फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Black Marketing Of Government Rice In Kagarol

गरीबों के हक पर डाका : दिल्ली के रेस्तरां में सप्लाई होने से पहले पकड़ा सरकारी चावल

Wed, 07 Oct 2020 12:16 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 07 Oct 2020 12:16 AM IST
सार

प्रभारी डीएसओ विमल सिकरवार ने बताया कि टेढ़ी बगिया रोड स्थित गोदाम से मिले 148 कट्टे गेहूं-चावल बरामदी मामले में डीएम की
अनुमति मिलने के बाद नगला जमुनी निवासी मोहित कुमार, नगला रामबल निवासी अवनीश कुमार, कमला नगर निवासी राजेश गुप्ता
के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए एत्माउदौला में तहरीर दे दी है।

विज्ञापन
Black Marketing Of Government Rice In Kagarol
पकड़ा गया सरकारी राशन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के एत्माद्दौला में सरकारी चावल और गेहूं पकड़े जाने के दूसरे दिन ही कागारौल में कालाबाजारी पकड़ी गई है। यहां से 366 क्विटंल सरकारी चावल ट्रक में लादकर दिल्ली ले जाया जा रहा था। पुलिस ने इसे पकड़ लिया। इनसे पूछताछ के बाद आपूर्ति विभाग ने छह लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम का मुकदमा दर्ज कराया है।
विज्ञापन


पुलिस ने चालक और हेल्पर से पूछताछ में राजेश गुप्ता, रजत रहपुरिया, शेरू उर्फ रामकिशन, सतीश गुप्ता और नीतेश कुमार नाम बताए। उन्होंने बताया कि इन चावलों को दिल्ली लेकर जा रहे हैं।
विज्ञापन



इसमें राजेश गुप्ता का नाम यमुनापार टेढ़ी बगिया रोड पर सोमवार को जब्त किए 148 कट्टे राशन में भी सामने आया है। प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी विमल सिकरवार ने बताया कि छह लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

148 कट्टों के मामले में भी मुकदमा दर्ज
प्रभारी डीएसओ विमल सिकरवार ने बताया कि टेढ़ी बगिया रोड स्थित गोदाम से मिले 148 कट्टे गेहूं-चावल बरामदी मामले में डीएम की अनुमति मिलने के बाद नगला जमुनी निवासी मोहित कुमार, नगला रामबल निवासी अवनीश कुमार, कमला नगर निवासी राजेश गुप्ता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के लिए एत्माउदौला में तहरीर दे दी है।


गरीबों से खरीदकर दिल्ली के होटलों में बेचा जा रहा था सरकारी गेहूं-चावल
माफिया राशन की कालाबाजारी कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। गरीबों से 15 रुपये किलो में गेहूं और चावल खरीदकर दिल्ली के होटल, रेस्टोरेंट और आटा चक्की में 25 रुपये किलो में बेच रहे हैं। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने यह जानकारी आपूर्ति अधिकारियों को दी है।

 
लॉकडाउन से हर कार्डधारक को एक महीने का राशन (गेहूं और चावल) निशुल्क दिया जा रहा है। माफिया ने ऐसे गरीबों को चुना जिन्हें पैसे की सख्त जरूरत थी। उन्हें गेहूं और चावल खरीदने का लालच दिया, वे बातों में आ गए। इनसे खरीदकर स्टॉक कर लिया। इसके बाद दिल्ली में बेचने लगे। प्रत्येक किलो पर दस रुपये कमा रहे थे। इसे आटा मिल, रेस्टोरेंट-होटल, ढाबा संचालकों के बेच रहे हैं।
 

मिलावटखोरों ने भी खरीदा चावल 
मिलावटखोर चावल को गेहूं के साथ पीस कर आटा की बिक्री करते हैं। इसमें पांच किलो गेहूं में एक किलो चावल पीसते हैं, जिससे आटा सफेद और रोटी चमकदार बनती हैं। अच्छी गुणवत्ता का गेहूं समझकर ग्राहक ऐसे आटे को ज्यादा तरजीह देकर खरीदता है।

प्रभारी डीएसओ विमल सिकरवार ने बताया कि सस्ता चावल खरीदकर माफिया गेहूं के साथ चावल पीसकर बिक्री करते हैं। दिल्ली के होटलों में सरकारी राशन की कालाबाजारी कर रहे हैं। यमुनापार और कागारौल दोनों मामलों के तार जुड़े हुए हैं, मुकदमा दर्ज करा दिया है, पुलिस गैंग के सरगना को जल्द पकड़ लेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed