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आगरा से 43 साल बाद विधानसभा पहुंची आधी आबादी
आगरा से 43 साल बाद विधानसभा पहुंची आधी आबादी
Updated Sun, 12 Mar 2017 01:06 AM IST
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आगरा से 43 साल बाद विधानसभा पहुंची आधी आबादी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ताजनगरी के जनादेश में आधी आबादी ने भी इतिहास का नया अध्याय रचा है। 43 साल बाद विधानसभा में महिला पहुंची हैं। एक साथ दो महिला उम्मीदवारों की जीत तो 55 साल बाद हुई है। महिला वोटरों ने जमकर वोट भी डाले थे। आगरा ग्रामीण से हेमलता दिवाकर और बाह से पक्षालिका सिंह को जीत मिली है। दोनों पिछला चुनाव भी लड़ी थीं लेकिन जीत नहीं पाई थी। फर्क यह रहा कि तब दोनों सपा के सिंबल पर लड़ी थीं, दूसरे नंबर पर रहीं। इस बार दोनों भाजपा का टिकट लेकर मैदान में उतरीं और सिर पर जीत का सेहरा बंध गया। इससे पहले 1962 में ऐसा हुआ था जब दो सीटों से महिला जीतीं थीं। तब बाह से विद्यावती और फतेहपुर सीकरी से चंपावती ने जीत दर्ज की थी। चंपावती ने कुंवरसेन को हराया था। विद्यावती ने राम स्वरूप को। इसके बाद 1974 में फतेहपुर सीकरी से चंपावती दूसरी बार विधायक बनीं थी। तब से अभी तक कोई महिला उम्मीदवार जीत नहीं पाई थी।
कुंदनिका की जमानत जब्त
आगरा। कुंदनिका शर्मा भाजपा छोड़कर सपा में आईं। सपा में पहले टिकट मिला। फिर कट गया। इसकेबाद जूता चुनाव चिह्न पर निर्दलीय लड़ीं। जब भाजपा में थीं, तब तेज तर्रार नेता मानी जाती थीं। निर्दलीय लड़ीं तो छाप नहीं छोड़ पाई। उनकी जमानत जब्त हो गई।
जगन, पक्षालिका, बघेल मंत्री पद की दौड़ में
( फोटो लालबत्ती )
आगरा।
भाजपा विधायकों के बीच मंत्री पद की दौड़ शुरू हो गई है। आगरा से तीन नाम उठे हैं। पहला पक्षालिका सिंह का। कारण, वह राजा अरिदमन सिंह की पत्नी हैं, जो छह बार बाह से विधायक रहे हैं और भाजपा और सपा की सरकार में मंत्री भी रहे। चुनाव से ऐन पहले सपा छोड़ भाजपा में आए। दूसरे, जगन प्रसाद गर्ग हैं। कारण, उत्तर सीट से पांचवीं बार लगातार जीते हैं। उत्तर सीट ही नहीं, आगरा और आस-पास के जिलों में वैश्य समाज में उनकी पकड़ है। तीसरे एसपी सिंह बघेल हैं। जीते फिरोजाबाद की टूंडला सीट से हैं, रहने वाले आगरा के हैं। फिरोजाबाद और जलेसर से सांसद रहे हैं। पिछड़ा वर्ग के बड़े नेता हैं। ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी रहे हैं।
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कुंदनिका की जमानत जब्त
आगरा। कुंदनिका शर्मा भाजपा छोड़कर सपा में आईं। सपा में पहले टिकट मिला। फिर कट गया। इसकेबाद जूता चुनाव चिह्न पर निर्दलीय लड़ीं। जब भाजपा में थीं, तब तेज तर्रार नेता मानी जाती थीं। निर्दलीय लड़ीं तो छाप नहीं छोड़ पाई। उनकी जमानत जब्त हो गई।
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जगन, पक्षालिका, बघेल मंत्री पद की दौड़ में
( फोटो लालबत्ती )
आगरा।
भाजपा विधायकों के बीच मंत्री पद की दौड़ शुरू हो गई है। आगरा से तीन नाम उठे हैं। पहला पक्षालिका सिंह का। कारण, वह राजा अरिदमन सिंह की पत्नी हैं, जो छह बार बाह से विधायक रहे हैं और भाजपा और सपा की सरकार में मंत्री भी रहे। चुनाव से ऐन पहले सपा छोड़ भाजपा में आए। दूसरे, जगन प्रसाद गर्ग हैं। कारण, उत्तर सीट से पांचवीं बार लगातार जीते हैं। उत्तर सीट ही नहीं, आगरा और आस-पास के जिलों में वैश्य समाज में उनकी पकड़ है। तीसरे एसपी सिंह बघेल हैं। जीते फिरोजाबाद की टूंडला सीट से हैं, रहने वाले आगरा के हैं। फिरोजाबाद और जलेसर से सांसद रहे हैं। पिछड़ा वर्ग के बड़े नेता हैं। ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय प्रभारी रहे हैं।
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