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आगरा: आठ हजार रुपये रिश्वत लेते खंड शिक्षा अधिकारी गिरफ्तार, विजिलेंस ने की कार्रवाई
Thu, 28 Oct 2021 08:12 AM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 28 Oct 2021 08:12 AM IST
सार
खंड शिक्षा अधिकारी बृजराज सिंह के पास 20 दिन पहले तक बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) का प्रभार था। बीएसए राजीव कुमार यादव के स्थानांतरण के बाद से (जुलाई 2021) से बृजराज सिंह बीएसए का प्रभार संभाल रहे थे। सात अक्तूबर को जिले में बीएसए के तौर पर सतीश कुमार का स्थानांतरण हुआ। उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद बृजराज सिंह प्रभार हटा।
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आगरा: रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बेसिक शिक्षा विभाग में शमसाबाद ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी ब्रजराज सिंह बुधवार को आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। टीम ने उन्हें भगवान टाकीज स्थित तुलसी सिनेमा के पास से जाल बिछाकर पकड़ा।
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प्राथमिक विद्यालय लहर पट्टी ब्लॉक शमसाबाद में कार्यरत प्रधानाध्यापक भैरोंनाथ सिंह ने ब्रजराज सिंह के खिलाफ शिकायत की थी। प्रधानाध्यापक ने बताया था कि अपनी जीपीएफ से पांच लाख रुपये का ऋण लेने के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि रिश्वत मांगी गई, लेकिन उन्होंने रिश्वत नहीं दी। इस पर उनकी फाइल को गायब कर दिया गया। इस पर भैरोंनाथ ने दोबारा आवेदन किया। मगर, ऋण नहीं मिल सका।
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शिकायत पर विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया। भैरोंनाथ ने रिश्वत की रकम देने के लिए ब्रजराज सिंह से संपर्क किया। उसने उन्हें तुलसी सिनेमा स्थित एक रेस्टोरेंट के बाहर बुलाया। इस पर टीम भी पहुंच गई। सादा कपड़ों में निरीक्षक थे। रिश्वत की रकम लेते ही ब्रजराज सिंह को पकड़ लिया गया। एसपी विजिलेंस रवि शंकर निम ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उन्हें बृहस्पतिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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मौके पर जुट गई भीड़
टीम के घेरने पर ब्रजराज सिंह ने विरोध किया। मगर, बाद में पुलिस को देखकर शांत हो गए। यह नजारा कुछ लोग देख रहे थे। इस पर भीड़ जुट गई। इस पर टीम उन्हें सुभाष पार्क स्थित कार्यालय लेकर आई। देर रात तक लिखापढ़ी की जा रही थी।
सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे मैसेज
विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई की। इसके बाद लिखा-पढ़ी शुरू की। देर रात तक कार्रवाई चलती रही। अधिकारियों ने अपने फोन भी बंद कर लिए। अधिकारी मीडिया से कुछ बोलते उससे पहले ही सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल हो गया। इसमें पीड़ित से लेकर आरोपी के नाम का मैसेज आने लगा। इससे शिक्षा विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों को भी जानकारी हो गई। कई कर्मचारी शिकायत पर कार्रवाई को सही बताने लगे।
नहीं दिखाया था निलंबन आदेश
चचा रही कि बीएसए का चार्ज लेने के दौरान ब्रजराज सिंह ने एक शिक्षक का गुपचुप तरीके से निलंबन किया था। निलंबन आदेश अपने पास ही रखा था। वेतन बनाए जाने पर लेखा विभाग में आदेश की प्रति भेजी थी। इसकी जानकारी के बाद शिक्षा विभाग का एक गुट ब्रजराज सिंह के खिलाफ हो गया था।
मकान के लिए ऋण लेना चाहते थे भैरोंनाथ
प्रधानाध्यापक भैरोंनाथ सिंह अपना मकान बनवाना चाहते थे। इसके लिए वो पांच लाख रुपये जीपीएफ से निकालना चाहते थे। आरोप है कि रिश्वत की रकम नहीं देने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने उनके आवेदन की फाइल गायब कर दी। उन्होंने कहा था कि फाइल तभी मिलेगी, जब वो रिश्वत की रकम देंगे।
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विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई की। इसके बाद लिखा-पढ़ी शुरू की। देर रात तक कार्रवाई चलती रही। अधिकारियों ने अपने फोन भी बंद कर लिए। अधिकारी मीडिया से कुछ बोलते उससे पहले ही सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल हो गया। इसमें पीड़ित से लेकर आरोपी के नाम का मैसेज आने लगा। इससे शिक्षा विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों को भी जानकारी हो गई। कई कर्मचारी शिकायत पर कार्रवाई को सही बताने लगे।
नहीं दिखाया था निलंबन आदेश
चचा रही कि बीएसए का चार्ज लेने के दौरान ब्रजराज सिंह ने एक शिक्षक का गुपचुप तरीके से निलंबन किया था। निलंबन आदेश अपने पास ही रखा था। वेतन बनाए जाने पर लेखा विभाग में आदेश की प्रति भेजी थी। इसकी जानकारी के बाद शिक्षा विभाग का एक गुट ब्रजराज सिंह के खिलाफ हो गया था।
मकान के लिए ऋण लेना चाहते थे भैरोंनाथ
प्रधानाध्यापक भैरोंनाथ सिंह अपना मकान बनवाना चाहते थे। इसके लिए वो पांच लाख रुपये जीपीएफ से निकालना चाहते थे। आरोप है कि रिश्वत की रकम नहीं देने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने उनके आवेदन की फाइल गायब कर दी। उन्होंने कहा था कि फाइल तभी मिलेगी, जब वो रिश्वत की रकम देंगे।
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