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भाजपा ने पूरा नहीं किया वादा: बाबूलाल
अमर उजाला ब्यूरो आगरा।
Updated Wed, 15 Mar 2017 11:37 PM IST
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chaudhary babulal
- फोटो : AmarUjala
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आलू किसानों की समस्याओं के मद्देनजर फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी चौधरी बाबूलाल ने लोकसभा सदन में सवाल लगाते हुए अपनी सरकार पर निशाना साधा है। कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के घोषणापत्र में कहा गया था कि हर किसान को फसल की लागत का डेढ़ गुना मूल्य देंगे लेकिन किसानों को आज तक नहीं मिला है। सांसद ने आलू का समर्थन मूल्य 700-800 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है।
सांसद चौधरी बाबूलाल ने फोन पर बताया कि उन्होंने संसद के नियम 377 के तहत सदन में सवाल लगया है। उन्होंने लिखित सवाल में कहा है कि बाजार में आलू का कोई खरीददार नहीं है। किसानों को 100 रुपये क्विंटल पर आलू बेचना पड़ रहा है या फिर मजबूरी में कोल्ड स्टोरेज में रखना पड़ रहा है। किसान की लागत मूल्य करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल आती है। कोल्ड का भाड़ा अलग से देना पड़ रहा है। इसी वजह से किसान आत्महत्या कर रहे हैं। जबकि आलू की चिप्स करीब 500 रुपये किलो बिकती है और आलू 100 क्विंटल बिक रहा है। उन्होंने कहा कि किसान आयोग का गठन किया जाना चाहिए। आलू का समर्थन मूल्य करीब 700-800 रुपये प्रति क्विंटल हो। आलू की फसल की खरीद सरकार के तहत हो। आगरा में आलू प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएं। आगरा में आलू का निर्यात केंद्र खोला जाए। उन्होंने कहा कि इस पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आलू किसान बिल्कुल बर्बाद हो जाएगा, जिसका बुरा असर पर सरकार पर पड़ेगा।
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सांसद चौधरी बाबूलाल ने फोन पर बताया कि उन्होंने संसद के नियम 377 के तहत सदन में सवाल लगया है। उन्होंने लिखित सवाल में कहा है कि बाजार में आलू का कोई खरीददार नहीं है। किसानों को 100 रुपये क्विंटल पर आलू बेचना पड़ रहा है या फिर मजबूरी में कोल्ड स्टोरेज में रखना पड़ रहा है। किसान की लागत मूल्य करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल आती है। कोल्ड का भाड़ा अलग से देना पड़ रहा है। इसी वजह से किसान आत्महत्या कर रहे हैं। जबकि आलू की चिप्स करीब 500 रुपये किलो बिकती है और आलू 100 क्विंटल बिक रहा है। उन्होंने कहा कि किसान आयोग का गठन किया जाना चाहिए। आलू का समर्थन मूल्य करीब 700-800 रुपये प्रति क्विंटल हो। आलू की फसल की खरीद सरकार के तहत हो। आगरा में आलू प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएं। आगरा में आलू का निर्यात केंद्र खोला जाए। उन्होंने कहा कि इस पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो आलू किसान बिल्कुल बर्बाद हो जाएगा, जिसका बुरा असर पर सरकार पर पड़ेगा।
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