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Agra News: उच्च न्यायालय खंडपीठ के लिए 10 को न्यायिक कार्य बहिष्कार

Fri, 07 Aug 2026 01:49 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 07 Aug 2026 01:49 AM IST
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Boycott of judicial work on the 10th for High Court Bench
आगरा। उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति ने बृहस्पतिवार को एक बैठक की। मांग पूरी न होने पर समिति ने 10 अगस्त को न्यायिक कार्य बहिष्कार का आह्वान किया है। आगरा और अलीगढ़ मंडल के सभी अधिवक्ता इस आह्वान का समर्थन करेंगे।
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संघर्ष समिति के संयोजक अरुण सोलंकी ने बताया कि उच्च न्यायालय खंडपीठ की मांग कई दशकों पुरानी है। 14 मार्च, 1981 को मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खंडपीठ के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद 4 सितंबर, 1981 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जस्टिस जसवंत सिंह आयोग का गठन किया। आयोग ने 1985 में आगरा को खंडपीठ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त स्थान बताया था। हालांकि, केंद्र सरकार ने अब तक यह आख्या लागू नहीं की है। अटल बिहारी वाजपेयी ने भी राज्यसभा में इसे लागू करने की मांग की थी। औरंगाबाद व अन्य शहरों में ऐसी खंडपीठें बन चुकी हैं, लेकिन आगरा में नहीं।
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लंबे समय से चल रहा आंदोलन
अधिवक्ता 40 साल से खंडपीठ की मांग पर आंदोलन कर रहे हैं। वर्ष 1986 में आगरा से दिल्ली तक पैदल मार्च हुए और कई बार आगरा बंद रहा। वर्ष 2001 में आंदोलन के दौरान अधिवक्ताओं को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। 25 सितंबर 2001 को मथुरा में लाठीचार्ज हुआ, जिसमें कई अधिवक्ता घायल हुए। उन पर झूठे मामले भी दर्ज किए गए। अगले दिन, 26 सितंबर 2001 को जनपद न्यायालय परिसर में भी अधिवक्ताओं को चोट पहुंचाई गई। जस्टिस गिरधर मालवीय आयोग ने पुलिस अधिकारियों को उत्तरदायी ठहराया, लेकिन क्षतिपूर्ति अब तक नहीं मिली।
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