फिरोजाबाद: 54 साल की महिला में ब्लैक फंगस की पुष्टि, एक आंख से दिखना हुआ बंद
कोरोना संकट के बीच ब्लैक फंगस ने भी सुहागनगरी में दस्त दे दी है। एक महिला ब्लैक फंगस से संक्रमित मिली है। उसने जयपुर में जांच कराई थी।
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फिरोजाबाद में 54 साल की महिला में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। महिला को आंख में सूजन के बाद पूरी तरह दिखना बंद हो गया है। जयपुर में मरीज को ब्लैक फंगस की पूरी दवा नहीं मिली तो परिजन उसे फिरोजाबाद स्थित घर पर ले आए। ब्लैक फंगस का मरीज मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट नहीं हुआ है। अधिकारी एक-दूसरे के पाले में गेंद फेंक रहे हैं।
शहर के महावीर नगर गली नंबर दो निवासी रामवती की सीधी आंख में सूजन आने के साथ पूरी तरह दिखना बंद हो गया है। परिजनों ने बताया कि महिला की कोरोना जांच कराई जा चुकी है, मगर रिपोर्ट निगेटिव आई है। महिला को डायबिटीज 650 तक पहुंच गई थी। महिला को जब आंख में तकलीफ हुई तो जयपुर अस्पताल में दिखाने के लिए 17 मई को ले गए। 19 मई को रिपोर्ट आई तो ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई।
दवाएं न मिलने पर जयपुर से फिरोजाबाद लाए
जयपुर में महिला का इलाज हो रहा था। मगर पूरी दवाएं नहीं मिल पाने के कारण मरीज को परिजन घर पर ले आए। परिजनों ने दवा के लिए स्वास्थ्य विभाग से गुहार लगाई है। शाम को परिजन सदर विधायक मनीष असीजा के पास अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे। उन्होंने तत्काल मेडिकल कालेज के प्राचार्या संगीता अनेजा को जानकारी दी। मरीज को भर्ती करने को कहा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ ने बताया कि 54 वर्षीय महिला में ब्लैक फंगस से ग्रसित होने की जानकारी लगी है। महिला की जयपुर में जांच हुई तो उस रिपोर्ट में ब्लैक फंगस होने की बात सामने आई है। हमने नोडल अधिकारी बीपी सिंह को निर्देशित कर दिया है। महिला को बेहतर उपचार की व्यवस्था की जाएगी।
महामारी घोषित, फिर भी सर्तकता नहीं
सीएमओ कार्यालय में महिला के ब्लैक फंगस होने की सूचना रविवार को सुबह ही पहुंच गई थी। इसके बाद शाम तक स्वास्थ्य विभाग की टीम नहीं पहुंची। ब्लैक फंगस से ग्रसित महिला घर पर ही है। स्वास्थ्य अधिकारी एक दूसरे पर टालते रहे।
इसी तरह अन्य मरीजों में ब्लैक फंगस के लक्षण मिले हैं। दो मरीजों को इसके पहले भी ब्लैंक फंगस के लक्षण मिल चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने सिरे से नकार दिया। उनसे स्वास्थ्य अधिकारियो ने संपर्क करने का प्रयास तक नहीं किया है। जबकि निजी नेत्र रोग विशेषज्ञों के पास कई मरीज आ रहे हैं।