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UP: पशुओं की नकली दवा का काला कारोबार... मुंबई-दिल्ली से कच्चा माल, हिमाचल-उत्तराखंड से खरीदी मशीनें
Thu, 14 Nov 2024 11:54 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 14 Nov 2024 11:54 AM IST
सार
आगरा के शास्त्रीपुरम में पशुओं की नकली दवाएं बनाई जा रहा थीं। पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त कार्रवाई के दौरान ये खुलासा हुआ है। जीजा-साले पुरानी मशीनों का इस्तेमाल करते थे। इनकी खरीद हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड से खरीद करते थे।
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मशीनें
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में पशुओं की नकली दवा बनाने के लिए जीजा-साले पुरानी मशीनों का इस्तेमाल करते थे। इनकी खरीद हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड से खरीद करते थे। दवाएं बनाने के लिए कच्चा माल मुंबई और दिल्ली से मंगाते थे। इसमें एजेंट मदद करता था, जिसको तय कमीशन मिलता है।
पुलिस ने बताया कि अश्वनी और सौरभ से पूछताछ में जानकारी मिली कि दवाएं, इंजेक्शन बनाने के लिए कच्चा माल मुंबई और दिल्ली से खरीद करते थे। कूरियर सर्विस और पार्सल के जरिये कच्चा माल आता था। जिस दवा की मांग अधिक होती थी, उसी के आधार पर इनको मंगवाते थे।
खाली बोतल, शीशी, रैपर, प्रिंटिंग मशीन, मिक्चर प्लांट समेत अन्य मशीनों की खरीद हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड की बंद हुई फैक्टरी और रिटायर्ड की जाने वाले मशीनों को खरीदते थे। ये कार्य एजेंट के जरिये होता था, जिनका कच्चा माल और मशीनरी उपलब्ध कराने पर कमीशन तय था।
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सात जिलों की औषधि विभाग की टीम जांच में जुटी
पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने दोनों फैक्टरी पर छापा मारा। यहां दवाओं का भंडारण देख 7 जिलों से औषधि विभाग की टीम बुलाई। इसमें आगरा मंडल से मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और अलीगढ़ मंडल से दो और कानपुर के औषधि विभाग की टीम बुलानी पड़ी। अभी कार्रवाई चल रही है।
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पुलिस ने बताया कि अश्वनी और सौरभ से पूछताछ में जानकारी मिली कि दवाएं, इंजेक्शन बनाने के लिए कच्चा माल मुंबई और दिल्ली से खरीद करते थे। कूरियर सर्विस और पार्सल के जरिये कच्चा माल आता था। जिस दवा की मांग अधिक होती थी, उसी के आधार पर इनको मंगवाते थे।
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खाली बोतल, शीशी, रैपर, प्रिंटिंग मशीन, मिक्चर प्लांट समेत अन्य मशीनों की खरीद हिमाचल प्रदेश-उत्तराखंड की बंद हुई फैक्टरी और रिटायर्ड की जाने वाले मशीनों को खरीदते थे। ये कार्य एजेंट के जरिये होता था, जिनका कच्चा माल और मशीनरी उपलब्ध कराने पर कमीशन तय था।
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सात जिलों की औषधि विभाग की टीम जांच में जुटी
पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने दोनों फैक्टरी पर छापा मारा। यहां दवाओं का भंडारण देख 7 जिलों से औषधि विभाग की टीम बुलाई। इसमें आगरा मंडल से मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी और अलीगढ़ मंडल से दो और कानपुर के औषधि विभाग की टीम बुलानी पड़ी। अभी कार्रवाई चल रही है।