्वामी ने उटंगन नदी पर अवैध पुल का निर्माण किया था, जिसे तोड़ने का काम शुरू कराया गया है। निर्माण की भी जांच की जा रही है। इसकी जमीन की भी जांच की जा रही है। -अनिल कुमार एसडीएम फतेहाबाद

निर्माण पहले, अनुमति मिली बाद में

बाह के अरनौटा में श्री कान्हा एस्टेट के अमिय रिसॉर्ट का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो गया था, लेकिन जिला पंचायत से इनकी अनुमति 10 अप्रैल 2023 को ली गई। उटंगन नदी पर बीते साल से पुल का निर्माण शुरू किया गया, जो इस साल पूरा हुआ। इस पुल के निर्माण के लिए किसी विभाग से अनुमति नहीं ली गई। जिन किसानों ने विरोध किया, आरोप है कि उन्हें प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात कर्मचारियों ने धमका कर भगा दिया। इस प्रोजेक्ट से जुड़ी आईएएस अधिकारी के कारण सरकारी अनुमतियां, पंजीकरण और निर्माण आसान हो गया। पर्यटन विभाग में 29 मई 2023 को पंजीकरण कराया गया।

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