आगरा: एक अक्तूबर को करिए रक्तदान, अमर उजाला फाउंडेशन लगा रहा है शिविर
रक्तदान करने में झिझकें नहीं। इसके कई लाभ हैं। आपकी पांच बीमारियों की जांच निशुल्क होगी, चार मरीजों के इलाज में भी आपका रक्त उपयोगी साबित होगा। कदम बढ़ाएं और रक्तदान करें।
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आगरा और फिरोजाबाद में डेंगू, वायरल बुखार और अन्य मरीजों के उपचार के लिए ब्लड बैंकों में रक्त की कमी हो रही है। ऐसे हालात में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर एक अक्तूबर को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों में आप भी रक्तदान कर सकते हैं। रक्तदान शिविरों में पांच बीमारियों की जांच निशुल्क होगी।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नीतू चौहान ने बताया कि रक्तदान करने वाले व्यक्ति के रक्त से मलेरिया, सिफलिस, एचआईवी और हेपेटाइटिस बी और सी की जांच की जाती है। इसका कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। किसी में बीमारी मिलने पर संबंधित को फोन पर जानकारी देकर इलाज कराने को कहते हैं। समय से जानकारी पर उचित उपचार होता है।
उन्होंने बताया कि रक्त की इस यूनिट को मेडिकल छात्रों को पढ़ाई के लिए उपलब्ध कराया जाता है। रक्त की एक यूनिट से प्लाज्मा, प्लेटलेट्स, लाल रक्त कण और श्वेत रक्त कण अवयव बनते हैं, जो मरीजों में हीमोग्लोबिन बढ़ाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, रक्तश्राव होने पर खून का थक्का जमाने और प्लेटलेट्स बढ़ाने जैसे कार्य करता है।
युवाओं, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से रक्तदान की अपील
डेंगू और वायरल बुखार के चलते ब्लड बैंक में रक्त की कमी है, ऐसे में अमर उजाला फाउंडेशन युवा, छात्र, सामाजिक कार्यकर्ता और एनएसएस के स्वयंसेवकों से रक्तदान करने की अपील करता है। फाउंडेशन की ओर से ऐसे महादानियों को प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। शिविर एक अक्तूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर अमर उजाला कार्यालय गुरुद्वारा गुरु का ताल, एसएन मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक और जिला अस्पताल ब्लड बैंक में लगाया जाएगा।
ये लोग कर सकते हैं रक्तदान
- कोरोना वायरस का संक्रमण ठीक होने के 28 दिन बाद।
- कोरोना से बचाव का टीका लगने के 14 दिन के बाद में।
- 18 से 60 साल के स्वस्थ महिला-पुरुष कर सकते हैं।
- रक्तदान करने वाले का वजन 45 किलो से अधिक हो।
- डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड के ठीक होने के छह महीने के बाद।